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फीका रहा मतदान, 45 फीसदी वोटिंग
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Feb 2016 11:35 PM IST
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बीकापुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में कड़ी सुरक्षा के बीच 47 फीसदी वोटिंग हुई। मतदान शांतिपूर्ण रहा लेकिन शनिवार को हुआ मतदान वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव के लगभग 62 फीसदी के रिकॉर्ड को नहीं छू पाया।
यदाकदा ईवीएम की गड़बड़ी के कारण कुछ स्थानों पर मतदान थोड़े समय के लिए प्रभावित हुआ। मतदाता सूची में मतदाताओं के नाम न होने की शिकायतें भी रहीं। इसके कारण सैकड़ों की संख्या में मतदाताओं को मतदान से वंचित होना पड़ा, लेकिन सड़क से बूथ पर कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
नंदरौली बूथ पर पुलिस ने एजेंटों की भीड़ के धोखे में एक बीएलओ को पीट दिया। इससे करीब एक घंटे तक मतदान बाधित रहा। उपचुनाव में लगभग तीन लाख 64 हजार मतदाताओं में लगभग 45 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनके लिए 223 मतदान केंद्रों पर 350 बूथ बनाए गए थे।
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मतदान केंद्रों पर संगीनधारियों का पहरा था तो सड़कों पर भी पुलिस की चहलकदमी थी, लेकिन कहीं कोई हंगामा, बवाल नहीं हुआ। क्षेत्र के पांच स्थानों पर ईवीएम की खराबी से इसको बदलना पड़ा है। इनमें से कुछ पर खराबी के चलते मतदान बाधित होने की खबर रही।
सोहावल के खिरौनी, पंडितपुर, सौखावां आदि बूथों पर मतदान धीमा रहा। ज्यादातर केंद्रों पर लाइनें नहीं दिखी।
बीकापुर प्रतिनिधि के मुताबिक, सुबह मतदान शुरू होते ही पातुपुर बूथ की ईवीएम ट्रायल ही खराब निकली। अफसरों को सूचना के बाद आधे घंटे के भीतर ही दूसरी ईवीएम मशीन से मतदान शुरू हुआ।
तहसीलदार अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट के वाहन पर तीन-तीन ईवीएम अतिरिक्त मशीनों को रखवाया गया। इसके अलावा चार अन्य बूथों पर भी मशीनें बदले जाने की खबर रही।
क्षेत्र के खजुरहट, बिलारी, मलेथू कनक, जलालपुर, चांदपुर, बल्लीपुर, तोरोमाफी, पुहपी, काजी सराय, नंदरौली, धेनुवावां सहित तमाम बूथों पर दोपहर तक सन्नाटा देखा गया।
नंदरौली बूथ पर कक्ष के बाहर टहल रहे एक बीएलओ सुरेश कुमार यादव को कोतवाली के मोबाइल टीम के दरोगा और सिपाही ने पीट दिया जिससे एक घंटे तक मतदान बाधित रहा। डीएम और एसएसपी के पहुंचने पर मामला हल करवा कर रुका मतदान चालू करवाया गया।
इस दौरान पहुंची एमएलसी लीलावती कुशवाहा और पारसनाथ यादव ने दरोगा व सिपाहियों को तत्काल सस्पेंड करवाने की मांग उठाई। सीओ बीकापुर महेंद्र प्रताप चौहान ने बताया कि पुलिस टीम ने कक्ष के बाहर एजेंटों की भीड़ जुटी देख हल्का बल प्रयोग किया था।
इसी कार्रवाई में बीएलओ चपेट में आ गए। मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं हुई है। उधर, बीकापुर बूथ से कई लोगों को बैरंग लौटना पढ़ा जब उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं मिला।
रामपुर परेई निवासी मंजू यादव और सुशीला यादव का नाम लिस्ट में न होने से उन लोगों ने हंगामा करके आक्रोश जताया। सोहावल प्रतिनिधि के मुताबिक, उपचुनाव में मतदान फीका रहा। गांवों में मतदाता अपने रोजमर्रा के कामकाज में फंसे रहे।
