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महिला दिवस पर हक के लिए मुखर हुईं महिलाएं

Tue, 08 Mar 2016 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Tue, 08 Mar 2016 11:32 PM IST
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On Women's Day, women were entitled to articulate
बैठक को संबोधित करतीं सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष मांडवी निरंजन । - फोटो : अमर उजाला
विश्व महिला दिवस पर महिलाएं अपने हकों के लिए मुखर नजर आईं। राजनीति से लेकर सरकारी व सामाजिक क्षेत्र तक महिलाओं ने अपनी आवाज बुलंद की और हक मांगा।
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 मंगलवार को सपा कार्यालय में आयोजित फ्रंटल संगठनों की बैठक में महिलाओं ने अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में महिलाओं की उपेक्षा की जा रही है।

महिलाएं पदाधिकारियों और नेताओं के पास चक्कर काटती हैं पर उनकी सुनवाई नहीं होती। यहां तक की महिलाओं के चुनाव में किसी नेता द्वारा मदद न करने का भी आरोप लगाया। वहीं, महिला दिवस पर कलेक्ट्रेट में आयोजित प्रदेश सरकार के कार्यक्रम का आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बहिष्कार कर दिया। प्रदेश व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते
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हुए उन्होंने डीएम का घेराव कर दिया। इसी क्रम में बीते दिनों मासूम के साथ रेप के बाद हत्या मामले में भी ग्रीन गैंग की महिलाएं आगे आईं और उन्होंने मासूम को न्याय दिलाने के लिए डीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द खुलासे की मांग की।
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सपा की बैठक में फूटा आक्रोश
सपा के फ्रंटल संगठनों की बैठक मंगलवार को पार्टी कार्यालय पर हुई। इसमें महिला सभा की जिलाध्यक्ष मांडवी निरंजन ने कहा कि जिला कार्यकारिणी व पार्टी के बड़े नेता महिलाओं को तवज्जो नहीं देते हैं। जिलाध्यक्ष होने के बावजूद उनकी भी उपेक्षा की जाती है। कहा कि कुछ माह पूर्व संपन्न हुए जिला पंचायत चुनाव में वह एट जिला पंचायत से प्रत्याशी थीं।

पार्टी के किसी भी नेता, जिलाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने उनका सहयोग नहीं किया। कोई भी जनसंपर्क करने नहीं आया। वह अकेले दम पर चुनाव लड़ीं और थोड़े अंतर से हारीं। अगर पार्टी नेताओं व जिला कार्यकारिणी ने उनका सहयोग किया होता तो वह जीत सकती थीं। यह तब हुआ जबकि  वह पार्टी के हर कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी करती हैं।

अकीदा व बतूलन ने कहा कि पार्टी में अल्पसंख्यक महिलाओं का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। कहा कि खुद की वृद्धावस्था पेंशन चालू कराने के लिए कई बार जिलाध्यक्ष चौधरी धीरेंद्र यादव को प्रार्थना पत्र दिया पर आज तका पेंशन शुरू नहीं हो सकी है। इससे महिलाओं का मनोबल टूट रहा है। पूर्व जिलाध्यक्ष रश्मि भारद्वाज ने भी कहा कि पार्टी में महिलाओं

की उपेक्षा हो रही है। बैठक में जमीला बेगम, गुड्डी पटेल, रेखा परिहार, मुलायम सिंह यूथ बिग्रेड के जिलाध्यक्ष इमरान उल्ला, शिवम सोनी, जमालुद्दीन पप्पू, प्रिंस निरंजन, रमाकांत पनियारा, रामजी गुप्ता, स्वतंत्र श्रीवास्तव, अकील अंसारी, मोहन दीक्षित, हरेंद्र सिंह यादव आदि मौजूद रहे।

शामिल नहीं हुए कई फ्रंटल संगठन
समाजवादी पार्टी के हाईकमान से माह की आठ तारीख को सभी फ्रंटल संगठनों की बैठक का निर्देश है। बावजूद इसके मंगलवार को फ्रंटल संगठनों की बैठक में केवल महिला सभा व यूथ ब्रिगेड के पदाधिकारी ही शािमल हुए। समाजवादी लोहिया वाहिनी, छात्र सभा, युवजन सभा का कोई भी पदाधिकारी शामिल नहीं हुआ। इससे पहले सपा मेन बॉडी की बैठक छह माह से न होने के कारण भी पार्टी में विरोध के स्वर उठ चुके हैं। ऐसे में फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी भी इसी राह पर चल पड़े हैं जो पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं माने जा रहे हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने किया कार्यक्रम का बहिष्कार
मांगें पूरी न होने से आक्रोशित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने मंगलवार को विश्व महिला दिवस पर आयोजित प्रदेश सरकार के कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। लखनऊ में महिला दिवस पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कार्यक्रम था। इसमें मुख्यमंत्री सरकार द्वारा महिलाओं के लिए किए गए कार्यों के बारे में बता रहे थे। इस कार्यक्रम का हर जिले में लाइव प्रसारण

था। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मंगलवार को कलेक्ट्रेट बुलाया गया था। कार्यकत्रियों ने इसका बहिष्कार कर दिया और प्रदेश व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं। कार्यकत्रियों ने डीएम रामगणेश का घेराव भी किया और प्रधानमंत्री को संबोधित एक मांग पत्र सौंपा। इसमें मांग की है कि उन्हें राजकीय कर्मचारी घोषित कर सभी मान्य

वेतन व सुविधाएं दी जाएं। आईसीडीएस योजना के  निजीकरण के कदमों को भारत सरकार तुरंत वापस ले। नियमितीकरण लंबित रहने तक 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू किया जाए। न्यूनतम वेतन 15000 रुपये प्रतिमाह किया जाए। इस दौरान महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की संयोजक रेशमा खातून, सविता सिंह, प्रीती सिंह,

छाया देवी, संगीता देवी, आशा देवी, रेखा देवी, सुशील, माया देवी, अनीसा आदि मौजूद रहीं।  

ग्रीन गैंग ने की हत्या के  खुलासे की मांग
आठ दिन पहले शहर के राठ रोड स्थित एक विवाह समारोह में आई सात वर्षीय मासूम को अगवा कर रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अभी तक कोतवाली पुलिस के हाथ खाली है। इसको लेकर ग्रीन गैंग ने डीएम को ज्ञापन देकर मामले के जल्द खुलासे की मांग की है। ग्रीन गैंग की जिलासंयोजक सुमन गोस्वामी ने डीएम रामगणेश को ज्ञापन

देकर मासूम से रेप व हत्या के आरोपियाें को जल्दी गिरफ्तार किए जाने की मांग की। साथ ही संगठन ने स्कूलाें व विवाह घराें में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए


जाने की मांग की। जिससे महिलाआें या बेटियाें पर होने वाले अत्याचाराें की जानकारी हो सके। इसके अलावा महिलाआें व युवतियाें की सुरक्षा की पुलिस नैतिक जिम्मेदारी ले। इस दौरान शशि चौहान, साधना सिंह राजावत, ज्योतिस्ना भदौरिया, राधा राजावत, रिंकी पाल, सुनीता , उषा बाथम आदि मौजूद रहीं।
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