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पैदल और साइकिल से आए छात्र समेत प्रोफेसर
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अवध विश्वविद्यालय साइकिल से पहुंचे विभागाध्यक्ष प्रो.अजय प्रताप सिंह।
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि कैंपस व आईईटी परिसर का नजारा मंगलवार को बिल्कुल बदला हुआ दिखा। परिसर में न तो इधर-उधर वाहन दौड़ रहे थे और नहीं वाहनों का शोर था।
कारण, विश्वविद्यालय में माह की पहली तारीख को नो-व्हीकल डे मनाया गया। विवि के आला अफसर समेत प्रोफेसर व छात्र साइकिल व ई-रिक्शा से कैंपस पहुंचे।
अभियान को सफल बनाने के लिए मुख्य नियंता प्रो. आरएन राय ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम के साथ विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर व आईईटी संस्थान में ई-रिक्शा में सवार होकर स्थिति का जायजा लिया।
कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने परिसर को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने व पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक माह के प्रथम दिन को नो-व्हीकल डे घोषित किया है।
साथ ही इसका पालन कराने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड को जिम्मा सौंपा है। मंगलवार को अक्तूबर माह के प्रथम दिन मंगलवार सबुह 10 बजे विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में प्रति कुलपति प्रो. एसएन शुक्ल ई-रिक्शा से परिसर में दाखिल हुए। जबकि इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह साइकिल से कैंपस पहुंचे।
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इसके साथ ही मैथ्स विभाग के प्रोफेसर चयन कुमार मिश्रा रिक्शा कर विवि पहुंचे। साथ ही अन्य कई वरिष्ठ प्रोफेसरों ने पैदल पहुंचकर कुलपति के अभियान को सफल बनाया। छात्र भी पैदल व साइकिल के सहारे पहुंचे।
विश्वविद्यालय गेट पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड सुरक्षा कर्मियों के साथ वाहनों को प्रतिबंधित करने की इस पहल से सूचित करता रहा। सभी परिसरों में एक भी मोटर वाहन को प्रवेश नहीं करने दिया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित की इस पहल से परिसर में प्रदूषण से मुक्ति दिलाने की मुहिम का नगर के बुद्धिजीवियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों ने स्वागत किया है। इस सांकेतिक अभियान से पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा। इस तरह के पहल से अन्य विभागों एवं संस्थानों को इससे जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
इस अभियान में कार्यपरिषद सदस्य ओम प्रकाश सिंह, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, डॉ. शैलेंद्र वर्मा, डॉ. राजेश सिंह कुशवाहा, डॉ. विनय मिश्र, डॉ. रवि पाण्डेय, डॉ. बृजेश भारद्धाज, डॉ. प्रवीण राय, डॉ. कविता श्रीवास्तव सहित सुरक्षाकर्मी शामिल रहे।
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कारण, विश्वविद्यालय में माह की पहली तारीख को नो-व्हीकल डे मनाया गया। विवि के आला अफसर समेत प्रोफेसर व छात्र साइकिल व ई-रिक्शा से कैंपस पहुंचे।
अभियान को सफल बनाने के लिए मुख्य नियंता प्रो. आरएन राय ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम के साथ विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर व आईईटी संस्थान में ई-रिक्शा में सवार होकर स्थिति का जायजा लिया।
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कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने परिसर को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने व पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक माह के प्रथम दिन को नो-व्हीकल डे घोषित किया है।
साथ ही इसका पालन कराने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड को जिम्मा सौंपा है। मंगलवार को अक्तूबर माह के प्रथम दिन मंगलवार सबुह 10 बजे विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में प्रति कुलपति प्रो. एसएन शुक्ल ई-रिक्शा से परिसर में दाखिल हुए। जबकि इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह साइकिल से कैंपस पहुंचे।
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इसके साथ ही मैथ्स विभाग के प्रोफेसर चयन कुमार मिश्रा रिक्शा कर विवि पहुंचे। साथ ही अन्य कई वरिष्ठ प्रोफेसरों ने पैदल पहुंचकर कुलपति के अभियान को सफल बनाया। छात्र भी पैदल व साइकिल के सहारे पहुंचे।
विश्वविद्यालय गेट पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड सुरक्षा कर्मियों के साथ वाहनों को प्रतिबंधित करने की इस पहल से सूचित करता रहा। सभी परिसरों में एक भी मोटर वाहन को प्रवेश नहीं करने दिया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित की इस पहल से परिसर में प्रदूषण से मुक्ति दिलाने की मुहिम का नगर के बुद्धिजीवियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों ने स्वागत किया है। इस सांकेतिक अभियान से पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा। इस तरह के पहल से अन्य विभागों एवं संस्थानों को इससे जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
इस अभियान में कार्यपरिषद सदस्य ओम प्रकाश सिंह, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, डॉ. शैलेंद्र वर्मा, डॉ. राजेश सिंह कुशवाहा, डॉ. विनय मिश्र, डॉ. रवि पाण्डेय, डॉ. बृजेश भारद्धाज, डॉ. प्रवीण राय, डॉ. कविता श्रीवास्तव सहित सुरक्षाकर्मी शामिल रहे।