बीकापुर निर्वाचन कंट्रोल रूम के मुताबिक, उपचुनाव में लगभग 47 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाला। उपजिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम सिटी आरएन शर्मा ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण रहा। कहीं से किसी अप्रिय घटना का खबर नहीं है।
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यदाकदा ईवीएम की गड़बड़ी के कारण कुछ स्थानों पर मतदान थोड़े समय के लिए प्रभावित हुआ। मतदाता सूची में मतदाताओं के नाम न होने की शिकायतें भी रहीं। इसके कारण सैकड़ों की संख्या में मतदाताओं को मतदान से वंचित होना पड़ा, लेकिन सड़क से बूथ पर कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
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नंदरौली बूथ पर पुलिस ने एजेंटों की भीड़ के धोखे में एक बीएलओ को पीट दिया। इससे करीब एक घंटे तक मतदान बाधित रहा। उपचुनाव में लगभग तीन लाख 64 हजार मतदाताओं में लगभग 45 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनके लिए 223 मतदान केंद्रों पर 350 बूथ बनाए गए थे।
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मतदान केंद्रों पर संगीनधारियों का पहरा था तो सड़कों पर भी पुलिस की चहलकदमी थी, लेकिन कहीं कोई हंगामा, बवाल नहीं हुआ। क्षेत्र के पांच स्थानों पर ईवीएम की खराबी से इसको बदलना पड़ा है। इनमें से कुछ पर खराबी के चलते मतदान बाधित होने की खबर रही।
सोहावल के खिरौनी, पंडितपुर, सौखावां आदि बूथों पर मतदान धीमा रहा। ज्यादातर केंद्रों पर लाइनें नहीं दिखी।
बीकापुर प्रतिनिधि के मुताबिक, सुबह मतदान शुरू होते ही पातुपुर बूथ की ईवीएम ट्रायल ही खराब निकली। अफसरों को सूचना के बाद आधे घंटे के भीतर ही दूसरी ईवीएम मशीन से मतदान शुरू हुआ।
तहसीलदार अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट के वाहन पर तीन-तीन ईवीएम अतिरिक्त मशीनों को रखवाया गया। इसके अलावा चार अन्य बूथों पर भी मशीनें बदले जाने की खबर रही।
क्षेत्र के खजुरहट, बिलारी, मलेथू कनक, जलालपुर, चांदपुर, बल्लीपुर, तोरोमाफी, पुहपी, काजी सराय, नंदरौली, धेनुवावां सहित तमाम बूथों पर दोपहर तक सन्नाटा देखा गया।
नंदरौली बूथ पर कक्ष के बाहर टहल रहे एक बीएलओ सुरेश कुमार यादव को कोतवाली के मोबाइल टीम के दरोगा और सिपाही ने पीट दिया जिससे एक घंटे तक मतदान बाधित रहा। डीएम और एसएसपी के पहुंचने पर मामला हल करवा कर रुका मतदान चालू करवाया गया।
इस दौरान पहुंची एमएलसी लीलावती कुशवाहा और पारसनाथ यादव ने दरोगा व सिपाहियों को तत्काल सस्पेंड करवाने की मांग उठाई। सीओ बीकापुर महेंद्र प्रताप चौहान ने बताया कि पुलिस टीम ने कक्ष के बाहर एजेंटों की भीड़ जुटी देख हल्का बल प्रयोग किया था।
इसी कार्रवाई में बीएलओ चपेट में आ गए। मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं हुई है। उधर, बीकापुर बूथ से कई लोगों को बैरंग लौटना पढ़ा जब उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं मिला।
रामपुर परेई निवासी मंजू यादव और सुशीला यादव का नाम लिस्ट में न होने से उन लोगों ने हंगामा करके आक्रोश जताया। सोहावल प्रतिनिधि के मुताबिक, उपचुनाव में मतदान फीका रहा। गांवों में मतदाता अपने रोजमर्रा के कामकाज में फंसे रहे।
बीकापुर निर्वाचन कंट्रोल रूम के मुताबिक, उपचुनाव में लगभग 47 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाला। उपजिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम सिटी आरएन शर्मा ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण रहा। कहीं से किसी अप्रिय घटना का खबर नहीं है।