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हनुमान ने जलाया लंका
Updated Thu, 28 Sep 2017 12:27 AM IST
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सतहरिया। मुंगरा बादशाहपुर के मोहल्ला गुड़ाही में चल रहे रामलीला में बारहवें दिन लंका दहन लीला का मंचन स्थानीय कलाकारों ने बहुत आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। प्रभु हनुमान ने जब मां सीता की खोज में लंका पहुंचे तो उन्हें पता चला कि वह अशोक वाटिका में हैं। तो उन्होंने श्रीराम के सेवक के रूप में उन्हें अपना परिचय दिया। मां सीता की दुर्दशा देखकर प्रभु हनुमान को बहुत कष्ट हुआ। मां सीता की आज्ञा लेकर फल खाने के साथ ही हनुमान पूरे अशोक वाटिका को तहस-नहस कर दिया। जब रावण को इस बात की सूचना दी गई तो उसने मेघनाथ को बलशाली बंदर को पकड़ कर दरबार में लाने के लिए भेजा।
रावण ने हनुमान की पूंछ में आग लगाने का आदेश दिया। हनुमान की पूंछ में आग लगते ही पूरी सोने की लंका धू धू कर जलकर राख हो गई। दर्शक आनंदित हो कर जोर से प्रभु श्रीराम व हनुमान के जायकारा लगाने से समूचा पंडाल गूंज उठा। हनुमान मां सीता से निशानी लेकर प्रभु श्रीराम के दरबार में वापस लौट आए। राम दीपक, लक्ष्मण अंजनी, सीता शेरू गुप्ता, हनुमान देवी प्रसाद गुप्ता, रावण दिनेश गुप्ता ने भूमिका निभाई। ब्यास राजमणि पाण्डेय द्धारा प्रस्तुत चौपाई व हरमोनिया वादक रामसिंह ने रामलीला को रोचक बना दिया। पशुपति नाथ मुन्ना व बयोबृद्ध रामलीला कलाकार संगमलाल गुप्त ने भगवान की आरती उतार कर रामलीला शुरू कराई।
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रावण ने हनुमान की पूंछ में आग लगाने का आदेश दिया। हनुमान की पूंछ में आग लगते ही पूरी सोने की लंका धू धू कर जलकर राख हो गई। दर्शक आनंदित हो कर जोर से प्रभु श्रीराम व हनुमान के जायकारा लगाने से समूचा पंडाल गूंज उठा। हनुमान मां सीता से निशानी लेकर प्रभु श्रीराम के दरबार में वापस लौट आए। राम दीपक, लक्ष्मण अंजनी, सीता शेरू गुप्ता, हनुमान देवी प्रसाद गुप्ता, रावण दिनेश गुप्ता ने भूमिका निभाई। ब्यास राजमणि पाण्डेय द्धारा प्रस्तुत चौपाई व हरमोनिया वादक रामसिंह ने रामलीला को रोचक बना दिया। पशुपति नाथ मुन्ना व बयोबृद्ध रामलीला कलाकार संगमलाल गुप्त ने भगवान की आरती उतार कर रामलीला शुरू कराई।
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