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होली: खाद्य महकमा सुस्त, मिलावटखोर चुस्त

Sun, 13 Mar 2016 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sun, 13 Mar 2016 01:52 AM IST
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shopkeeprs mix unwanted material in sweet for holi
खोया
होली को लेकर जहां बाजार सजकर तैयार होने लगा है वहीं मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। जैसे-जैसे पर्व नजदीक आ रहा है मिलावटी व सिंथेटिक खोवे का कारोबार भी जोर पकड़ता जा रहा है। खाद्य महकमे की सुस्ती और प्रभावी कार्रवाई न होने से मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं। खरीदारी में चूक इस त्यौहार में आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है।
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सावधानी सिर्फ खोवा नहीं बल्कि रंग से लेकर तेल-मसाले की खरीदारी में भी रखनी होगी। हालांकि खपत अधिक होने से फिलहाल दूध और खोवे पर मिलावटखोरों की विशेष नजर है। अभी से ही रेलवे और बस स्टेशन पर कानपुर से मिलावटी खोवे की बड़ी खेप आनी शुरू हो गई है। भोर के वक्त खामोशी से यह खोवा शहर में लाया जा रहा है और फिर जिले के अलावा महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया और नेपाल से सटे इलाकों में इसकी सप्लाई की जा रही है।
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ऐसे करें खोेवे की पहचान
खोवे में आयोडीन टिंचर की दो-तीन बूंद डालें। असली खोवा होने पर रंग लाल हो जाएगा। खोवे का रंग काला होता है तो समझ जाएं कि वह मिलावटी है। शुद्ध खोवा रगड़ने में चिकनाहट छोड़ता है, जबकि मिलावटी खोया मसलने में अलग-अलग हो जाता है। इसी तरह खोवे में डिटरजेंट की पहचान के लिए नींबू डालकर बुलबुले का इंतजार करें। अगर नकली खोवा है तो दूध की ही तरह उसमें भी बुलबुले उठेंगे।
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ऐसे जांचें दूध
पानी की मिलावट की पहचान के लिए दूध को काली सतह पर छोड़ें। अगर दूध के पीछे एक सफेद लकीर छूटे तो वह असली है। इसके साथ ही स्टॉर्च और यूरिया की पहचान के लिए दूध में दो बूंद टिंचर आयोडीन डालकर एक मिनट तक छोड़ दें। अगर दूध का रंग नीला हो जाए तो उसमें मिलावट है। दूध में डिटर्जेंट की पहचान के लिए उसमें नींबू मिलाएं। अगर बुलबुला उठता है तो दूध नकली है।  

ऐसे तैयार होता है मिलावटी खोया
मिलावटी खोवा तैयार करने में रिफाइंड तेल का इस्तेमाल होता है। सस्ता दूध पाउडर मिलाकर इसे बनाया जाता है। बाद में इसे असली दूध में मिला दिया जता है। यूरिया, सोडा, पोस्टर कलर, कैल्शियम कार्बोनेट, फार्मोलीन केमिकल आदि मिलाकर इसे मिलावटी खोवे का रूप दिया जाता है। इसके अलावा आलू और मैदा मिलाकर भी मिलावटी खोवा तैयार जाता है।

पिछली होली 880 किलो खोया कराया था नष्ट
गोरखपुर। पिछले साल होली के समय खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से चलाए गए अभियान में महकमे ने 880 किलोग्राम मिलावटी खोवा नष्ट किया था। इसे रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और नौसढ़ के पास बसों से बरामद किया गया था। किसी ने भी इसे लेकर दावेदारी पेश नहीं की जिसपर महकमे ने इसे नष्ट करा दिया। पिछली होली में करीब 10 दिन तक चले अभियान में महकमे ने 40 नमूने लिए। इनमें से 12 नमूनों की रिपोर्ट मानक के विपरीत आई। इनमें खोवा, मिठाई, नमकीन, तेल और काजू, छोहाड़ा शामिल है।

जांच रिपोर्ट में देरी से बढ़ा हौसला 
खाद्य सुरक्षा महकमे की लापरवाही और संसाधनों के कमी से समय से जांच रिपोर्ट नहीं आ पाती। इससे भी मिलावटखोरों के हौसले बढ़े हुए हैं। तमाम बार ऐसा होता है कि जब तक जांच रिपोर्ट आती है संबंधित दुकानों से वह उत्पाद ही बिक जाता है। ऐसे में जानकारी होने के बाद भी मिलावटी खाद्य सामग्रियों के कुप्रभाव से किसी को नहीं बचाया जा सकता। अमूमन तीन महीने के भीतर किसी भी नमूने की जांच रिपोर्ट लैब से नहीं आ पाती, जबकि महकमे के मुताबिक इसे 15 दिन में आ जाना चाहिए। 

हजारों खर्च किए फिर न जान पाए गुणवत्ता
खाद्य सुरक्षा महकमे द्वारा की जाने वाली कार्रवाइयों के अलावा आम आदमी भी अपने किचन में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की जांच करा सकता है। इसके लिए प्रति नमूना एक हजार रुपये खर्च करने होंगे। बैंक से चालान तैयार कराने के बाद महकमे का कोई खाद्य सुरक्षा अधिकारी संबंधित के घर जाता है और वहां से नमूने लेकर आता है। इसे जांच के लिए लैब भेजा जाता है और फिर वहां से जो जांच रिपोर्ट आती है उसके बारे में जांच कराने वाले को पूरी जानकारी दी जाती है। मगर यहां यह व्यवस्था भी फेल हो गई है। शहर के 23 लोगों ने करीब चार महीने पहले एक-एक हजार रुपये खर्च कर जांच के लिए नमूने भेजे थे, मगर अभी तक किसी की भी रिपोर्ट नहीं आई। 

व्यापारियों और आमजन को किया जागरूक 
खाद्य सुरक्षा महकमे के डीओ (अभिहीत अधिकारी) अजीत कुमार के निर्देश पर शनिवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने गीता प्रेस क्षेत्र में कैंप लगाकर व्यापारियों और आमजन को जागरूक किया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार राय ने बताया कि  कोई भी व्यक्ति अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की जांच करा सकता है। इसके लिए एक हजार रुपये खर्च करने होंगे। जांच रिपोर्ट में खामी मिलने पर संबंधित सामान जिस दुकान से खरीदा गया था वहां टीम छापामारी कर उसका नमूना लेगी और फिर उसे भी जांच के लिए भेजेगी। उसमें भी खामी मिली तो कार्रवाई की जाएगी। 


ढीला नहीं पड़ा विभाग, कल से शुरू होगा अभियान
मिलावटखोरी के खिलाफ महकमा लगातार अभियान चला रहा है। त्यौहारों पर सतर्कता और बढ़ा दी जाती है। होली के मद्देनजर सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियाें को अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं। 14 मार्च से अभियान शुरू हो जाएगा। कानपुर आदि जगहों से मिलावटी खोेवा लाने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। पिछले साल बड़ी मात्रा में मिलावटी खोवा पकड़ा गया था। रेलवे और बस स्टेशन पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
- अनिल कुमार राय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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