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रंगभरी एकादशी पर अयोध्या के मंदिरों में उड़ा गुलाल
Sun, 17 Mar 2019 11:38 PM IST
vivek vivek
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
Published by: vivek vivek
Updated Sun, 17 Mar 2019 11:38 PM IST
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अयोध्या में रंगभरी एकादशी पर हनुमानगढ़ी में ढोल की धुन पर थिरकते भक्तगण व मौजूद महंत व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
रंगभरी एकादशी पर्व के साथ ही अयोध्या में रविवार को होली का आगाज हो गया। अयोध्या वैसे तो भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है लेकिन यहां भगवान राम व कृष्ण में अभिन्नता प्रतिपादित है।
एक तरफ ब्रज में हुरियारे गोपियां संग फाग के आनंद में डूबे हैं तो दूसरी ओर रामनगरी के साधु-संत अपने इष्ट देव भगवान श्रीराम व उनके परमभक्त हनुमंतलला के साथ होली के रंग में रंगे हैं।
रंगभरी एकादशी पर हनुमानगढ़ी में नागा-साधुओं ने जमकर अबीर, गुलाल उड़ाया अपने आराध्य हनुमंतलला को अबीर गुलाल चढ़ाकर श्रद्धा निवेदित की तो अयोध्या से होली का गहरा जुड़ाव भी पारिभाषित होता दिखा।
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इसी के साथ ही रामनगरी के मंदिरों में गीत-संगीत एवं राग-रंग का उत्सव भी शुरू हो चुका है, जिसका रंग होली आने तक निरंतर चटख होता जाएगा। रंगभरी एकादशी पर्व पर परंपरागत रूप से सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में सुबह नौ बजे सर्वप्रथम हनुमान जी महाराज का विधिवत, पूजन-अर्चन शृंगार कर अबीर-गुलाल लगाया गया।
इसके बाद हनुमान जी के निशान व छड़ी की पूजा-आरती की गई। इस दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालु आराध्य की भक्ति में लीन नजर आए। इसके बाद नागा साधुओं की टोली सड़कों पर निकली। संतों ने ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया, विभिन्न करतब भी दिखाए।
रास्ते में जो मिला उसे अबीर-गुलाल लगाया। लोग भी हनुमान जी का प्रसाद समझकर आनंदित होते रहे। जुलूस सरयू तट पहुंचा जहां साधुओं ने पूजन-अर्चन व स्नान के बाद मंदिरों की ओर रुख किया। पुजारी रमेश दास कहते हैं रामनगरी के भक्तों का सीधा जुड़ाव भगवान श्रीराम व हनुमंतलला से है।
इसी के चलते भक्त विभिन्न पर्वों पर अपने आराध्य को शामिल करना नहीं भूलते। हर पर्व हमारे लिए भगवान राम से स्वयं को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इसकी तस्दीक अवध की होली से भी होती है। जुलूस की सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध भी किए गए थे।
सीओ अयोध्या अमर सिंह, अयोध्या कोतवाली प्रभारी जगदीश उपाध्याय सहित पुलिस एवं पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। जुलूस में निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत धर्मदास, पुजारी राजूदास, दिगपाल दास, धनुषधारी दास, शिवपूजन दास, अनिल दास, भानुदास, दीपक दास, प्रभु दास, धीरज दास, मन्नू दास सहित अन्य नागा साधु संत शामिल रहे।
जुलूस में निकले नागा साधुओं ने रामनगरी के विभिन्न मंदिरोें में होली का आमंत्रण दिया। इस दौरान विभिन्न मंदिरों में हनुमान जी के निशान का पूजन-अर्चन किया गया। सर्वप्रथम राजगोपाल में जुलूस का स्वागत सम्मान किया गया।
मणिरामदास की छावनी में वैदिक मंत्रोच्चारों के मध्य विधिवत हनुमान जी के निशान का पूजन-अर्चन व आरती रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष श्रीमहंत नृत्यगोपाल दास के सानिध्य में की गई। श्रीरामबल्लभाकुंज में अधिकारी राजकुमार दास जी महाराज द्वारा जुलूस का स्वागत सम्मान किया गया।
