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अब सौर ऊर्जा चालित चरखे से काते जाएंगे सूत
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अयोध्या। अब सौर ऊर्जा से चलने वाली चरखा मशीन से सूत काता जाएगा। इसके लिए जिले में प्रथम चरण में 25 लाभार्थियों को सौर ऊर्जा संचालित चरखे दिए जाएंगे। माना जा रहा है कि हाथ की अपेक्षा मशीन से कातने में चार गुना अधिक सूत कात सकेंगे। इसके पहले कुम्हारी कला से जुड़े लोगों के लिए इलेक्ट्रिक चालित चाक की व्यवस्था सरकार ने कराई थी। लगभग दो दर्जन लोगों को इलेक्ट्रिक चालित चाक का वितरण किया गया था।
ग्रामीण उद्योगधंधों को बढ़ावा देने के लिए सरकार नित नए प्रयोग कर रही है। अब सूत कातकर जीवन यापन करने वाले लोगों को सौर चालित चरखे देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए जिले के 25 लाभार्थियों का चयन किया गया है। जल्द ही इनकी आपूर्ति होने पर वितरण किया जाएगा। एक सौर ऊर्जा संचालित चरखे की कीमत 50 से 55 हजार रुपये होगी।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सरकार से सौर ऊर्जा चालित चरखे देने की व्यवस्था है। पहले चरण में सांसद आदर्श ग्राम से 25 लाभार्थियों का चयन कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा संचालित चरखे से सूत कातने में आसानी होगी। एक लाभार्थी हाथ से जितना सूत कात सकता है, मशीन से उससे लगभग चार गुना सूत कात सकेगा। इससे उसे ज्यादा लाभ होगा। सौर ऊर्जा चालित चरखे में मोटर लगा होगा, जो दिन में सौर ऊर्जा से जोड़ने पर चलेगा और सूत काता जा सकेगा।
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ग्रामीण उद्योगधंधों को बढ़ावा देने के लिए सरकार नित नए प्रयोग कर रही है। अब सूत कातकर जीवन यापन करने वाले लोगों को सौर चालित चरखे देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए जिले के 25 लाभार्थियों का चयन किया गया है। जल्द ही इनकी आपूर्ति होने पर वितरण किया जाएगा। एक सौर ऊर्जा संचालित चरखे की कीमत 50 से 55 हजार रुपये होगी।
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जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सरकार से सौर ऊर्जा चालित चरखे देने की व्यवस्था है। पहले चरण में सांसद आदर्श ग्राम से 25 लाभार्थियों का चयन कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा संचालित चरखे से सूत कातने में आसानी होगी। एक लाभार्थी हाथ से जितना सूत कात सकता है, मशीन से उससे लगभग चार गुना सूत कात सकेगा। इससे उसे ज्यादा लाभ होगा। सौर ऊर्जा चालित चरखे में मोटर लगा होगा, जो दिन में सौर ऊर्जा से जोड़ने पर चलेगा और सूत काता जा सकेगा।
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