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मेडिकल कॉलेज में अब बेड पर ही होगा एक्स-रे

Tue, 07 Jun 2022 11:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jun 2022 11:45 PM IST
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X-ray will now be done on the bed in the medical college
अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर अस्पताल में हड्डी रोग से जुड़े मरीजों को अब इलाज में काफी सहूलियत मिलेगी। कारण है कि यहां अब एक साथ चार मोबाइल डिजिटल एक्स-रे मशीन खरीद ली गई है।
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यह मशीन मोबाइल की तरह कार्य करेगी। जिसे कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकेगा। अब गंभीर मरीजों का उनके बेड पर ही एक्स-रे हो जाएगा। किसी भी प्रभावित अंग के एक्स-रे की लाइव तस्वीर भी इससे देखी जा सकेगी।
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राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में इन दिनों एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं का तीसरा बैच चल रहा है। यहां संसाधन व चिकित्सकों की उपलब्धता हुई तो मरीजों की भारी भीड़ यहां पहुंचने लगी।
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मौजूदा समय में मेडिसिन, जनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ईएनटी, चर्म रोग समेत अन्य विभागों के अलावा हड्डी विभाग में प्रतिदिन ओपीडी मरीजों से खचाखच भरी रहती है।
मरीजों के एक्स-रे के लिए अभी तक दो सामान्य एक्स-रे मशीनों के अलावा एक डिजिटल एक्स-रे मशीन लगाई गई थी। डिजिटल एक्स-रे मशीन में आए दिन प्लेट की समस्या होने से मरीजों को सिर्फ रिपोर्ट दी जाती थी। जबकि, एक मशीन काफी समय से खराब है।
बची एक मशीन पर मरीजों का इतना लोड है कि जांच के लिए मरीजों का नंबर अगले दिन तक आता है। प्रतिदिन 50 मरीजों का पर्चा जमा करने के बाद शेष मरीजों को अगले दिन के लिए बुलाया जाता था।
इसकी वजह से मरीजों को एक्स-रे कराने में विलंब की वजह से इलाज में भी विलंब होता था। वहीं, आए दिन कर्मचारियों की तीमारदारों से नोकझोेंक भी हो रही थी।
अब मेडिकल कॉलेज में इस महत्वपूर्ण समस्या का समाधान कर दिया गया है। करीब 22-22 लाख की लागत से चार मोबाइल डिजिटल एक्स-रे मशीन यहां खरीदी गई है, जिसे मंगलवार को चालू किया गया है।
मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर व ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. विनोद आर्या ने बताया कि यह बहुत ही आधुनिक मशीनें हैं। इन मशीनों को एक जगह फिक्स करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
अपनी सहूलियत के अनुसार कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है। यह मरीजों के बेड तक जाकर वहीं पर उनका एक्स-रे कर सकती हैं। बताया कि यह मशीन मोबाइल फोन की तरह कार्य करती है।
किसी भी मरीज के प्रभावित अंग का एक्स-रे करने के बाद उसकी तस्वीर स्क्रीन पर ही दिखने लगती है। जिसे स्क्रीन पर ही देखकर इलाज किया जा सकता है।
साथ ही इस मशीन की खासियत है कि इसमें रेडिएशन की समस्या बिल्कुल नहीं है। उन्होंने बताया कि इनमें से एक मशीन आईसीयू वार्ड में रखी जाएगी।
एक मशीन को ट्रॉमा सेंटर में, एक मशीन पुराने एक्स-रे कक्ष में व एक मशीन को ओपीडी में रखी जाएगा। बताया कि ओपीडी में भी पहुंचने वाले मरीज की इमरजेंसी होने पर ही ओपीडी में ही उसकी जांच करके उपचार किया जा सकेगा।

हड्डी रोग के मरीजों को सहूलियत देने के उद्देश्य से चार मोबाइल डिजिटल एक्स-रे मशीन खरीदी गई हैं। इन मशीनों के गुणवत्ता परक ढंग से मरीजों की जांच व इलाज में काफी सहूलियत मिलेगी। -डॉ. सत्यजीत वर्मा, प्राचार्य, राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज
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