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विकलांगता साबित करने को करनी पड़ती चिरौरी
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Wed, 09 Mar 2016 12:40 AM IST
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विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने को लगी आवेदकों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। जिले के विकलांगों को अपनी विकलांग साबित करने के लिए विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की पूरे दिन चिरौरी करनी पड़ रही है। इसके बावजूद पात्र होने के बाद भी उनको प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो पा रहे हैं।
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बताते चलें कि जिले के विकलांगों को सरकारी योजनाओं को लाभ पाने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से जारी किए गए विकलांग प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। इसके लिए प्रावधान है कि आवेदक को एक नि:शुल्क फार्म उपलब्ध कराया जाता है। इसके बाद उसकी विकलांगता के आधार पर संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक जांच कर रिपोर्ट देता है।
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उसी के आधार पर ही प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इस प्रमाण पत्र को पाने वाले आवेदकों के लिए कागजी कार्रवाई पूरी करना टेढ़ी खीर साबित हो रही है। विकलांगों को अस्पताल परिसर में विभागीय मिली भगत से बेचे जा रहे आवेदन खरीदने पड़ रहे हैं। इसके बाद उसका पंजीकरण और जांच में जमकर आर्थिक दोहन होता है। प्रतिशित बढ़ाने व घटाने के लिए विभागीय कर्मचारी लगे रहते हैं।
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इसके बाद प्रमाण पत्र जारी हो पा रहा है। इस संबंध में सीएमओ डा. एके श्रीवास्तव ने बताया कि वह अभी कुछ दिन पहले ही आए हैं। वह इस मामले की जांच करेंगे और जो भी कर्मचारी गड़बड़ी करता मिला। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विकलांगों परेशान नहीं होना पड़ेगा।