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अयोध्या में धूमधाम और शान से निकली राम बारात
फैजाबाद
Updated Sun, 04 Dec 2016 11:19 PM IST
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अयोध्या में रविवार की देर शाम जानकी महल ट्रस्ट से गाजे-बाजे के साथ निकली भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न की बारात व शामिल बाराती।
- फोटो : अमर उजाला
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रविवार को अयोध्या जश्न में डूबी रही। यहां श्री राम विवाहोत्सव की धूम है। शाम होते ही विभिन्न मठ-मंदिरों से भगवान श्री राम की भव्य बारात गाजे-बाजे व हाथी-घोड़ों और आतिशबाजी की धूम के साथ निकाली गई।
नगरवासियों व श्रद्धालुओं ने बारात का जगह-जगह पुष्प वर्षा व आरती उतारकर स्वागत किया। जय श्री राम व हर-हर महादेव के नारे गूंजते रहे। श्रद्धालु बाराती रहे। इस दौरान सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम रहे।
धार्मिक मान्यता के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि पर श्री राम विवाहोत्सव का आयोजन होता है। बिअहुति भवन, जानकी महल ट्रस्ट, कनक भवन, बड़ा स्थान दशरथ महल, दिव्यकला कुंज-रूपकला कुंज, श्रीराम बल्लभाकुंज, प्राचीन जगन्नाथ मंदिर, माधुरी कुंज, रंगमहल, रामहर्षण कुंज, रामसखी मंदिर सहित विभिन्न मठ-मंदिरों में श्री राम विवाहोत्सव मार्गशीर्ष द्वितीया से ही शुरू हो गया था।
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सूर्य की लालिमा मद्धिम पड़ते ही मंदिरों से प्रतीक भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के दूल्हा स्वरूप और बारातियों में महर्षि गुरू वशिष्ठ, राजा दशरथ, हनुमंत लला, जामवंत आदि से सजी बारात निकलनी शुरू हुई तो देर शाम तक बारात निकलने का क्रम जारी रहा।
प्रसिद्ध कनक भवन मंदिर व बिअहुति भवन और जानकी महल ट्रस्ट की राम बारात की भव्यता देख लोग भाव विभोर हो गए। बैंड-बाजे, हाथी-घोड़ों से सजी बारात सतरंगी आतिशबाजी व झिलमिल रोशनियों के बीच नगर के प्रमुख मार्गों पर निकली तो धर्माचार्यों के साथ श्रद्धालु जय श्री राम व राम जी की निकली सवारी जैसे गीतों को लयबद्ध कर श्रद्धा से प्रफुल्लित रहे।
नगर के प्रमुख मार्र्गों से होते हुए वापस मंदिरों में समाप्त हुई। देर रात मठ-मंदिरों में वैदिक रीति-रिवाज से श्री राम विवाह संपन्न हुआ। विवाहोत्सव में शामिल होने के लिए भोपाल, दिल्ली, इंदौर, मुंबई, पुणे, चंडीगढ़, बेंगलुरु, कोलकाता, पटना, कोचीन सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या श्रद्धालु जुटे।
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नगरवासियों व श्रद्धालुओं ने बारात का जगह-जगह पुष्प वर्षा व आरती उतारकर स्वागत किया। जय श्री राम व हर-हर महादेव के नारे गूंजते रहे। श्रद्धालु बाराती रहे। इस दौरान सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम रहे।
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धार्मिक मान्यता के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि पर श्री राम विवाहोत्सव का आयोजन होता है। बिअहुति भवन, जानकी महल ट्रस्ट, कनक भवन, बड़ा स्थान दशरथ महल, दिव्यकला कुंज-रूपकला कुंज, श्रीराम बल्लभाकुंज, प्राचीन जगन्नाथ मंदिर, माधुरी कुंज, रंगमहल, रामहर्षण कुंज, रामसखी मंदिर सहित विभिन्न मठ-मंदिरों में श्री राम विवाहोत्सव मार्गशीर्ष द्वितीया से ही शुरू हो गया था।
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सूर्य की लालिमा मद्धिम पड़ते ही मंदिरों से प्रतीक भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के दूल्हा स्वरूप और बारातियों में महर्षि गुरू वशिष्ठ, राजा दशरथ, हनुमंत लला, जामवंत आदि से सजी बारात निकलनी शुरू हुई तो देर शाम तक बारात निकलने का क्रम जारी रहा।
प्रसिद्ध कनक भवन मंदिर व बिअहुति भवन और जानकी महल ट्रस्ट की राम बारात की भव्यता देख लोग भाव विभोर हो गए। बैंड-बाजे, हाथी-घोड़ों से सजी बारात सतरंगी आतिशबाजी व झिलमिल रोशनियों के बीच नगर के प्रमुख मार्गों पर निकली तो धर्माचार्यों के साथ श्रद्धालु जय श्री राम व राम जी की निकली सवारी जैसे गीतों को लयबद्ध कर श्रद्धा से प्रफुल्लित रहे।
नगर के प्रमुख मार्र्गों से होते हुए वापस मंदिरों में समाप्त हुई। देर रात मठ-मंदिरों में वैदिक रीति-रिवाज से श्री राम विवाह संपन्न हुआ। विवाहोत्सव में शामिल होने के लिए भोपाल, दिल्ली, इंदौर, मुंबई, पुणे, चंडीगढ़, बेंगलुरु, कोलकाता, पटना, कोचीन सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या श्रद्धालु जुटे।