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आपराधिक केस दर्ज होने मात्र से रद्द नहीं हो सकता शस्त्र लाइसेंस, डीएम बलिया का आदेश रद्द

Thu, 25 Oct 2018 01:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Updated Thu, 25 Oct 2018 01:42 AM IST
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High court says Cannot cancellation arm license after FIR in criminal case 
इलाहाबाद हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी के खिलाफ मात्र आपराधिक मुकदमा दर्ज होने के आधार पर उसका शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर देना उचित नहीं है। कोर्ट ने डीएम बलिया के आदेश को रद्द करते हुए उनको तीन माह में नए सिरे से निर्णय लेने के लिए कहा है।
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मगर यह भी कहा है कि याचिका मंजूर होने का आशय यह नहीं है कि याची का लाइसेंस स्वत: बहाल हो गया है। याची चाहे तो नियमानुसार फिर से लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है। राम भवन यादव की याचिका पर न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने सुनवाई की।
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याची के अधिवक्ता परवेज इकबाल का कहना था कि याची के खिलाफ जानलेवा हमला करने की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके आधार पर उसका रिवाल्वर का लाइसेंस चार जुलाई 2009 को लाइसेंस निरस्त कर दिया गया।
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याची ने वाराणसी के लंका थाने में अपना शस्त्र जमा कर दिया है। याचिका में कहा गया कि याची ने अपने लाइसेंसी शस्त्र का दुरुपयोग नहीं किया है। अदालत के ऐसे कई फैसले हैं जिनके मुताबिक सिर्फ मुकदमा दर्ज होने के आधार पर लाइसेंस निरस्त नहीं किया जा सकता है।
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