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सात चिकित्सकों का तबादला, सिर्फ एक की हुई तैनाती
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अयोध्या। रामनगरी के श्रीराम चिकित्सालय में तो चिकित्सकों की भरमार हो गई लेकिन जिला अस्पताल की खूब उपेक्षा की गई। यहां से सात विशेषज्ञों को तो स्थानांतरित कर दिया गया लेकिन इनके स्थान पर सिर्फ एक की ही तैनाती की गई। इसमें पहले से ही चिकित्सकों के कई पद रिक्त थे। ऐसे में अब यहां जुगाड़ से काम चलाया जा रहा है।
मंडल मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल में 216 बेड हैं। मंडल पर होने के कारण यहां अयोध्या समेत अन्य निकटवर्ती जिलों के मरीजों का भी तांता लगा रहता है। यहां चिकित्सकों के 46 पद स्वीकृत हैं। अस्पताल में फिजीशियन के सभी तीन, ईएमओ के चार व विशिष्टता और अति विशिष्टता के चिकित्सकों के सभी पांच पद रिक्त चल रहे थे। इन पदों को भरने के लिए शासन स्तर पर कई बार पत्राचार किया गया था। विपक्षी दल के विधायकों ने भी यह मामला विधानसभा में उठाया था लेकिन चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी।
इधर, मध्य जून से शासन की ओर से स्थानांतरण नीति लाई गई तो यहां भी चिकित्सकों के पहुंचने की उम्मीद जगी। गुरुवार देररात स्थानांतरण आदेश पूरे प्रदेश में जारी हो गया और जिले को भी चौदह चिकित्सक मिले लेकिन जिला अस्पताल उपेक्षित रहा। यहां से आर्थो सर्जन डॉ. जीसी पाठक, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. आरबी वर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके वर्मा व डॉ. इंद्र भूषण, जनरल सर्जन डॉ. आरसी गुप्ता, डॉ. मिथिलेश भारती, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह को गैर जनपद भेज दिया गया। इनके स्थान पर सिर्फ एक चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद अकरम को ही भेजा गया है। ऐसे में यहां पहले से ही चिकित्सकों की कमी की समस्या और विकराल हो गई है।
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जिला अस्पताल में तैनात दोनों बाल रोग विशेषज्ञों का तबादला तो कर दिया गया लेकिन उनके स्थान पर एक भी तैनाती नहीं की गई। यही हाल फिजीशियन का भी है। स्वीकृत तीन फिजीशियन के सापेक्ष किसी की भी तैनाती नहीं है और एक भी फिजीशियन नहीं भेजा गया। वहीं, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय में तीन फिजीशियन भेज दिए गये। फिजीशियन व बाल रोग विशेषज्ञ के अभाव में अस्पताल चला पाना आसान नहीं है।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों की पहले से ही कमी थी। ऊपर से सात चिकित्सकों का तबादला हो गया लेकिन एक ही चिकित्सक भेजा गया। बाल रोग विशेषज्ञ व फिजीशियन की तैनाती भी नहीं की गई है। समस्या से शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव को अवगत कराया गया है, उन्होंने शीघ्र ही समस्या का निराकरण कराने का आश्वासन दिया है।
-डॉ. सीबीएन त्रिपाठी, सीएमएस, जिला अस्पताल
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मंडल मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल में 216 बेड हैं। मंडल पर होने के कारण यहां अयोध्या समेत अन्य निकटवर्ती जिलों के मरीजों का भी तांता लगा रहता है। यहां चिकित्सकों के 46 पद स्वीकृत हैं। अस्पताल में फिजीशियन के सभी तीन, ईएमओ के चार व विशिष्टता और अति विशिष्टता के चिकित्सकों के सभी पांच पद रिक्त चल रहे थे। इन पदों को भरने के लिए शासन स्तर पर कई बार पत्राचार किया गया था। विपक्षी दल के विधायकों ने भी यह मामला विधानसभा में उठाया था लेकिन चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी।
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इधर, मध्य जून से शासन की ओर से स्थानांतरण नीति लाई गई तो यहां भी चिकित्सकों के पहुंचने की उम्मीद जगी। गुरुवार देररात स्थानांतरण आदेश पूरे प्रदेश में जारी हो गया और जिले को भी चौदह चिकित्सक मिले लेकिन जिला अस्पताल उपेक्षित रहा। यहां से आर्थो सर्जन डॉ. जीसी पाठक, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. आरबी वर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके वर्मा व डॉ. इंद्र भूषण, जनरल सर्जन डॉ. आरसी गुप्ता, डॉ. मिथिलेश भारती, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह को गैर जनपद भेज दिया गया। इनके स्थान पर सिर्फ एक चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद अकरम को ही भेजा गया है। ऐसे में यहां पहले से ही चिकित्सकों की कमी की समस्या और विकराल हो गई है।
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जिला अस्पताल में तैनात दोनों बाल रोग विशेषज्ञों का तबादला तो कर दिया गया लेकिन उनके स्थान पर एक भी तैनाती नहीं की गई। यही हाल फिजीशियन का भी है। स्वीकृत तीन फिजीशियन के सापेक्ष किसी की भी तैनाती नहीं है और एक भी फिजीशियन नहीं भेजा गया। वहीं, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय में तीन फिजीशियन भेज दिए गये। फिजीशियन व बाल रोग विशेषज्ञ के अभाव में अस्पताल चला पाना आसान नहीं है।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों की पहले से ही कमी थी। ऊपर से सात चिकित्सकों का तबादला हो गया लेकिन एक ही चिकित्सक भेजा गया। बाल रोग विशेषज्ञ व फिजीशियन की तैनाती भी नहीं की गई है। समस्या से शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव को अवगत कराया गया है, उन्होंने शीघ्र ही समस्या का निराकरण कराने का आश्वासन दिया है।
-डॉ. सीबीएन त्रिपाठी, सीएमएस, जिला अस्पताल