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सरयू में उफान थमा, कटान का खतरा बढ़ा
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अयोध्या में सरयू का बढ़ता जलस्तर।
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। पिछले तीन दिनों से उफनाई सरयू के जलस्तर में वृद्धि का क्रम मंगलवार रात से थम गया। बुधवार शाम सरयू 90.90 मीटर पर स्थिर हो गईै। लेकिन बारिश के कारण नदी की लहरें तेजी से कटान कर रही हैं।
नदी का जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु 91.73 मीटर से 83 सेमी. दूर है। वहीं पिछले कुछ दिनों से नदी में आए उफान से कछार के क्षेत्रों में पानी घुसने के कारण हलचल बढ़ गई है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है। लोगों ने बाढ़ के खतरे की संभावना से ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी शुरू कर दी है।
नदी का जलस्तर बढ़ने और फिर घटने से तटीय क्षेत्रों के साथ अयोध्या, बिल्वहरिघाट रूदौली व सोहावल स्थित बंधे पर कटान का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
हालांकि अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है और सरयू लाल निशान से करीब दो मीटर दूर है। बावजूद इसके लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी शुरू कर दी है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश से सरयू में आए उफान का असर दिखने लगा है। तेजी से रुक-रुक कर बढ़ रहा नदी का जलस्तर मंगलवार की मध्य रात लगभग 12 बजे 90.90 मीटर पर पहुंचकर थम गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बुधवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर 90.90 मीटर रिकार्ड किया गया।
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सप्ताह भर से जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी की रफ्तार कम होने और थमने के बाद गिरावट शुरू होने से सरयू से सटे इलाकों में कटान का खतरा गंभीर हो गया है।
शहर के गुप्तारघाट के तटीय मीरनघाट, निर्मली कुंड, परिक्रमा मार्ग आदि क्षेत्रों को छूकर निकल रही सरयू नदी के पानी से कटान बढ़ने लगी है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व जीएल शुक्ल ने बताया कि अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। बावजूद इसकी पूरी सक्रियता बरती जा रही है। बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य विभाग, पशु विभाग, नाव, नाविकों आदि की व्यवस्था कर दी गई है। बंधे पूरी तरह से सुरक्षित है, पल-पल की मॉनिटरिंग की जा रही है।
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नदी का जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु 91.73 मीटर से 83 सेमी. दूर है। वहीं पिछले कुछ दिनों से नदी में आए उफान से कछार के क्षेत्रों में पानी घुसने के कारण हलचल बढ़ गई है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है। लोगों ने बाढ़ के खतरे की संभावना से ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी शुरू कर दी है।
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नदी का जलस्तर बढ़ने और फिर घटने से तटीय क्षेत्रों के साथ अयोध्या, बिल्वहरिघाट रूदौली व सोहावल स्थित बंधे पर कटान का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
हालांकि अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है और सरयू लाल निशान से करीब दो मीटर दूर है। बावजूद इसके लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी शुरू कर दी है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश से सरयू में आए उफान का असर दिखने लगा है। तेजी से रुक-रुक कर बढ़ रहा नदी का जलस्तर मंगलवार की मध्य रात लगभग 12 बजे 90.90 मीटर पर पहुंचकर थम गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बुधवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर 90.90 मीटर रिकार्ड किया गया।
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सप्ताह भर से जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी की रफ्तार कम होने और थमने के बाद गिरावट शुरू होने से सरयू से सटे इलाकों में कटान का खतरा गंभीर हो गया है।
शहर के गुप्तारघाट के तटीय मीरनघाट, निर्मली कुंड, परिक्रमा मार्ग आदि क्षेत्रों को छूकर निकल रही सरयू नदी के पानी से कटान बढ़ने लगी है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व जीएल शुक्ल ने बताया कि अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। बावजूद इसकी पूरी सक्रियता बरती जा रही है। बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य विभाग, पशु विभाग, नाव, नाविकों आदि की व्यवस्था कर दी गई है। बंधे पूरी तरह से सुरक्षित है, पल-पल की मॉनिटरिंग की जा रही है।