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राममंदिर के नींव की दूसरी लेयर बिछाने का काम पूरा
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अयोध्या। राममंदिर निर्माण के लिए चल रहे नींव भराई के कार्य के अंतर्गत नींव की दूसरी लेयर डालने का कार्य पूरा कर लिया गया है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने नींव भराई का काम तेज करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब दिन के साथ-साथ रात में भी काम किए जाने की योजना बन रही है। इसके अलावा रामजन्मभूमि परिसर में एक और मिक्सिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी है, ताकि काम की गति बढ़ सके।
रामजन्मभूमि परिसर में दस अप्रैल से शुरू हुए दूसरी लेयर के निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है। काम में तेजी लाने व कोरोना के चलते मजदूरों की अनुपलब्धता के चलते ज्यादातर काम मशीनों के जरिए किया जा रहा है। इसके लिए बालाजी कंस्ट्रंक्शन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बीच रामजन्मभूमि परिसर में एक और मिक्सिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है ताकि काम तेज किया जा सके। जून के अंत से बरसात का मौसम शुरू हो जाएगा इसको देखते हुए लेयर बिछाने का काम अतिशीघ्र पूरा करने की तैयारी है। निर्णय हुआ है कि दिन के साथ-साथ अब रात में भी काम किया जाएगा। इसके लिए मजदूरों व इंजीनियरों की शिफ्टों में ड्यूटी लगाई जाएगी। फिलहाल अभी बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के पचास मजदूर काम पर लगाए गए हैं। ट्रस्ट ने नींव निर्माण का काम सितंबर माह तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है।
मिक्सरों में एक साथ डाली जा सकती है ढाई सौ बोरी सीमेंट
बताते चलें कि 450 गुणे 250 के लगभग 40 फिट गड्ढे में 250 मिमी की कुल 44 लेयर बिछाई जानी है। प्रति लेयर की मोटाई तीन सौ एमएम होगी। ढलाई के बाद वायब्रोरोलर चलाकर मैटेरियल को सेट किया जाता है। इसके लिए दो वायब्रो रोलर परिसर में आ चुके हैं। इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक मैटेरियल सीमेंट, सिलिका, फ्लाई एश, स्टोन डस्ट व गिट्टी इत्यादि को मिक्स करने के लिए परिसर में ही मिक्सिंग प्लांट की स्थापना की गई है। अब एक और प्लांट लगाने की तैयारी है। इस तरह परिसर में कुल चार मिक्सिंग प्लांट हो जाएंगें। प्रत्येक प्लांट के मिक्सरों में ढाई-ढाई सौ बोरी सीमेंट के साथ मॅटेरियल को मिक्स किया जा सकता है।
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जून माह से शुरू होगी राममंदिर कार्यशाला
राममंदिर निर्माण में चार लाख घन फुट पत्थर लगेंगे। अभी तक महज 60 हजार घन फुट पत्थर ही तराशे गए हैं। पहले से तराशे गए 15 प्रतिशत पत्थर अनुपयोगी हो गए। राममंदिर की नींव का काम पूरा होते ही मंदिर का स्ट्रक्चर तैयार करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा, जिसके चलते अयोध्या की कार्यशाला पुन: शुरू करने की तैयारी है। राममंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा का कहना है कि कार्यशाला में लगी मशीनों को रिपेयर करने का काम शुरू कर दिया गया है, बहुत दिनों से बंद होने के कारण इनमें तकनीकी दिक्कत आ गई है। मशीनों के ठीक होते ही कार्यशाला शुरू कर दी जाएगी और तराशी का कार्य भी किया जाएगा। उम्मीद है कि जून माह से यह प्रक्रिया प्रारंभ हो सकती है।
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रामजन्मभूमि परिसर में दस अप्रैल से शुरू हुए दूसरी लेयर के निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है। काम में तेजी लाने व कोरोना के चलते मजदूरों की अनुपलब्धता के चलते ज्यादातर काम मशीनों के जरिए किया जा रहा है। इसके लिए बालाजी कंस्ट्रंक्शन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बीच रामजन्मभूमि परिसर में एक और मिक्सिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है ताकि काम तेज किया जा सके। जून के अंत से बरसात का मौसम शुरू हो जाएगा इसको देखते हुए लेयर बिछाने का काम अतिशीघ्र पूरा करने की तैयारी है। निर्णय हुआ है कि दिन के साथ-साथ अब रात में भी काम किया जाएगा। इसके लिए मजदूरों व इंजीनियरों की शिफ्टों में ड्यूटी लगाई जाएगी। फिलहाल अभी बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के पचास मजदूर काम पर लगाए गए हैं। ट्रस्ट ने नींव निर्माण का काम सितंबर माह तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है।
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मिक्सरों में एक साथ डाली जा सकती है ढाई सौ बोरी सीमेंट
बताते चलें कि 450 गुणे 250 के लगभग 40 फिट गड्ढे में 250 मिमी की कुल 44 लेयर बिछाई जानी है। प्रति लेयर की मोटाई तीन सौ एमएम होगी। ढलाई के बाद वायब्रोरोलर चलाकर मैटेरियल को सेट किया जाता है। इसके लिए दो वायब्रो रोलर परिसर में आ चुके हैं। इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक मैटेरियल सीमेंट, सिलिका, फ्लाई एश, स्टोन डस्ट व गिट्टी इत्यादि को मिक्स करने के लिए परिसर में ही मिक्सिंग प्लांट की स्थापना की गई है। अब एक और प्लांट लगाने की तैयारी है। इस तरह परिसर में कुल चार मिक्सिंग प्लांट हो जाएंगें। प्रत्येक प्लांट के मिक्सरों में ढाई-ढाई सौ बोरी सीमेंट के साथ मॅटेरियल को मिक्स किया जा सकता है।
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जून माह से शुरू होगी राममंदिर कार्यशाला
राममंदिर निर्माण में चार लाख घन फुट पत्थर लगेंगे। अभी तक महज 60 हजार घन फुट पत्थर ही तराशे गए हैं। पहले से तराशे गए 15 प्रतिशत पत्थर अनुपयोगी हो गए। राममंदिर की नींव का काम पूरा होते ही मंदिर का स्ट्रक्चर तैयार करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा, जिसके चलते अयोध्या की कार्यशाला पुन: शुरू करने की तैयारी है। राममंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा का कहना है कि कार्यशाला में लगी मशीनों को रिपेयर करने का काम शुरू कर दिया गया है, बहुत दिनों से बंद होने के कारण इनमें तकनीकी दिक्कत आ गई है। मशीनों के ठीक होते ही कार्यशाला शुरू कर दी जाएगी और तराशी का कार्य भी किया जाएगा। उम्मीद है कि जून माह से यह प्रक्रिया प्रारंभ हो सकती है।