फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   The alternative system of village government in jeopardy

गांव के सरकार की वैकल्पिक व्यवस्था अधर में

Thu, 05 Nov 2015 12:02 AM IST
फैजाबाद/अमरउजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अमरउजाला ब्यूरो Updated Thu, 05 Nov 2015 12:02 AM IST
विज्ञापन
गांव की सरकार का कार्यकाल समाप्त होने में केवल दो दिन शेष रह गए हैं,
विज्ञापन
लेकिन प्रदेश सरकार अब तक इसकी वैकल्पिक व्यवस्था तय नहीं कर सकी है। न ही जिले को इस बाबत अब तक कोई निर्देश मिला है। ऐसे में जिले की 729 ग्राम पंचायतों में असमंजस की स्थिति बन गई है।

प्रधान अपने कार्यकाल के लेन-देन को निपटाने और अभिलेखों को दुरुस्त कराने में लग गए हैं। प्रस्तावित प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव को लेकर माना जा रहा है कि अब आगे की जिम्मेदारी उन्हें मिलने का मामला खटाई में पड़ सकता है।

 ग्राम पंचायतों की सरकार का कार्यकाल सात नवंबर 2015 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद गांव के प्रधान का कार्यकाल स्वत: समाप्त हो जाएगा। वैधानिक रुप से गांव के चुने गए प्रतिनिधियों का अधिकार भी समाप्त हो जाएगा। इसके बाद इन गांवों के विकास कार्यों सहित अन्य कार्यों को निपटाने की जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बात अब तक साफ नहीं हो सकी है।
विज्ञापन


इसको लेकर ऊहापोह शुरू हो गया है। जिले में 729 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें चुने गए प्रतिनिधि ग्राम प्रधान के रूप में वैधानिक तरीके से कार्यों का संचालन कर रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में ऐसे गांव हैं, जहां अब भी विकास कार्य कराए जा रहे हैं। कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायत की सभी स्वच्छता व स्वास्थ्य सहित सभी छह समितियां निष्क्रिय हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रशासक प्रधान बनेंगे या अफसर, तय नहीं   
अमूमन प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य का नया चुनाव न हो पाने की स्थिति में ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जाते रहे हैं। इनकी दो स्थितियां चर्चा में हैं। संबंधित ग्राम प्रधान को ही प्रशासक बनाया जाए या फिर जिला प्रशासन को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए। पिछले चुनाव के पहले ग्राम पंचायत के प्रधानों को ही प्रशासक के तौर पर नियुक्त कर दिया गया था। जब नए प्रतिनिधि चुनकर आ गए तो शपथ ग्रहण के बाद कार्यभार उन लोगों ने संभाल लिया, लेकिन इस बार जिस दिन प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, ठीक उसी दिन इन पदों के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने की संभावना है। ऐसे में प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने की संभावना कम है।

अब आदेश का हो रहा इंतजार
- जिला प्रशासन के अफसर को प्रशासक बनाए जाने के बारे में भी कोई निर्देश नहीं आया है। प्रदेश शासन ने इसके लिए अब तक कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है। इससे गांव में ऊहापोह की स्थिति है। वर्तमान प्रधान अपने कार्यकाल के अभिलेखों को दुरुस्त कराने में लग गए हैं।

चुनाव के बाद होगी 835 गांवों की सरकार
-प्रस्तावित ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव के बाद अब जिले में 729 के बजाए 835 गांवों की सरकार होगी। पिछले परिसीमन में जिले में 106 ग्राम पंचायतों का सृजन किया गया था। नए चुनाव में जिले के लिए 835 गांवों के लिए चुनाव होगा।


शासन से अभी जारी नहीं हुआ निर्देश
जिला पंचायत राज अधिकारी एके सिंह भी बताते हैं कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल सात नवंबर को समाप्त हो रहा है, लेकिन इसके आगे ग्राम पंचायतों की व्यवस्था के लिए प्रदेश शासन से अभी को निर्देश जारी नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed