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वकीलों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 12 Mar 2016 02:07 AM IST
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धरना देते वकील।
- फोटो : amar ujala
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एसडीएम और तहसीलदार पर मुकदमों के निस्तारण में धन उगाही का आरोप लगाते हुए कैंपियरगंज तहसील बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को न्यायालय का बहिष्कार कर धरना दिया। दो घंटे तक चले धरने के बाद अधिवक्ताओं ने बैठक कर दोनों अधिकारियों के स्थानांतरण होने तक न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया। आंदोलन को देखते हुए तहसील परिसर में पुलिस एवं पीएसी बुला ली गई थी।
बार के अध्यक्ष ओमप्रकाश लाल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि दोनों अधिकारी मनमाने तरीके से मुकदमों से संबंधित फाइलों का निस्तारण करना चाहते हैं। इसके लिए धन उगाही की जाती है। पुलिस बुलाकर हमारे आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। बार के पूर्व अध्यक्ष गोपाल जायसवाल ने कहा कि पुलिस बुलाकर अधिवक्ताओं की आवाज नहीं दबाई जा सकती।
नियमानुसार फाइलों का निस्तारण होना चाहिए। धरने में सुरेंद्र यादव, दिनेश मिश्रा, दिलीप कुमार, जयहिंद, रामरतन यादव, ध्रुव नारायण शर्मा, रामसिद्ध यादव सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। एसडीएम अमरेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि तहसील बार एसोसिएशन के लोगों का आरोप निराधार है। मेरे नाम पर वसूली करने वालों की पोल खुलने के कारण कुछ अधिवक्ता नाराज होकर धरना देने पर उतारू हो गए। उन्होंने कहा कि माहौल को देखते हुए पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी।
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बार के अध्यक्ष ओमप्रकाश लाल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि दोनों अधिकारी मनमाने तरीके से मुकदमों से संबंधित फाइलों का निस्तारण करना चाहते हैं। इसके लिए धन उगाही की जाती है। पुलिस बुलाकर हमारे आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। बार के पूर्व अध्यक्ष गोपाल जायसवाल ने कहा कि पुलिस बुलाकर अधिवक्ताओं की आवाज नहीं दबाई जा सकती।
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नियमानुसार फाइलों का निस्तारण होना चाहिए। धरने में सुरेंद्र यादव, दिनेश मिश्रा, दिलीप कुमार, जयहिंद, रामरतन यादव, ध्रुव नारायण शर्मा, रामसिद्ध यादव सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। एसडीएम अमरेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि तहसील बार एसोसिएशन के लोगों का आरोप निराधार है। मेरे नाम पर वसूली करने वालों की पोल खुलने के कारण कुछ अधिवक्ता नाराज होकर धरना देने पर उतारू हो गए। उन्होंने कहा कि माहौल को देखते हुए पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी।
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