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21 घंटों में मिली 21 करोड़ की ब्लैक मनी
अमर उजाला, आगरा
Updated Sun, 05 Jan 2014 12:41 AM IST
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ताजनगरी के दो सर्राफ समूहों पर शुक्रवार को शुरू की गई सर्वे की कार्रवाई शनिवार सुबह खत्म हुई। आयकर विभाग को दिल्ली और आगरा के 12 ठिकानों पर 21 घंटों तक चले सर्वे में 21 करोड़ रुपये की अघोषित आय मिली है।
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सोने-चांदी के साथ रियल एस्टेट तक फैले कारोबार में जो कागजात मिले हैं, उनकी जांच के बाद अघोषित आय की यह रकम और ज्यादा भी हो सकती है।
70 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों और 50 सुरक्षाकर्मियों के साथ आयकर विभाग को छापे में 21 करोड़ रुपये की अघोषित आय के कागजात मिले हैं। इनमें से ओपी चेंस के रियल एस्टेट कारोबार से ज्यादा आय सामने आई है।
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ओपी चेंस ने दयालबाग में ग्रीन पैराडाइज में 30, पर्ल पैराडाइज में 48 और ट्यूलिप पैराडाइज में 96 फ्लैट तैयार किए हैं। वहीं एसबी ऑर्नामेंट से चौंकाने वाली आय का खुलासा हुआ है।
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आयकर अधिकारियों को भी इतनी बड़ी राशि मिलने की उम्मीद नहीं थी। सर्वे की कार्रवाई अपर/संयुक्त निदेशक जांच एसएस भदौरिया के नेतृत्व में उपनिदेशक जांच प्रदीप कुमार गौतम और डिप्टी कमिश्नर अनुराग दुबे द्वारा की गई।
रडार पर हैं पुराने बाजार के करोड़पति
किनारी बाजार, चौबे जी का फाटक, हींग की मंडी के व्यापारियों पर आयकर विभाग की नजर है। चौबे जी का फाटक और हींग की मंडी में पेठे और जूते का तथा किनारी बाजार में सोने-चांदी के कारोबारियों का कैश में बड़ा काम होता है।
इन सभी की आय पर इनकम टैक्स विभाग ने निगाह रखी हुई है। किनारी बाजार के अधिकांश सर्राफ दो लाख रुपये से ज्यादा के बुलियन पर तथा 5 लाख रुपये की ज्वैलरी पर टीसीएस जमा नहीं कर रहे, जबकि वह ग्राहकों से एक फीसदी टीसीएस काट रहे हैं।
आगरा और मथुरा देश भर में बुलियन और ज्वैलरी के सबसे बड़े केंद्र में से एक है। एक साल की लंबी जांच के बाद ओपी चेंस और एसबी ऑर्नामेंट पर सर्वे किया गया, ताकि दूसरे सर्राफ इससे सबक ले सकें।
झांसी, अलीगढ़, मथुरा में अब पड़ेंगे छापे
दो महीने से आगरा में चल रही आयकर विभाग की छापेमार कार्रवाई के बाद बारी झांसी, अलीगढ़ और मथुरा के उद्योगपतियों की है।
इन तीनों ही जिलों से लक्ष्य से बेहद कम इनकम टैक्स जमा किया गया है, जबकि अलीगढ़, मथुरा में उद्योग और व्यापार में खासी तेजी आई है।
दोनों शहरों में ही रियल एस्टेट के बड़े कारोबारी और कंपनियां मौजूद हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इन तीनों जिलों के व्यापारियों पर इनकम टैक्स विभाग की सर्वे और सर्च की कार्रवाई हो सकती है।