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10,953 परीक्षार्थियों का भविष्य अधर में
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2015 09:41 PM IST
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इससे विभिन्न जनपदों के 14 महाविद्यालयों के 10,953 परीक्षार्थियों का रिजल्ट तो रुका ही है, उनका भविष्य भी अधर में है। जबकि जुलाई माह से सत्र शुरू हो गया है।
इससे छात्र-छात्राओं में रोष है, जबकि कॉलेज प्रबंधन भी परेशान हैं। अवध विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा में निरीक्षण के दौरान कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल और विश्वविद्यालय के सचल दलों ने परिक्षेत्र के कई कॉलेजों में नकल पकड़ी थी।
सामूहिक नकल के आरोप में कुलपति ने कॉलेजों की संबंधित पाली की परीक्षा निरस्त कर दोबारा कराने को कहा था। इसके अलावा कॉलेजों पर अन्य कार्रवाई हुई थी।
तत्समय विभिन्न जिलों के 14 कॉलेजों की परीक्षाएं निरस्त हुई थीं। परीक्षा की समाप्ति के बाद हुई परीक्षा समिति की बैठक में आरोपित 14 कॉलेजों की निरस्त परीक्षा दोबारा संपन्न कराने के लिए कॉलेजों का चयन किया गया।
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बैठक के दौरान कहा गया था कि ऐसे कॉलेजों की परीक्षाएं दोबारा संपन्न करा रिजल्ट घोषित किया जाएगा। बावजूद इसके अभी तक विश्वविद्यालय ने परीक्षा नहीं आयोजित कराई है।
यही नहीं 14 कॉलेजों में प्रैक्टिकल परीक्षा की भी अनुमति नहीं प्रदान की है। इस कारण अभी इन कॉलेजों में प्रयोगात्मक परीक्षा भी लटकी है। दोनों परीक्षाएं न होने की वजह से अभी रिजल्ट भी नहीं घोषित किया गया है।
इससे परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राएं परेशान हैं। अंतिम वर्ष वाले परीक्षार्थी किसी दूसरे कॉलेज में प्रवेश भी नहीं ले पा रहे हैं।
एक कॉलेज के प्रबंधक बताते हैं कि परीक्षार्थी प्रतिदिन चक्कर काटते हैं, तरह-तरह के सवाल पूछते हैं, लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से कुछ नहीं बताया जाता है।
वाणिज्य संकाय अध्यक्ष/ मुख्य परीक्षा संयोजक प्रो. एचपी पांडेय ने बताया, सभी 14 कॉलेजों की निरस्त परीक्षाएं प्रस्तावित कर दी गई हैं। देरी के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार है।
परीक्षा नियंत्रक/ प्रभारी कुलसचिव एमए अंसारी का कहना है, निरस्त परीक्षा व प्रैक्टिकल संबंधी पूरा मामला संज्ञान में है। जल्द परीक्षा की तिथियां तय की जाएगी। इसके लिए तैयारी चल रही है।
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इससे छात्र-छात्राओं में रोष है, जबकि कॉलेज प्रबंधन भी परेशान हैं। अवध विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा में निरीक्षण के दौरान कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल और विश्वविद्यालय के सचल दलों ने परिक्षेत्र के कई कॉलेजों में नकल पकड़ी थी।
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सामूहिक नकल के आरोप में कुलपति ने कॉलेजों की संबंधित पाली की परीक्षा निरस्त कर दोबारा कराने को कहा था। इसके अलावा कॉलेजों पर अन्य कार्रवाई हुई थी।
तत्समय विभिन्न जिलों के 14 कॉलेजों की परीक्षाएं निरस्त हुई थीं। परीक्षा की समाप्ति के बाद हुई परीक्षा समिति की बैठक में आरोपित 14 कॉलेजों की निरस्त परीक्षा दोबारा संपन्न कराने के लिए कॉलेजों का चयन किया गया।
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बैठक के दौरान कहा गया था कि ऐसे कॉलेजों की परीक्षाएं दोबारा संपन्न करा रिजल्ट घोषित किया जाएगा। बावजूद इसके अभी तक विश्वविद्यालय ने परीक्षा नहीं आयोजित कराई है।
यही नहीं 14 कॉलेजों में प्रैक्टिकल परीक्षा की भी अनुमति नहीं प्रदान की है। इस कारण अभी इन कॉलेजों में प्रयोगात्मक परीक्षा भी लटकी है। दोनों परीक्षाएं न होने की वजह से अभी रिजल्ट भी नहीं घोषित किया गया है।
इससे परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राएं परेशान हैं। अंतिम वर्ष वाले परीक्षार्थी किसी दूसरे कॉलेज में प्रवेश भी नहीं ले पा रहे हैं।
एक कॉलेज के प्रबंधक बताते हैं कि परीक्षार्थी प्रतिदिन चक्कर काटते हैं, तरह-तरह के सवाल पूछते हैं, लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से कुछ नहीं बताया जाता है।
वाणिज्य संकाय अध्यक्ष/ मुख्य परीक्षा संयोजक प्रो. एचपी पांडेय ने बताया, सभी 14 कॉलेजों की निरस्त परीक्षाएं प्रस्तावित कर दी गई हैं। देरी के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार है।
परीक्षा नियंत्रक/ प्रभारी कुलसचिव एमए अंसारी का कहना है, निरस्त परीक्षा व प्रैक्टिकल संबंधी पूरा मामला संज्ञान में है। जल्द परीक्षा की तिथियां तय की जाएगी। इसके लिए तैयारी चल रही है।