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बेटे की नौकरी के लिए पति को मृत घोषित किया
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
Updated Sat, 12 Mar 2016 12:36 AM IST
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अदालत
- फोटो : file
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घर छोड़ कर गए रेलकर्मी को उसकी पत्नी ने मृत घोषित कर दिया और मृतक आश्रित कोटे में बेटे की नौकरी लगवा दी। खुद पेंशन भी लेती रही। इस मामले में एसीजेएम कक्ष संख्या आठ ने जहानगंज थानाध्यक्ष को रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव नगला खुरू निवासी मदनपाल ने गांव के गजराज सिंह, उनकी पत्नी विद्या देवी और पुत्र सतेंद्र कुमार के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि गजराज सिंह रेलकर्मी थे। वह 1994 में घर छोड़कर चले गए। गजराज की पत्नी विद्या देवी और उसके पुत्र सतेंद्र कुमार ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और 27 सितंबर 2004 को फर्जी मृत प्रमाण पत्र तैयार करा लिया।
इसके आधार पर विद्यादेवी रेलवे से पेंशन लेने लगी। सतेंद्र कुमार मृतक आश्रित में रेलवे में नौकरी करने लगा। मौजा सिठऊपुर में गजराज की जमीन को उनकी पत्नी व बेटे ने अपने नाम विरासत में दर्ज करा ली। 23 नवंबर 2011 को गजराज सिंह जिंदा लौट आया। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने गजराज सिंह और उसके परिवार वालों से मामले की पूछताछ की। लेकिन फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इस पर उन्होेंने याचिका दाखिल की।
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याचिका पर एसीजेएम कक्ष संख्या आठ ने जहानगंज थानाध्यक्ष को घटना की रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है। फिलहाल गजरात सिंह पत्नी व बेटे के साथ ही रह रहा है।
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जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव नगला खुरू निवासी मदनपाल ने गांव के गजराज सिंह, उनकी पत्नी विद्या देवी और पुत्र सतेंद्र कुमार के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि गजराज सिंह रेलकर्मी थे। वह 1994 में घर छोड़कर चले गए। गजराज की पत्नी विद्या देवी और उसके पुत्र सतेंद्र कुमार ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और 27 सितंबर 2004 को फर्जी मृत प्रमाण पत्र तैयार करा लिया।
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इसके आधार पर विद्यादेवी रेलवे से पेंशन लेने लगी। सतेंद्र कुमार मृतक आश्रित में रेलवे में नौकरी करने लगा। मौजा सिठऊपुर में गजराज की जमीन को उनकी पत्नी व बेटे ने अपने नाम विरासत में दर्ज करा ली। 23 नवंबर 2011 को गजराज सिंह जिंदा लौट आया। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने गजराज सिंह और उसके परिवार वालों से मामले की पूछताछ की। लेकिन फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इस पर उन्होेंने याचिका दाखिल की।
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याचिका पर एसीजेएम कक्ष संख्या आठ ने जहानगंज थानाध्यक्ष को घटना की रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है। फिलहाल गजरात सिंह पत्नी व बेटे के साथ ही रह रहा है।