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अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी
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अयोध्या। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की 24 मार्च से होने वाली परीक्षाओं की तैयारी को लेकर शनिवार को जिला विद्यालय निरीक्षक ने केंद्र व्यवस्थापकों के साथ शहर के एसएसवी इंटर कॉलेज में बैठक की। इस दौरान उन्होंने समस्त तैयारियां पूर्ण करने समेत अन्य दिशा-निर्देश दिए।
डीआईओएस राकेश पांडेय ने कहा कि परीक्षा पूरी तरह नकलविहीन कराई जानी है। इसे लेकर समस्त तैयारियां हर हाल में पूर्ण होनी चाहिए। छात्र-छात्राओं में बोर्ड परीक्षा को लेकर भय न हो बल्कि उत्साह रहे, इसके लिए उनका पहले दिन केंद्रों पर स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर डबल लॉक की व्यवस्था हो, दो आलमारी रखी जाए, इसकी एक चाबी केंद्र व्यवस्थापक के पास रहेगी जबकि दूसरी चाबी अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के पास होगी।
दोनो की मौजूदगी व सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में आलमारी खोली जाएगी। मुख्य द्वार व जहां प्रश्नपत्र रखे होंगे, वहां की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाए। विद्यालय के कंट्रोल रूम में लगी एलसीडी से सभी कैमरे जुड़े होने चाहिए।
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उन्होंने कहा कि विद्यालय में बेहतर साफ-सफाई हो, पेयजल व शौचालय की व्यवस्था बेहतर हो। कक्षा कक्ष में फर्नीचर दुरुस्त रहें। कंकड़-पत्थर नहीं होना चाहिए। किसी कक्ष की खिड़की यदि बाहर की तरफ खुलती है तो उस पर जाली लगी होनी चाहिए। केंद्र पर बाहर से उसका नाम स्पष्ट लिखा होना चाहिए।
कहा कि केंद्र पर एक से अधिक प्रवेश द्वार न हों, विद्युत, इन्वर्टर व जनरेटर की व्यवस्था अनिवार्य है। प्रत्येक समय सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील हों जिसकी जीआईसी में बने कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी। कमरों में प्रकाश, पंखा व पानी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
डीआईओएस ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण जीआईसी से चल रहा है। इसे भी आलमारी में सील करके रखा जाए। 19-20 मार्च से पांच चरणों में प्रश्नपत्र प्राप्त होंगे। कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी इस बार ऑनलाइन लगाई जाएगी। उनका विवरण पोर्टल पर फीड किया जा रहा है।
कहा कि यदि किसी तरह की शिथिलता बरती गई तो राजकीय विद्यालयों में संबंधित प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई होगी और वित्तविहीन विद्यालय हमेशा के लिए डिबार घोषित कर दिए जाएंगे। बैठक में 122 केंद्रों के व्यवस्थापक व 31 पर्यवेक्षकों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर एसएसवी के प्रधानाचार्य डॉ. मणिशंकर तिवारी व राकेश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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डीआईओएस राकेश पांडेय ने कहा कि परीक्षा पूरी तरह नकलविहीन कराई जानी है। इसे लेकर समस्त तैयारियां हर हाल में पूर्ण होनी चाहिए। छात्र-छात्राओं में बोर्ड परीक्षा को लेकर भय न हो बल्कि उत्साह रहे, इसके लिए उनका पहले दिन केंद्रों पर स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर डबल लॉक की व्यवस्था हो, दो आलमारी रखी जाए, इसकी एक चाबी केंद्र व्यवस्थापक के पास रहेगी जबकि दूसरी चाबी अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के पास होगी।
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दोनो की मौजूदगी व सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में आलमारी खोली जाएगी। मुख्य द्वार व जहां प्रश्नपत्र रखे होंगे, वहां की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाए। विद्यालय के कंट्रोल रूम में लगी एलसीडी से सभी कैमरे जुड़े होने चाहिए।
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उन्होंने कहा कि विद्यालय में बेहतर साफ-सफाई हो, पेयजल व शौचालय की व्यवस्था बेहतर हो। कक्षा कक्ष में फर्नीचर दुरुस्त रहें। कंकड़-पत्थर नहीं होना चाहिए। किसी कक्ष की खिड़की यदि बाहर की तरफ खुलती है तो उस पर जाली लगी होनी चाहिए। केंद्र पर बाहर से उसका नाम स्पष्ट लिखा होना चाहिए।
कहा कि केंद्र पर एक से अधिक प्रवेश द्वार न हों, विद्युत, इन्वर्टर व जनरेटर की व्यवस्था अनिवार्य है। प्रत्येक समय सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील हों जिसकी जीआईसी में बने कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी। कमरों में प्रकाश, पंखा व पानी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
डीआईओएस ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण जीआईसी से चल रहा है। इसे भी आलमारी में सील करके रखा जाए। 19-20 मार्च से पांच चरणों में प्रश्नपत्र प्राप्त होंगे। कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी इस बार ऑनलाइन लगाई जाएगी। उनका विवरण पोर्टल पर फीड किया जा रहा है।
कहा कि यदि किसी तरह की शिथिलता बरती गई तो राजकीय विद्यालयों में संबंधित प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई होगी और वित्तविहीन विद्यालय हमेशा के लिए डिबार घोषित कर दिए जाएंगे। बैठक में 122 केंद्रों के व्यवस्थापक व 31 पर्यवेक्षकों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर एसएसवी के प्रधानाचार्य डॉ. मणिशंकर तिवारी व राकेश पांडेय आदि मौजूद रहे।