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टोक्यो में गोल्ड जीतने वाले नीरज का अयोध्या से रहा है नाता
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अयोध्या। टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड जीतकर पूरे विश्व में भारत का मान बढ़ाने वाले हरियाणा के रहने वाले नीरज चोपड़ा का अयोध्या से भी नाता रहा है। उन्होंने वर्ष 2015 में कुमारगंज क्षेत्र के रामनेवाज सिंह महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था लेकिन आर्मी में भर्ती होने के कारण व परीक्षा नहीं दे सके थे। हालांकि व कभी अयोध्या आए नहीं।
महाविद्यालय के प्रबंधक मनीष सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 में कबड्डी इंडिया कैंप के तीन-चार खिलाड़ी उनके यहां पढ़ रहे थे, उन्हीं के माध्यम से नीरज ने उनके स्कूल में बीए प्रथम वर्ष में रजिस्ट्रेशन कराया था।
बताया कि मैं वर्ष 2015 में कबड्डी की टीम लेकर पंजाब के पटियाला गया था, वहां नीरज चोपड़ा से मुलाकात हुई। शुरू में नीरज का वजन करीब 110 किलो था। उसके घरवालों ने यह कहकर उसे भेजा था कि जिम जाओ और कबड्डी खेलो।
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वह कबड्डी खेलने के लिए अपने घर से दस किमी दूर स्टेडियम दौड़कर जाता था। तब उसका वजन घटा। बाद में उसे कबड्डी का कोच नहीं मिला और भाला फेंकने की ट्रेनिंग देने वाले कोच मिल गए।
उन्होंने कहा कि तुम भाला फेंकना सीखो। इसी के बाद से उसने भाला फेंकना शुरू कर दिया। बताया कि उसके साथ रहने वाले सभी साथी खिलाड़ी उसकी मेहनत, लगन के कायल थे। वह सभी से कहता था कि देखना एक दिन मैं अपने देश के लिए गोल्ड लाऊंगा।
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महाविद्यालय के प्रबंधक मनीष सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 में कबड्डी इंडिया कैंप के तीन-चार खिलाड़ी उनके यहां पढ़ रहे थे, उन्हीं के माध्यम से नीरज ने उनके स्कूल में बीए प्रथम वर्ष में रजिस्ट्रेशन कराया था।
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बताया कि मैं वर्ष 2015 में कबड्डी की टीम लेकर पंजाब के पटियाला गया था, वहां नीरज चोपड़ा से मुलाकात हुई। शुरू में नीरज का वजन करीब 110 किलो था। उसके घरवालों ने यह कहकर उसे भेजा था कि जिम जाओ और कबड्डी खेलो।
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वह कबड्डी खेलने के लिए अपने घर से दस किमी दूर स्टेडियम दौड़कर जाता था। तब उसका वजन घटा। बाद में उसे कबड्डी का कोच नहीं मिला और भाला फेंकने की ट्रेनिंग देने वाले कोच मिल गए।
उन्होंने कहा कि तुम भाला फेंकना सीखो। इसी के बाद से उसने भाला फेंकना शुरू कर दिया। बताया कि उसके साथ रहने वाले सभी साथी खिलाड़ी उसकी मेहनत, लगन के कायल थे। वह सभी से कहता था कि देखना एक दिन मैं अपने देश के लिए गोल्ड लाऊंगा।