फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   ram nagri

अमन की आस में उत्साहित दिखी अयोध्या

Wed, 16 Oct 2019 11:00 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Oct 2019 11:00 PM IST
विज्ञापन
ram nagri
हनुमानगढ़ी में महंत ज्ञान दास के आवास पर एकत्र साधु-संत। - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर लंबे अरसे से न्यायालयों में चल रही सुनवाई का सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को आखिरी दिन रहा।
विज्ञापन

हिंदू-मुस्लिम सहित शहरवासी अयोध्या के विकास मेें रोड़ा बने और राजनीति का केंद्र रहे इस विवाद से अब राहत मिलने की उम्मीद में हैं। किसी को राममंदिर तो कोई सुकून लौटने की उम्मीद में खुश दिखा।
साधु-संतों व श्रद्धालुओं में जश्न का माहौल था खुशी इस बात की थी कि अब अदालत का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। मुस्लिम पक्षकार भी अपने आवास पर सुकून की मुद्रा में नजर आए। अयोध्या में बुधवार की सुबह मंदिरों में घंटे-घड़ियाल उसी तरह बज रहे थे, जैसे बाकी दिन। अजान भी वैसे ही सुनाई पड़ी।
विज्ञापन

सीन-1
उम्मीद में उत्साहित दिखे साधु-संत
लंबे अरसे से अदालत की चौखट नाप रहे रामनगरी के संत-धर्माचार्य बुधवार को अयोध्या विवाद से राहत मिलने की उम्मीद से उत्साहित दिखे। महंत ज्ञानदास के आवास पर एकत्र हुए साधु-संतों ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया। महंत ज्ञानदास ने कहा राजनीति के फेर में उलझा रहा मामला अब पटाक्षेप की ओर है, इससे बड़ी राहत की बात और क्या हो सकती है कि हमारे रामलला को अब न्याय मिलने की उम्मीद प्रबल हो गई है। उनके उत्तराधिकारी महंत संजय दास व शिष्य हेमंत दास कहते हैं कि यह उत्साहजनक है कि अब अयोध्या विवाद के लिए नहीं जानी जाएगी। अगले कुछ दिनों में निर्णय आने के बाद राममंदिर निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीन-2
बिड़ला धर्मशाला मंदिर में हुआ हवन
हनुमानगढ़ी के पुजारी व रामकोट वार्ड के पार्षद रमेश दास ने बिड़ला धर्मशाला मंदिर में बने हवनकुंड में संतों के साथ वैदिक मंत्रोच्चारों के मध्य बाकायदा हवन पूजन भी किया। रमेश दास ने कहा कि आज सुनवाई का अंतिम दिन था, कोई बाधा न आए इसलिए रामनाम मंत्रों से हवन पूजन कर बाधा निवारण की कामना की गई। हवन के पीछे मंदिर निर्माण में आ रही बाधाओं के शमन का भी उद्देश्य था। बिड़ला धर्मशाला के प्रबंधक पवन सिंह ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सबूतों के आधार पर निर्णय हमारे ही पक्ष में आएगा शीघ्र ही भव्य राममंदिर का सपना साकार होगा। हवन पूजन में पुजारी अंकुश झा, प्रेमदास, मुकुल बिहारी सहित अन्य मौजूद रहे।
सीन-3
न्यास कार्यशाला में मंदिर निर्माण की तैयारी की उत्सुकता
अयोध्या विभिन्न प्रांतों से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रामघाट स्थित रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में नजर आई। यहां पहुंचे श्रद्धालुओं में राममंदिर की तैयारी जानने की उत्सुकता नजर आई, लोग तराशे गये पत्थरों एवं राममंदिर के मॉडल को आत्मीय भाव से निहारते रहे। बिहार के श्रद्धालु नरेंद्र कुमार व गंगा दयाल ने कहा कि अब उम्मीद बढ़ गई है कि हमारे रामलला का भव्य मंदिर बनेगा। कलकत्ता के श्रद्धालु सुब्रत दास व अभिजीत दास राममंदिर के हक में फैसले आने की बात पर भावविभोर नजर आए बोले कब से इस दिन का इंतजार है हम सभी को, अयोध्या में रामंमदिर नहीं बनेगा तो कहां बनेगा। अगली बार जब अयोध्या आऊंगा तो राममंदिर में आराध्य के दर्शन होंगे इसकी पूरी उम्मीद है।

अयोध्या में कायम रहना चाहिए अमन-चैन : इकबाल अंसारी
मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब व इकबाल अंसारी भी अपने आवास पर तनावमुक्त दिखे, दोनों ने कहा कि अब कोर्ट के फैसले पर निगाहें हैं, बस अमन-चैन कायम रहना चाहिए। यहीं मिले मित्र मंच के प्रदेश प्रभारी शरद पाठक बाबा कहते हैं कि अयोध्या कभी भी विवाद की जगह नहीं थी, राजनीतिज्ञों ने इसे विवादित बना दिया। अयोध्या तो संवाद व सौहार्द की नगरी है। फिलहाल अयोध्या से अब विवाद खत्म होगा शीघ्र ही रामनगरी की नई सुबह होगी, इस नई सुबह का हम सबको बेसब्री से इंतजार है। सरयू तट पर पूजन-अर्चन के लिए पहुंचे करतलिया आश्रम के महंत रामदास बोले कि अयोध्या का मिजाज आज तक लोग समझ ही नहीं पाए, ये तो बाहरी हैं जो माहौल बिगाड़ते हैं वरना अयोध्या के सद्भाव की खुशबू दूर-दूर तक जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed