{"_id":"d99a3985a0391be480cb5831e744c041","slug":"investigation-in-role-of-pac-in-muzaffarnagar-violence","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंसा में पीएसी की भूमिका की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंसा में पीएसी की भूमिका की जांच शुरू
अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 01 Nov 2013 01:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के हुसैनपुर कलां के तिहरे हत्याकांड में पीएसी की भूमिका की जांच शुरू हो गई है। मेरठ से पहुंचे जांच अधिकारी ने वारदात के वक्त पीएसी की मौजूदगी की जांच की। असलहों की संख्या भी जांची गई।
विज्ञापन
मोहम्मदपुर में तैनात बटालियन ने जांच अधिकारी को बताया कि जिस वक्त वह मौके पर पहुंचे, हत्याएं हो चुकी थी।
बुधवार शाम हुसैनपुर गांव के जंगल में तीन युवकों की हत्या के बाद पीएसी की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए थे। मोहम्मदपुर के लोगों का कहना था कि पीएसी की गोली से ही तीनों युवक मरे हैं।
विज्ञापन
हिंसा के बाद गांव में डेल्टा कंपनी की 38वीं बटालियन अलीगढ़ को तैनात किया गया था। बृहस्पतिवार को मेरठ से जांच अधिकारी बीएल आर्य ने मोहम्मदपुर पहुंचकर पोस्ट अधिकारियों से वारदात की जानकारी ली।
विज्ञापन
अलीगढ़ बटालियन के जवानों ने बताया कि ग्रामीणों ने उन्हें जंगल में बदमाश होने की सूचना दी थी। इस पर वह पैदल ही जंगल की तरफ चल दिए। स्थानीय पुलिस गाइड (भौराकलां थाने का सिपाही) के साथ जब वह मौके पर पहुंचे तो तीन युवकों की लाश पड़ी थी। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा थे। इस पर गाइड ने पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।
पीएसी ने न तो डंडा चलाया और न ही कोई फायरिंग की। जांच अधिकारी ने बताया कि वह बटालियन के पास मौजूद शस्त्रों की भी जांच की गई है। प्रथमदृष्टया पीएसी की कोई भूमिका नहीं है। वह अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को देंगे।
जांच अधिकारी के समक्ष मौखिक रूप से अलीगढ़ बटालियन ने स्वीकार किया कि मृतकों के पास से पुलिस को राइफल और तमंचे बरामद हुए थे। भौराकलां पुलिस ने यह हथियार अपने कब्जे में लिए थे।
उधर, पुलिस ने राइफल बरामदगी की बात लिखा-पढ़ी में नहीं ली है। सवाल यह है कि अगर राइफल बरामद हुई थी तो पुलिस छिपा क्यों रही है।