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खोवा-कपूर खाने से पति की मौत, पत्नी गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Mon, 05 Sep 2016 11:59 PM IST
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खंडासा थाना क्षेत्र में नीम-हकीम खतरा ए जान कहावत सच साबित हो गई। एक हकीम की बात पर भरोसा करके खोवा-कपूर खाने सेे पति की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी का इलाज चल रहा है। इलाकाई पुलिस ने प्रकरण में कोई शिकायत न होने की बात कही है।
इस संबंध में डॉ. रामकिशोर का कहना है कि कपूर कोई जहर नहीं है। इससे किसी की जान नहीं जा सकती है। खंडासा गांव निवासी अब्दुल रहमान को सांस की बीमारी थी। उसने क्षेत्र के कई डाक्टरों से इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। गरीबी के चलते वह इलाज के लिए बाहर न जा सका।
इसी बीच अपने घर आने वाले कानपुर निवासी एक हकीम से उसने अपनी परेशानी बताई तो हकीम ने कहा कि कपूर व खोवा मिलाकर खा लो तो सांस की बीमारी से निजात मिल जाएगी। रविवार को अब्दुल रहमान स्थानीय बाजार गया और वहां से 10 रुपये का कपूर और 100 ग्राम खोवा खरीद लाया।
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शाम को उसने आधा कपूर व खोवा खुद खा लिया और आधा अपनी पत्नी शाहिदा बानो को खिला दिया। महिला शाहिदा बानो का कहना है कि कपूर व खोवा खाते ही दोनों की हालत बिगड़ने लगी। उसको उल्टियां हुईं, लेकिन पति अब्दुल रहमान को उल्टी नहीं हुई। माजरा देख गांव के लोगों ने दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
हलांकि वहां डॉक्टर के उपलब्ध न होने के चलते उपचार नहीं हो सका। एक प्राइवेट चिकित्सक के पास पहुंचाए जाने पर चिकित्सक ने अब्दुल रहमान को मृत घोषित कर दिया। वहीं शाहिदा बानो का इलाज किया जा रहा है।
सोमवार को गांव की ग्राम प्रधान शशिकला ने बताया कि कानपुर निवासी एक हकीम ने उसको कूपर व खोवा मिलाकर खाने को कहा था। वहीं थाना प्रभारी राज कुमार यादव का कहना है कि प्रकरण में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। मामले की जानकारी मिली है। छानबीन कराई जा रही है।
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इस संबंध में डॉ. रामकिशोर का कहना है कि कपूर कोई जहर नहीं है। इससे किसी की जान नहीं जा सकती है। खंडासा गांव निवासी अब्दुल रहमान को सांस की बीमारी थी। उसने क्षेत्र के कई डाक्टरों से इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। गरीबी के चलते वह इलाज के लिए बाहर न जा सका।
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इसी बीच अपने घर आने वाले कानपुर निवासी एक हकीम से उसने अपनी परेशानी बताई तो हकीम ने कहा कि कपूर व खोवा मिलाकर खा लो तो सांस की बीमारी से निजात मिल जाएगी। रविवार को अब्दुल रहमान स्थानीय बाजार गया और वहां से 10 रुपये का कपूर और 100 ग्राम खोवा खरीद लाया।
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शाम को उसने आधा कपूर व खोवा खुद खा लिया और आधा अपनी पत्नी शाहिदा बानो को खिला दिया। महिला शाहिदा बानो का कहना है कि कपूर व खोवा खाते ही दोनों की हालत बिगड़ने लगी। उसको उल्टियां हुईं, लेकिन पति अब्दुल रहमान को उल्टी नहीं हुई। माजरा देख गांव के लोगों ने दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
हलांकि वहां डॉक्टर के उपलब्ध न होने के चलते उपचार नहीं हो सका। एक प्राइवेट चिकित्सक के पास पहुंचाए जाने पर चिकित्सक ने अब्दुल रहमान को मृत घोषित कर दिया। वहीं शाहिदा बानो का इलाज किया जा रहा है।
सोमवार को गांव की ग्राम प्रधान शशिकला ने बताया कि कानपुर निवासी एक हकीम ने उसको कूपर व खोवा मिलाकर खाने को कहा था। वहीं थाना प्रभारी राज कुमार यादव का कहना है कि प्रकरण में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। मामले की जानकारी मिली है। छानबीन कराई जा रही है।