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अब बिल्डर न डाल सकेंगे हक पर डाका

Thu, 10 Mar 2016 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Thu, 10 Mar 2016 10:43 PM IST
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Builder now robbed right not able to put
बिल्डर - फोटो : अमर उजाला

अब गाढ़ी कमाई से घर खरीदने वालों के हक पर बिल्डर डाका नहीं डाल सकेंगे।  पिछले आठ वर्ष से रीयल एस्टेट बिल के लिए संघर्ष कर रहे शहर के रेजिडेंट्स और फेडरेशन ऑफ एओए की मेहनत आखिरकार रंग लाई।

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रीयल एस्टेट रेग्युलेटरी बिल बृहस्पतिवार को राज्य सभा में पास हो गया। लोकसभा में बिल पहले ही पास हो चुका था और राज्य सभा में अटका था। बिल्डर प्रोजेक्ट में बिक्री से पूर्व और बाद में अपने अधिकारों के ग्राहकों को प्रति जागरुक करने के लिए अमर उजाला ने इस मुद्दे पर साडा हक नामक सीरीज भी चलाई थी।
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बिल पास होने के बाद शहर के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों का कहना है कि अब फ्लैट बुक कराने के बाद पजेशन लेने के लिए संघर्ष नहीं करना होगा। बिल्डर एक प्रोजेक्ट का पैसा दूसरे में नहीं लगा सकेंगे। प्रोजेक्ट समय पर पूरा होगा।
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लोगों को लोन की किस्तों और मकान के किराए के दोहरे बोझ से निजात मिलेगी। वादाखिलाफी पर जुर्माने के साथ ही बिल्डरों को जेल की हवा भी खानी पड़ेगी। इसके लिए रेजिडेंट्स ने फेडरेशन ऑफ एओए के पदाधिकारियों का शुक्रिया अदा किया।

बिल का राज्य सभा में पास कराने की पेशकश लेकर एओए पदाधिकारी हाल ही में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री वैंकैया नायडू से मिले थे। फेडरेशन ऑफ एओए के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि मेहनत रंग लाई।

बिल को अब मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह कानून के रूप में प्रभावी हो जाएगा। इसके साथ ही आवंटियों की समस्या का समाधान होगा।
गाजियाबाद आरडब्लूए फेडरेशन के चेयरमैन कर्नल टीपी त्यागी ने कहा कि बिल के लिए फाइट फॉर रेरा के अंतर्गत लगातार प्रयास किए गए।

यह सभी रेजिडेंट्स के लिए खुशी के पल हैं। बिल में प्रावधान है कि अगर बिल्डर बुकिंग करते समय किए गए वादों को पूरा नहीं करता तो उसे जेल जाना होगा। बस इसी नियम का कड़ाई से पालन हो जाए तो आधी से ज्यादा समस्याएं दूर हो जाएंगी।


प्रोजेक्ट की होगी निगरानी
बिल में कहा गया है कि हर राज्य में रियल एस्टेट रेग्युलेटर नियुक्त किए जाएंगे। जो सभी प्रोजेक्ट की मानीटरिंग करेंगे। कस्टमर्स उनसे सीधे शिकायत कर सकते हैं। जिनकी सुनवाई रेग्युलेटर द्वारा की जाएगी। प्रोजेक्ट लांच होते ही बिल्डर्स को प्रोजेक्ट से संबंधित पूरी जानकारी अपनी वेबसाइट पर देनी होगी। इससे प्रोजेक्ट के अप्रूवल के बारे में बताना होगा। साथ ही प्रोजेक्ट के बारे में रोजाना अपडेट करना होगा।

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