फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Today will be the festival of Rangotsav due to Rangbhari Ekadashi

रंगभरी एकादशी से रामनगरी में आज होगी रंगोत्सव की मुनादी

Thu, 25 Mar 2021 12:49 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Mar 2021 12:49 AM IST
विज्ञापन
Today will be the festival of Rangotsav due to Rangbhari Ekadashi
अयोध्या। रामनगरी के मंदिरों में रंगभरी एकादशी से होली का उत्सव शुरू हो जाता है। भक्त, आराध्य के साथ होली खेलते हैं। हनुमानगढ़ी से संतों की यात्रा निकलती है और रामनगरी का भ्रमण करने के साथ-साथ मंदिरों को होली का निमंत्रण दिया जाता है। साथ ही संत पंचकोसी परिक्रमा भी करते हैं। इस वर्ष रंगभरी एकादशी 25 को मनाई जाएगी।
विज्ञापन

पौराणिक मान्यता के अनुसार वह फाल्गुन शुक्ल पक्ष एकादशी की ही तिथि थी जब विवाह के बाद भोले बाबा मां पार्वती को लेकर पहली बार काशी पहुंचे थे और काशी वासियों ने मां पार्वती के साथ बाबा के स्वागत में होली मनाई थी। इस तिथि को रंगभरी एकादशी के नाम से जाना जाता है। रंगभरी एकादशी की जड़ें भले ही काशी से जुड़ती हों, पर यह परंपरा रामनगरी में भी पूरे शिद्दत से निभाई जाती है।
विज्ञापन

रंगभरी एकादशी का रंग बजरंगबली की प्रधानतम पीठ हनुमानगढ़ी में सुबह से ही चटख हो जाता है। जब हनुमानगढ़ी के नागा साधु अबीर-गुलाल के साथ पूरे उल्लास से हनुमानजी के दरबार में प्रस्तुत होते हैं। नागा साधु, संत व भक्त पूरे भाव व श्रद्धा के साथ हनुमानजी को गुलाल अर्पित करते हैं, इसके बाद आपस में रंग खेलकर रामनगरी में होली उत्सव की मुनादी करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हनुमानगढ़ी से हनुमानजी के निशान के साथ शोभायात्रा के रूप में संतों की टोली रामनगरी का भ्रमण करने निकलती थी और मठ-मंदिरों में जाकर होली खेलने का निमंत्रण देती है। स्वर्ण, रजत एवं लौहदंड के साथ हनुमानजी का निशान कंधे पर ले भांति-भांति के वाद्य की धुन पर गीत गाते एवं अबीर-गुलाल की वर्षा करते युवा नागा साधु आगे बढ़ते हैं।
चुनिंदा मंदिरों से होती हुई रंगोत्सव की यात्रा नगरी की परिधि पर पहुंचती है और पंचकोसी परिक्रमा के साथ पूरी रामनगरी को उत्सव के आगोश में खींच लाती है। हनुमानगढ़ी से निकलने वाली संतों की टोली में हर वर्ष अहम भूमिका निभाने वाले रामकोट के पार्षद संत रमेश दास बताते हैं कि अयोध्या में हनुमान जी राजा के रूप में विराजमान हैं।
इसलिए हर उत्सव की मुनादी उन्हीं के दरबार से ही होती है। हनुमानगढ़ी में संत हनुमानजी महाराज से होली उत्सव में शामिल होने का आह्वान करते हैं और उनसे अनुमति लेकर रामनगरी के मठ-मंदिरों को होली के उत्सव के लिए आमंत्रित करते हैं। इस बार रंगभरी एकादशी 25 को (आज) मनाई जाएगी। इस दिन परंपरा का निवर्हन करते हुए रंगोत्सव का शुभारंभ होगा।
रंगभरी एकादशी पर श्रीरामजन्मभूमि परिसर में विराजमान रामलला को फलाहार का भोग लगाया जाएगा। श्रीरामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि रंगभरी एकादशी पर रामलला के दरबार में रंग-गुलाल नहीं उड़ाया जाता है। यहां रंगोत्सव केवल मुख्य पर्व पर ही मनाया जाता है। बताया कि एकादशी पर्व पर रामनगरी को फलाहार का भोग लगाया जाएगा।
रामलला को कुट्टू व सिंघाड़ा के आटे की पूड़ी, हलवा, फल, मिष्ठान आदि का भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया जाएगा। बताया कि रंगभरी एकादशी के अवसर पर गर्भगृह केे फूलों से भी सजाया जाएगा। नाका हनुमानगढ़ी स्थित खाटू श्याम दरबार में श्री श्याम फाल्गुन महोत्सव का भव्य आयोजन गुरुवार को किया जाएगा।

इस अवसर पर डांडिया नृत्य एवं फूलों की होली आकर्षण का केंद्र होगी। नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने बताया कि फाल्गुन महोत्सव के अवसर पर गुरुवार शाम चार बजे से शोभायात्रा रामजानकी मंदिर फतेहगंज से निकाली जाएगी। शाम 6 बजे से डांडिया नृत्य एवं फूलों की होली सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed