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रामशिला पूजन की भांति पूरे देश में मनाया जाएगा श्रीराम महोत्सव : अंबरीश
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अयोध्या। विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री अंबरीष ने सोमवार को कारसेवक पुरम में आयोजित धर्म रक्षा निधि समर्पण कार्यक्रम में कहा कि मंदिर मात्र पूजा का स्थान नहीं, यह हमारी श्रद्धा-भक्ति और आस्था का केंद्र है।
देश में आक्रमणकारियों ने तीस हजार मंदिरों को तोड़ा और हमारी श्रद्धा को रक्तरंजित किया। जिसका परिमार्जन अयोध्या में दिव्य और भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होना है। उन्होंने कहा श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण से पूर्व देश मे रामशिला पूजन की भांति श्रीराम महोत्सव को मनाया जायेगा। देश सहित प्रदेशों में इसकी तैयारी हो रही है। 25 मार्च चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से 8 अप्रैल हनुमान जयंती तक संपूर्ण राष्ट्र राममय होगा।
अंबरीश ने कहा कि दिल्ली के 16 स्थानों पर सीएए और एनआरसी के विरुद्ध धरना प्रदर्शन भारत की कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर अपने अस्तित्व को बचाने का प्रोपेगंडा है। उन्होंने दंगा को एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा बताते हुए कहा की देश में अस्थिरता पैदा करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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भारत की स्वतंत्रता के उपरांत भी इसी प्रकार का माहौल एक वर्ग विशेष द्वारा उत्पन्न किया गया। जिसके कारण पाकिस्तान जैसे विषैले सर्प का जन्म हुआ। उन्होंने कहा विश्व हिंदू परिषद भयमुक्त, भेदभाव से मुक्त सामाजिक समन्वय से ओतप्रोत, सशक्त और संगठित हिंदू समाज को खड़ा करना चाहती है।
जिसके लिए लगातार 1964 से प्रयास जारी है। हम पराधीन जरूर थे लेकिन, हमने कभी अपने धर्म का त्याग नहीं किया 100 करोड़ से अधिक हिंदू अगर आज हैं तो वह अपनी परंपराओं अपनी संस्कृति के कारण है। उन्होंने कहा हम भिन्नता के बाद भी हिंदू हैं हमारी पहचान हिंदू है।
अनेकता में भी एकता यही तो हमारी विशेषता है। हिंदुओं को समाप्त करने का लगातार षड्यंत्र पूर्व में जारी था और वर्तमान में भी जारी है। ईसाई और मुस्लिम दोनों धर्मांतरण जैसे कुचक्र लगातार चलाते रहे लेकिन हिंदू समाज चट्टान की भांति दृढ़तापूर्वक डटा है।जो कभी मिटने वाला नही है। कहा अभी संगठन धर्मरक्षा निधि के कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। यह कार्यक्रम संगठन तंत्र को मजबूत करने का माध्यम है।
इससे पूर्व कारसेवकपुरम के प्रभारी शिवदास ने धर्मरक्षा निधि समर्पण पर प्रकाश डाला और कहा जब संगठन की नींव मजबूत होगी तभी तंत्र का विकास होगा। इसके लिए समाज का सहयोग ही बल प्रदान केरेगा। इस दौरान विहिप के प्रांतीय संगठन मंत्री राजेश, विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा, वीरेन्द्र, स्वदेश, विभाग मंत्री धीरेश्वर वर्मा, जिला संगठन मंत्री रत्नेश, डाँ कुसुम अग्रवाल, घनश्याम जायसवाल, राजा वर्मा, पवन सिंह, पुजारी हजारी बाबा आदि उपस्थित रहे।
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देश में आक्रमणकारियों ने तीस हजार मंदिरों को तोड़ा और हमारी श्रद्धा को रक्तरंजित किया। जिसका परिमार्जन अयोध्या में दिव्य और भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होना है। उन्होंने कहा श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण से पूर्व देश मे रामशिला पूजन की भांति श्रीराम महोत्सव को मनाया जायेगा। देश सहित प्रदेशों में इसकी तैयारी हो रही है। 25 मार्च चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से 8 अप्रैल हनुमान जयंती तक संपूर्ण राष्ट्र राममय होगा।
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अंबरीश ने कहा कि दिल्ली के 16 स्थानों पर सीएए और एनआरसी के विरुद्ध धरना प्रदर्शन भारत की कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर अपने अस्तित्व को बचाने का प्रोपेगंडा है। उन्होंने दंगा को एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा बताते हुए कहा की देश में अस्थिरता पैदा करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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भारत की स्वतंत्रता के उपरांत भी इसी प्रकार का माहौल एक वर्ग विशेष द्वारा उत्पन्न किया गया। जिसके कारण पाकिस्तान जैसे विषैले सर्प का जन्म हुआ। उन्होंने कहा विश्व हिंदू परिषद भयमुक्त, भेदभाव से मुक्त सामाजिक समन्वय से ओतप्रोत, सशक्त और संगठित हिंदू समाज को खड़ा करना चाहती है।
जिसके लिए लगातार 1964 से प्रयास जारी है। हम पराधीन जरूर थे लेकिन, हमने कभी अपने धर्म का त्याग नहीं किया 100 करोड़ से अधिक हिंदू अगर आज हैं तो वह अपनी परंपराओं अपनी संस्कृति के कारण है। उन्होंने कहा हम भिन्नता के बाद भी हिंदू हैं हमारी पहचान हिंदू है।
अनेकता में भी एकता यही तो हमारी विशेषता है। हिंदुओं को समाप्त करने का लगातार षड्यंत्र पूर्व में जारी था और वर्तमान में भी जारी है। ईसाई और मुस्लिम दोनों धर्मांतरण जैसे कुचक्र लगातार चलाते रहे लेकिन हिंदू समाज चट्टान की भांति दृढ़तापूर्वक डटा है।जो कभी मिटने वाला नही है। कहा अभी संगठन धर्मरक्षा निधि के कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। यह कार्यक्रम संगठन तंत्र को मजबूत करने का माध्यम है।
इससे पूर्व कारसेवकपुरम के प्रभारी शिवदास ने धर्मरक्षा निधि समर्पण पर प्रकाश डाला और कहा जब संगठन की नींव मजबूत होगी तभी तंत्र का विकास होगा। इसके लिए समाज का सहयोग ही बल प्रदान केरेगा। इस दौरान विहिप के प्रांतीय संगठन मंत्री राजेश, विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा, वीरेन्द्र, स्वदेश, विभाग मंत्री धीरेश्वर वर्मा, जिला संगठन मंत्री रत्नेश, डाँ कुसुम अग्रवाल, घनश्याम जायसवाल, राजा वर्मा, पवन सिंह, पुजारी हजारी बाबा आदि उपस्थित रहे।