{"_id":"64b03fdc46e4488651008cc6","slug":"water-supply-closed-faizabad-news-c-13-1-333318-2023-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: पांच नलकूप बंद, 25 हजार लोग पानी को तरसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: पांच नलकूप बंद, 25 हजार लोग पानी को तरसे
Thu, 13 Jul 2023 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 13 Jul 2023 11:48 PM IST
विज्ञापन
अयोध्या। 13 किलोमीटर लंबे रामपथ का निमार्ण कर रही आरएनसी कंपनी के कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को खोदाई के दौरान नियावां क्षेत्र में चार जगह पेयजल लाइन तोड़ दी। इससे सुबह आठ बजे से ही पांच नलकूपों की आपूर्ति बंद कर दी गई। आपूर्ति ठप होने से क्षेत्र के करीब 25 हजार लोगों की पेयजल आपूर्ति भी ठप हो गई। नगर निगम के जलकल विभाग ने प्रमुख स्थानों पर टैंकर से जलापूर्ति की। वहीं पूरे रामपथ पर 109 जगह लीकेज होने से रोज हजारों लीटर पानी बर्बाद भी हो रहा है।
जलकल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आरएनसी कंपनी के कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार सुबह नियावां क्षेत्र में चार जगह पेयजल लाइनें तोड़ दीं। इस पर पांच नलकूप बंद करने पड़े। दिनभर पानी नहीं मिलने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जलकल के महाप्रबंधक महेश चंद्र आजाद ने बताया कि शुक्रवार सुबह चार बजे तक सुचारु होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही को लेकर कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग और कंपनी के ठेकेदार के साथ रोज बैठकें होती हैं। चेतावनी दी जाती है। लाइनें टूटने की जानकारी भी मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को पत्र के माध्यम से दी जाती है, लेकिन कंपनी के कर्मचारियों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जलकल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आरएनसी कंपनी के कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार सुबह नियावां क्षेत्र में चार जगह पेयजल लाइनें तोड़ दीं। इस पर पांच नलकूप बंद करने पड़े। दिनभर पानी नहीं मिलने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
जलकल के महाप्रबंधक महेश चंद्र आजाद ने बताया कि शुक्रवार सुबह चार बजे तक सुचारु होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही को लेकर कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग और कंपनी के ठेकेदार के साथ रोज बैठकें होती हैं। चेतावनी दी जाती है। लाइनें टूटने की जानकारी भी मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को पत्र के माध्यम से दी जाती है, लेकिन कंपनी के कर्मचारियों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है।
विज्ञापन