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डेढ़ हजार प्रसूताओं को नहीं दिए गए रूपये
फैजाबाद
Updated Tue, 03 Jan 2017 09:55 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
संस्थागत प्रसव के लिए सरकार की जननी सुरक्षा योजना को स्वास्थ्य विभाग ही पलीता लगा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में लगभग डेढ़ हजार संस्थागत प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली 1400 रुपये की प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई। जिसे लेकर ब्लॉक की सभी एएनएम का जनवरी का वेतन रोक दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग कर्मी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। यही कारण है कि डेढ़ हजार लाभार्थी महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई। इतनी बड़ी लापरवाही को सीधे स्वास्थ्य एवं चिकित्सा महानिदेशक ने संज्ञान में लिया है।
शासन के कड़े निर्देश के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. क्षैल बिहारी ने ब्लॉक के सभी एएनएम का जनवरी माह का वेतन रोक दिया है। सीएमओ के इस फरमान के बाद विभाग में हलचल मच गई तो जननी सुरक्षा योजना की पत्रावली ऊपर भेजी गई।
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जिसमें पाया गया कि एक वर्ष पहले के लगभग डेढ़ हजार लाभार्थियों को उनकी प्रोत्साहन राशि ही नहीं दी गई। जबकि संस्थागत प्रसव कराने के बाद प्रसूताओं को 1400 रुपये विभाग की तरफ से दिया जाता है।
इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. वेद प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि प्रसूताओं को मिलने वाली राशि नहीं मिली है लेकिन अब उसे लाभार्थियों के खाते में भेजने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग कर्मी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। यही कारण है कि डेढ़ हजार लाभार्थी महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई। इतनी बड़ी लापरवाही को सीधे स्वास्थ्य एवं चिकित्सा महानिदेशक ने संज्ञान में लिया है।
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शासन के कड़े निर्देश के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. क्षैल बिहारी ने ब्लॉक के सभी एएनएम का जनवरी माह का वेतन रोक दिया है। सीएमओ के इस फरमान के बाद विभाग में हलचल मच गई तो जननी सुरक्षा योजना की पत्रावली ऊपर भेजी गई।
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जिसमें पाया गया कि एक वर्ष पहले के लगभग डेढ़ हजार लाभार्थियों को उनकी प्रोत्साहन राशि ही नहीं दी गई। जबकि संस्थागत प्रसव कराने के बाद प्रसूताओं को 1400 रुपये विभाग की तरफ से दिया जाता है।
इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. वेद प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि प्रसूताओं को मिलने वाली राशि नहीं मिली है लेकिन अब उसे लाभार्थियों के खाते में भेजने का कार्य शुरू कर दिया गया है।