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कुलपति का घेराव कर गाड़ी के सामने लेटे छात्र, चुनाव कराने की कर रहे हैं मांग

Sun, 14 Oct 2018 01:09 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर Updated Sun, 14 Oct 2018 01:09 AM IST
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students gherao vc in gorakhpur university
फाइल
गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव न कराए जाने से नाराज विद्यार्थियों ने शनिवार को कुलपति प्रो. वीके सिंह का घेराव किया। छात्र उनकी गाड़ी के सामने लेट गए। इसकी सूचना पर सीओ कैंट प्रभात राय पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को हटाया।
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लिंगदोह समिति की सिफारिशों का हवाला देकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव कराने से इंकार कर दिया है। इससे नाराज छात्र नेता अनिल दुबे अपने समर्थकों के साथ विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। इसी बीच कुलपति खेलकूद समारोह में हिस्सा लेने के लिए निकले। प्रदर्शनकारी कुलपति की कार के सामने आ गए। अनिल दुबे ने कहा कि चुनाव नहीं हुआ तो दीक्षांत समारोह का विरोध किया जाएगा।
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कुलपति जहां जाएंगे, वहीं विरोध होगा। इस मौके पर अनूप यादव, प्रणव द्विवेदी, उत्कर्ष सिंह, संजीव त्रिपाठी, सूरज यादव, गोलू सिंह, मनीष ओझा, नितिन त्रिपाठी, शिवानी मिश्रा, आदित्य तिवारी, इब्राहिम अली, विशाल सिंह, विनय तिवारी और शुभम मिश्रा मौजद रहे।
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शिवशंकर का विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रतिबंधित

छात्र शिवशंकर गौड़ का विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। कुलपति प्रो. वीके सिंह का कहना है कि अनुत्तीर्ण होने के बाद शिवशंकर ने दाखिला नहीं लिया है। ऐसे में वह बाहरी माने जाएंगे।

हाईकोर्ट ने तलब किया बवाली विद्यार्थियों का नाम

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 11 सितंबर को विश्वविद्यालय में बवाल करने के आरोपी विद्यार्थियों के नाम तलब किए हैं। विश्वविद्यालय में बवाल के समय की सीडी बनाई गई थी। वह हाईकोर्ट में जमा करा दी गई है। चुनाव से संबंधित मामले और बवाल पर 25 अक्तूबर को सुनवाई होगी। कुलपति का कहना है कि जो विद्यार्थी अनुशासनहीनता कर रहे हैं, उनके नाम भी हाईकोर्ट को उपलब्ध कराए जाएंगे।


लिंगदोह समिति की सिफारिशों के हिसाब से अब चुनाव संभव नहीं है। पढ़ाई शुरू होने के बाद आठ सप्ताह के अंदर चुनाव कराना होता है। यह समय सीमा 15 सितंबर को खत्म हो गई है। 25 अक्तूबर को मामले की अगली सुनवाई होनी है। अनुशासनहीनता करने वाले विद्यार्थियों की गतिविधि पर निगाह रखी जा रही है। इन सबके खिलाफ कड़ी कार्रवाई संभव है। चंद लोग विश्वविद्यालय का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
- प्रो. वीके सिंह, कुलपति गोरखपुर विश्वविद्यालय
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