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उप श्रमायुक्त ने व्यापारियों को दी योजनाओं की जानकारी
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अयोध्या। प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना, श्रम कल्याण परिषद से संचालित योजनाओं, दुकान एवं वाणिज्य प्रतिष्ठानों के पंजीयन, नवीनीकरण और बाल श्रमिकों का नियोजन न किए जाने को लेकर उपश्रमायुक्त अनुराग मिश्र की अध्यक्षता में बैठक की गई। इसमें आईआईए एसोसिएशन, उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी शामिल हुए।
उपश्रमायुक्त कार्यालय खपड़ाडीह कोठी, सिविल लाइन में हुई बैठक में प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के तहत 18 से 40 वर्ष के मध्य आयु के व्यापारी जिनका वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये तक है, वे इस योजना में पात्र होंगे।
उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद से संचालित योजनाएं जिनमें ऐसे श्रमिक जो उत्तर प्रदेश दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम 1962/कारखाना अधिनियम 1948 के तहत पंजीकृत कारखानों में कार्यरत हैं और जिनका मासिक वेतन मूल वेतन और महंगाई भत्ता मिलाकर 15000 रुपये से अधिक न हो, उनके पुत्र/पुत्रियों को योजना के तहत लाभ मिलेगा।
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प्राविधिक शिक्षा में प्रवेश पाने पर आर्थिक सहायता के रूप में सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम के लिए 5000 रुपये एकमुश्त प्रतिवर्ष, डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए 8000 रुपये एकमुश्त प्रतिवर्ष, डिग्री पाठ्यक्रम के लिए 10000 रुपये एकमुश्त की व्यवस्था है। इसके साथ ही मेधावी पुरस्कार राशि की भी व्यवस्था है।
दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठानों के पंजीयन/नवीनीकरण को लेकर पहली अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक सप्ताह में दो दिन कैंप का आयोजन होगा। इसमें व्यापारी अपने प्रतिष्ठान का पंजीयन/नवीनीकरण करा सकते हैं।
बताया गया कि 14 से 18 वर्ष तक की आयु के बाल एवं किशोर श्रमिकों का नियोजन वर्जित उद्योगों में न किया जाय। बैठक में व्यापारी संगठनों के साथ विभाग के अफसर मौजूद रहे।
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उपश्रमायुक्त कार्यालय खपड़ाडीह कोठी, सिविल लाइन में हुई बैठक में प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के तहत 18 से 40 वर्ष के मध्य आयु के व्यापारी जिनका वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये तक है, वे इस योजना में पात्र होंगे।
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उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद से संचालित योजनाएं जिनमें ऐसे श्रमिक जो उत्तर प्रदेश दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम 1962/कारखाना अधिनियम 1948 के तहत पंजीकृत कारखानों में कार्यरत हैं और जिनका मासिक वेतन मूल वेतन और महंगाई भत्ता मिलाकर 15000 रुपये से अधिक न हो, उनके पुत्र/पुत्रियों को योजना के तहत लाभ मिलेगा।
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प्राविधिक शिक्षा में प्रवेश पाने पर आर्थिक सहायता के रूप में सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम के लिए 5000 रुपये एकमुश्त प्रतिवर्ष, डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए 8000 रुपये एकमुश्त प्रतिवर्ष, डिग्री पाठ्यक्रम के लिए 10000 रुपये एकमुश्त की व्यवस्था है। इसके साथ ही मेधावी पुरस्कार राशि की भी व्यवस्था है।
दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठानों के पंजीयन/नवीनीकरण को लेकर पहली अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक सप्ताह में दो दिन कैंप का आयोजन होगा। इसमें व्यापारी अपने प्रतिष्ठान का पंजीयन/नवीनीकरण करा सकते हैं।
बताया गया कि 14 से 18 वर्ष तक की आयु के बाल एवं किशोर श्रमिकों का नियोजन वर्जित उद्योगों में न किया जाय। बैठक में व्यापारी संगठनों के साथ विभाग के अफसर मौजूद रहे।