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अवध विवि के कुलपति के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू
फैजाबाद
Updated Mon, 20 Mar 2017 10:51 PM IST
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कुलपति के खिलाफ हुई शिकायत पर जांच करते विजलेंस इंस्पेक्टर व शिकायतकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विवि के कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल के खिलाफ हुई शिकायतों पर विजिलेंस जांच शुरू हो गई है। सोमवार को सिविल लाइंस स्थित विजिलेंस कार्यालय में इंस्पेक्टर ने दोनों शिकायतकर्ताओं से उनकी शिकायतों के संबध में बयान दर्ज किए। शुक्रवार को दस्तावेज के साथ उन्हें फिर बुलाया गया है।
गौरतलब है कि जून 2016 में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अतुल कुमार सिंह और महाविद्यालय/विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने कुलपति के खिलाफ राज्यपाल को शिकायत की थी। सोमवार को दोनों शिकायतकर्ता विजिलेंस कार्यालय पहुंचे।
तकरीबन एक घंटे तक उनकी शिकायतों के संबंध में विभिन्न बिंदुओं पर विजिलेंस इंसपेक्टर अजय प्रताप सिंह ने जानकारी ली। शिकायतकर्ताओं को तीन दिन बाद दस्तावेजों-साक्ष्यों के साथ फिर बुलाया गया है। शिकायत में कुलपति की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए गए थे।
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केंद्र निर्धारण में नियमों की अनदेखी करने, किताबों की खरीद फरोख्त में अनियमितता, डीकोडिंग-कोडिंग में गड़बड़ी, बगैर परीक्षा कराए ही सीपीएमटी मद के तीन करोड़ रुपये खर्च कर देने, दागी केंद्रों को परीक्षा केंद्र बनाने आदि 20 बिंदुओं पर शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ताडॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि जून 2016 में हमने शिकायत की थी। विजिलेंस कार्यालय में हमसे पूछताछ की गई। तीन दिन बाद दस्तावेज के साथ फिर बुलाया गया है।
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गौरतलब है कि जून 2016 में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अतुल कुमार सिंह और महाविद्यालय/विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने कुलपति के खिलाफ राज्यपाल को शिकायत की थी। सोमवार को दोनों शिकायतकर्ता विजिलेंस कार्यालय पहुंचे।
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तकरीबन एक घंटे तक उनकी शिकायतों के संबंध में विभिन्न बिंदुओं पर विजिलेंस इंसपेक्टर अजय प्रताप सिंह ने जानकारी ली। शिकायतकर्ताओं को तीन दिन बाद दस्तावेजों-साक्ष्यों के साथ फिर बुलाया गया है। शिकायत में कुलपति की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए गए थे।
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केंद्र निर्धारण में नियमों की अनदेखी करने, किताबों की खरीद फरोख्त में अनियमितता, डीकोडिंग-कोडिंग में गड़बड़ी, बगैर परीक्षा कराए ही सीपीएमटी मद के तीन करोड़ रुपये खर्च कर देने, दागी केंद्रों को परीक्षा केंद्र बनाने आदि 20 बिंदुओं पर शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ताडॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि जून 2016 में हमने शिकायत की थी। विजिलेंस कार्यालय में हमसे पूछताछ की गई। तीन दिन बाद दस्तावेज के साथ फिर बुलाया गया है।