हनुमानजी के निशान का पूजन-अर्चन भी हुआ। यहां से नागा-साधुओं की टोली डांडिया मंदिर, दर्शन भवन, लंबे हनुमान मंदिर, जानकीघाट बड़ास्थान, बड़ी छावनी सहित अन्य मंदिरों में होली का निमंत्रण देते हुए परिक्रमा करने निकल पड़ी।
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एक तरफ ब्रज में हुरियारे गोपियां संग फाग के आनंद में डूबे हैं तो दूसरी ओर रामनगरी के साधु-संत अपने इष्ट देव भगवान श्रीराम व उनके परमभक्त हनुमंतलला के साथ होली के रंग में रंगे हैं।
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रंगभरी एकादशी पर हनुमानगढ़ी में नागा-साधुओं ने जमकर अबीर, गुलाल उड़ाया अपने आराध्य हनुमंतलला को अबीर गुलाल चढ़ाकर श्रद्धा निवेदित की तो अयोध्या से होली का गहरा जुड़ाव भी पारिभाषित होता दिखा।
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इसी के साथ ही रामनगरी के मंदिरों में गीत-संगीत एवं राग-रंग का उत्सव भी शुरू हो चुका है, जिसका रंग होली आने तक निरंतर चटख होता जाएगा। रंगभरी एकादशी पर्व पर परंपरागत रूप से सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में सुबह नौ बजे सर्वप्रथम हनुमान जी महाराज का विधिवत, पूजन-अर्चन शृंगार कर अबीर-गुलाल लगाया गया।
इसके बाद हनुमान जी के निशान व छड़ी की पूजा-आरती की गई। इस दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालु आराध्य की भक्ति में लीन नजर आए। इसके बाद नागा साधुओं की टोली सड़कों पर निकली। संतों ने ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया, विभिन्न करतब भी दिखाए।
रास्ते में जो मिला उसे अबीर-गुलाल लगाया। लोग भी हनुमान जी का प्रसाद समझकर आनंदित होते रहे। जुलूस सरयू तट पहुंचा जहां साधुओं ने पूजन-अर्चन व स्नान के बाद मंदिरों की ओर रुख किया। पुजारी रमेश दास कहते हैं रामनगरी के भक्तों का सीधा जुड़ाव भगवान श्रीराम व हनुमंतलला से है।
इसी के चलते भक्त विभिन्न पर्वों पर अपने आराध्य को शामिल करना नहीं भूलते। हर पर्व हमारे लिए भगवान राम से स्वयं को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इसकी तस्दीक अवध की होली से भी होती है। जुलूस की सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध भी किए गए थे।
सीओ अयोध्या अमर सिंह, अयोध्या कोतवाली प्रभारी जगदीश उपाध्याय सहित पुलिस एवं पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। जुलूस में निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत धर्मदास, पुजारी राजूदास, दिगपाल दास, धनुषधारी दास, शिवपूजन दास, अनिल दास, भानुदास, दीपक दास, प्रभु दास, धीरज दास, मन्नू दास सहित अन्य नागा साधु संत शामिल रहे।
जुलूस में निकले नागा साधुओं ने रामनगरी के विभिन्न मंदिरोें में होली का आमंत्रण दिया। इस दौरान विभिन्न मंदिरों में हनुमान जी के निशान का पूजन-अर्चन किया गया। सर्वप्रथम राजगोपाल में जुलूस का स्वागत सम्मान किया गया।
मणिरामदास की छावनी में वैदिक मंत्रोच्चारों के मध्य विधिवत हनुमान जी के निशान का पूजन-अर्चन व आरती रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष श्रीमहंत नृत्यगोपाल दास के सानिध्य में की गई। श्रीरामबल्लभाकुंज में अधिकारी राजकुमार दास जी महाराज द्वारा जुलूस का स्वागत सम्मान किया गया।
हनुमानजी के निशान का पूजन-अर्चन भी हुआ। यहां से नागा-साधुओं की टोली डांडिया मंदिर, दर्शन भवन, लंबे हनुमान मंदिर, जानकीघाट बड़ास्थान, बड़ी छावनी सहित अन्य मंदिरों में होली का निमंत्रण देते हुए परिक्रमा करने निकल पड़ी।