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यहां तो कदम दर कदम बिकती है शराब
फैजाबाद
Updated Fri, 16 Dec 2016 11:32 PM IST
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पूराबाजार स्थित हाईवे पर धड़ल्ले से बिक रही देशी शराब।
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट के हाईवे किनारे व उससे पांच सौ मीटर अंदर शराब दुकानों के संचालन पर रोक के आदेश का चहुंओर स्वागत हो रहा है। जिले के लखनऊ-गोरखपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, आजमगढ़ हाईवे पर तीन दर्जन से अधिक देसी-विदेशी शराब की दुकानें हैं। जहां आए दिन शराब पीकर मारपीट और एक्सीडेंट के मामले होते रहते हैं। शाम होते ही गाड़ियों में तो कोई दुकान के बाहर महफिल सजाता दिखता है।
अब सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू होते ही इन दुकानों को हटाना पड़ेगा। आबकारी विभाग व पुलिस के अधिकारी कहते हैं कि आदेश के क्रम में शासनादेश आने पर ही कार्रवाई की रूपरेखा तय होगी।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू हुआ तो हाईवे किनारे शराबियों की महफिल नजर नहीं आएगी। वहीं हाईवे पर वाहन चालकों को शराब व बीयर मिल पाना दिक्कत भरा हो जाएगा। केंद्र सरकार के नोटबंदी की तरह अदालत के इस फैसले से भी लोगों में खुशी है।
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लोगों का कहना है कि सड़क किनारे शराब, देसी शराब व बीयर की दुकानों का बोर्ड लगना भी बंद हो जाए तो बात बन जाए। वहीं लोगों का कहना है कि सरकार को भी शराबबंदी पर चिंतन करना चाहिए।
आबकारी महकमे के रिकार्ड की मानें तो जनपद में अंग्रेजी शराब की 73, देशी शराब की 230 और बीयर की कुल 54 दुकानें हैं। इनमेें से ज्यादातर दुकानें चर्चित बाजारों व कस्बों के हाईवे किनारे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आबकारी महकमें से दुकानों के संचालन का ठेका हासिल करने वालों में हलचल तो है ही, आबकारी महकमा भी राजस्व प्रभावित होने को लेकर हलकान है। जिले की सीमा से मुख्य रूप से लखनऊ-गोरखपुर, फैजाबाद-इलाहाबाद तथा फैजाबाद-रायबरेली हाईवे गुजरते हैं।
वहीं आजमगढ़ व गोंडा बलरामपुर की ओर जाने वाला मार्ग भी यहीं से होकर जाता है। जनपद की ज्यादातर दुकानें हाईवे किनारे हैं। इलाहाबाद हाईवे पर खानपुर मसौधा, गोपालगंज, पिपरी जलालपुर, बीकापुर, खजुरहट, चौरे बाजार, गोला बाजार, कोंछा बाजार, रायबरेली हाईवे पर मऊ शिवाला, रानीबाजार, बारुन बाजार, कुचेरा बाजार, मिल्कीपुर, कुमारगंज तथा लखनऊ हाईवे पर सहादतगंज, मुमताजनगर, सोहावल, रौनाही, रौजागांव, भेलसर, रानीमऊ चौराहा,मवई चौराहा, जखौली मार्ग पर बाराबंकी जिले की सीमा तक अंग्रेजी, देशी व बीयर के ठेके हैं। भेलसर से रौजागांव के बीच ही चार दुकानें हैं।
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अब सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू होते ही इन दुकानों को हटाना पड़ेगा। आबकारी विभाग व पुलिस के अधिकारी कहते हैं कि आदेश के क्रम में शासनादेश आने पर ही कार्रवाई की रूपरेखा तय होगी।
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सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू हुआ तो हाईवे किनारे शराबियों की महफिल नजर नहीं आएगी। वहीं हाईवे पर वाहन चालकों को शराब व बीयर मिल पाना दिक्कत भरा हो जाएगा। केंद्र सरकार के नोटबंदी की तरह अदालत के इस फैसले से भी लोगों में खुशी है।
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लोगों का कहना है कि सड़क किनारे शराब, देसी शराब व बीयर की दुकानों का बोर्ड लगना भी बंद हो जाए तो बात बन जाए। वहीं लोगों का कहना है कि सरकार को भी शराबबंदी पर चिंतन करना चाहिए।
आबकारी महकमे के रिकार्ड की मानें तो जनपद में अंग्रेजी शराब की 73, देशी शराब की 230 और बीयर की कुल 54 दुकानें हैं। इनमेें से ज्यादातर दुकानें चर्चित बाजारों व कस्बों के हाईवे किनारे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आबकारी महकमें से दुकानों के संचालन का ठेका हासिल करने वालों में हलचल तो है ही, आबकारी महकमा भी राजस्व प्रभावित होने को लेकर हलकान है। जिले की सीमा से मुख्य रूप से लखनऊ-गोरखपुर, फैजाबाद-इलाहाबाद तथा फैजाबाद-रायबरेली हाईवे गुजरते हैं।
वहीं आजमगढ़ व गोंडा बलरामपुर की ओर जाने वाला मार्ग भी यहीं से होकर जाता है। जनपद की ज्यादातर दुकानें हाईवे किनारे हैं। इलाहाबाद हाईवे पर खानपुर मसौधा, गोपालगंज, पिपरी जलालपुर, बीकापुर, खजुरहट, चौरे बाजार, गोला बाजार, कोंछा बाजार, रायबरेली हाईवे पर मऊ शिवाला, रानीबाजार, बारुन बाजार, कुचेरा बाजार, मिल्कीपुर, कुमारगंज तथा लखनऊ हाईवे पर सहादतगंज, मुमताजनगर, सोहावल, रौनाही, रौजागांव, भेलसर, रानीमऊ चौराहा,मवई चौराहा, जखौली मार्ग पर बाराबंकी जिले की सीमा तक अंग्रेजी, देशी व बीयर के ठेके हैं। भेलसर से रौजागांव के बीच ही चार दुकानें हैं।