{"_id":"7d5e5a06-840b-11e2-9052-d4ae52bc57c2","slug":"government-indifference-veteran-players-migrating-from-up","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार की बेरुखी, दिग्गज खिलाड़ियों का यूपी से पलायन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार की बेरुखी, दिग्गज खिलाड़ियों का यूपी से पलायन
गोरखपुर/लखनऊ/ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2013 07:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश सरकार की बेरुखी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने वाले खिलाड़ी अपने प्रदेश से मुंह मोड़ रहे हैं। सरकार की ओर से बेहतर सुविधाओं का अभाव और खेल कोटे से नौकरी न मिलना इसकी प्रमुख वजह है। लिहाजा एथलेटिक्स, हॉकी, वॉलीबाल और क्रिकेट के स्टार खिलाड़ी राज्य से पलायन कर रहे हैं।
विज्ञापन
दूसरे राज्य उन्हें बुनियादी सुविधाएं तो दे ही रहे हैं साथ ही अच्छी नौकरी भी दे रहे हैं। हालांकि अखिलेश सरकार ने हाल के बजट में ओलंपिक पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि बढ़ाने का ऐलान किया है।
विज्ञापन
पुलिस को छोड़ दे तो यूपी में अन्य किसी सरकारी विभाग में खेल कोटा लागू नहीं है। नतीजा है लंदन ओलंपिक में तिरंगे का प्रतिनिधित्व करने वाली मेरठ की गरिमा चौधरी (जूडो), लखनऊ की सोनिया चानू (वेटलिफ्टिंग) और रायबरेली की सुधा सिंह (एथेलेटिक्स) ने सुरक्षित भविष्य की तलाश में यूपी से किनारा कर लिया।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी व नार्दर्न रेलवे लखनऊ में कार्यरत विवेक धर बताते हैं कि जब तक प्रदेश में खेल कोटा नहीं लागू किया जाएगा, तब तक यहां से खिलाड़ियों का पलायन जारी रहेगा।
मैंने भी सरकारी नौकरी की तलाश की, लेकिन कहीं से भी सकारात्मक उत्तर नहीं मिला। इस बीच रेलवे से न्योता मिला, जिसे स्वीकार करके अपना खेल कॅरियर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
खेल कोटा लागू होने से रुकेगा पलायन
अंतरराष्ट्रीय गोताखोर और वेस्टर्न रेलवे मुंबई में कार्यरत हिमांशु तिवारी का कहना है कि अपने प्रदेश के लिए कौन नहीं खेलना चाहता। लेकिन भविष्य की तलाश में हमें बाहर का रुख करना पड़ता है। जब तक प्रदेश के सरकारी विभागों में खेल कोटा लागू नहीं होता तब तक समस्याएं कम नहीं होंगी।
हमारी तो कोशिश पूरी...
‘हमारा पूरा प्रयास है कि यूपी का खिलाड़ी यहीं रहकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक बिखेरे। इसके लिए प्रदेश भर के सरकारी विभागों में खेल कोटा लागू किए जाने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। भले ही इसमें कुछ देर लगे, लेकिन लागू होना लगभग तय है। इसके अतिरिक्त हाल ही में अलीगढ़ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खोलने का फैसला किया गया, जिससे खिलाड़ियों को बाहर जाकर डिप्लोमा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।’-सुरेश चन्द्रा, खेल सचिव
हाथ से निकले होनहार खिलाड़ी
नाम---नौकरी/टीम---खेल
इति श्रीवास्तव (गोरखपुर)---वेस्टर्न रेलवे मुंबई---हॉकी
वर्तिका सिंह (गोरखपुर)---आरसीएफ पंजाब---हॉकी
पूनम चौधरी (मुजफ्फरनगर)---दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे कोलकाता---वॉलीबाल
देवेश चौहान (इटावा)---इंडियन ऑयल दिल्ली---हॉकी
इंद्रजीत पटेल (इलाहाबाद)---ओएनजीसी देहरादून---एथलेटिक्स
तुषार खांडेकर (झांसी)---बीपीसीएल भोपाल---हॉकी
शिवाकांत शुक्ला (इलाहाबाद)---रेलवे---क्रिकेट
रविकांत शुक्ला (रायबरेली)---गोवा की टीम में---क्रिकेट
पंकज सिंह (सुल्तानपुर)---राजस्थान की टीम में---क्रिकेट
दिवाकर राम (गोरखपुर)---ओएनजीसी दिल्ली---हॉकी
विवेक गुप्ता (इटावा)---ओएनजीसी दिल्ली---हॉकी
एजाज अहमद (इलाहाबाद)---रेलवे---एथलेटिक्स