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मंदिर निर्माण के साथ सुविधाएं विकसित करने पर फोकस
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अयोध्या। राममंदिर निर्माण के साथ-साथ भक्तों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने को लेकर भी राममंदिर ट्रस्ट ने काम शुरू कर दिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 2023 तक भव्य राममंदिर में भक्तों को दर्शन हो, इसका लक्ष्य तय किया है।
पहले ट्रस्ट ने 2024 तक मंदिर निर्माण का लक्ष्य तय किया था लेकिन अब समय सीमा एक साल घटा दी गई है। अभी राममंदिर के नींव भराई काम चल रहा है। अक्तूबर तक प्लिंथ निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।
उधर मंदिर बनने के बाद अयोध्या आने वाले भक्तों को बेहतर सुविधा प्रदान करने को लेकर भी ट्रस्ट ने कई योजनाओं की रूपरेखा भी तैयार कर ली है।
राममंदिर निर्माण के लिए 50 फीट गहरे गड्ढे को भरने का काम चल रहा है। गड्ढे को भरने के लिए 44 लेयर डाली जानी है, अब तक 20 लेयर डाली जा चुकी है। सरकार ने अगले दो साल के भीतर भव्य मंदिर निर्माण का लक्ष्य तय किया है।
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इसके सापेक्ष मंदिर निर्माण का काम व भक्तों के लिए जनसुविधाएं विकसित करने को लेकर भी तैयारी तेज हो गई। तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में तीन बैचिंग प्लांट व करीब 50 मजदूरों की सहायता से नींव भराई का कार्य हो रहा हैैैै।
उधर नींव भराई होते ही प्लिंथ का निर्माण शुरू होगा। प्लिंथ में लगने वाले पत्थरों की आपूर्ति भी शुरू हो गई है, ताकि नींव भराई का काम पूरा होते ही तत्काल प्लिंथ का काम शुरू हो जाए।
माना जा रहा है कि राममंदिर बनने के बाद अयोध्या में भक्तों का दबाव बढ़ जाएगा। प्रतिदिन एक लाख भक्तों के अयोध्या आगमन की संभावना है। रामनवमी, सावन मेला, कार्तिक मेला जैसे पर्व व त्योहारों पर अभी 10 से 15 लाख भक्त आते हैं।
जब राममंदिर बन जाएगा तो भक्तों की संख्या बढ़कर 20 से 25 लाख हो जाएगी। ऐसे में भक्त अयोध्या आएं तो कम से कम तीन चार दिन रुकें इसको लेकर ट्रस्ट प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर योजना बना रहा है।
इसके तहत सुविधायुक्त धर्मशाला, होटल, एयरपोर्ट आदि योजनाओं पर काम चल रहा है। राममंदिर दर्शनार्थियों के लिए स्वचालित सीढ़ी व लिफ्ट की सुविधा रहेगी। भक्त 32 सीढ़ियां चढ़कर रामलला के दर्शन कर पाएंगे।
रामलला के दर्शनार्थियों में बड़ी संख्या में वृद्ध, महिला व बच्चे भी होंगे। ऐसे भक्त जो राममंदिर की सीढ़ी चढ़ने में असमर्थ होंगे। उनके लिए स्वचालित सीढ़ी व लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी।
साथ ही भक्तों के लिए वृहद स्तर पर अमानती घर भी बनाया जाएगा। जहां भक्त अपना सामान सुरक्षित रूप से जमा कर सकेंगे। इसके अलावा भी दर्शन मार्ग पर प्रसाधन सहित पेयजल, प्रकाश आदि की सुविधा उच्च स्तर की होगी। आगामी 50 वर्ष की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई गई हैं।
2023 तक भव्य मंदिर में भक्तों को रामलला का दर्शन मिले ऐसी योजना है। मंदिर के साथ-साथ भक्तों के लिए ऐसी सुविधाएं विकसित हों ताकि उन्हें अयोध्या प्रवेश करते ही त्रेतायुग का अहसास हो। इसके अलावा उनकी अयोध्या यात्रा सिर्फ धार्मिक न रहकर पर्यटन के रूप में भी तब्दील हो, ऐसी कई योजनाएं प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बनाई गई हैं। कुछ पर काम शुरू भी हो गया है। रामलला के भक्तों के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्रतिबद्धता है।- डॉ.अनिल मिश्र, ट्रस्टी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
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पहले ट्रस्ट ने 2024 तक मंदिर निर्माण का लक्ष्य तय किया था लेकिन अब समय सीमा एक साल घटा दी गई है। अभी राममंदिर के नींव भराई काम चल रहा है। अक्तूबर तक प्लिंथ निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।
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उधर मंदिर बनने के बाद अयोध्या आने वाले भक्तों को बेहतर सुविधा प्रदान करने को लेकर भी ट्रस्ट ने कई योजनाओं की रूपरेखा भी तैयार कर ली है।
राममंदिर निर्माण के लिए 50 फीट गहरे गड्ढे को भरने का काम चल रहा है। गड्ढे को भरने के लिए 44 लेयर डाली जानी है, अब तक 20 लेयर डाली जा चुकी है। सरकार ने अगले दो साल के भीतर भव्य मंदिर निर्माण का लक्ष्य तय किया है।
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इसके सापेक्ष मंदिर निर्माण का काम व भक्तों के लिए जनसुविधाएं विकसित करने को लेकर भी तैयारी तेज हो गई। तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में तीन बैचिंग प्लांट व करीब 50 मजदूरों की सहायता से नींव भराई का कार्य हो रहा हैैैै।
उधर नींव भराई होते ही प्लिंथ का निर्माण शुरू होगा। प्लिंथ में लगने वाले पत्थरों की आपूर्ति भी शुरू हो गई है, ताकि नींव भराई का काम पूरा होते ही तत्काल प्लिंथ का काम शुरू हो जाए।
माना जा रहा है कि राममंदिर बनने के बाद अयोध्या में भक्तों का दबाव बढ़ जाएगा। प्रतिदिन एक लाख भक्तों के अयोध्या आगमन की संभावना है। रामनवमी, सावन मेला, कार्तिक मेला जैसे पर्व व त्योहारों पर अभी 10 से 15 लाख भक्त आते हैं।
जब राममंदिर बन जाएगा तो भक्तों की संख्या बढ़कर 20 से 25 लाख हो जाएगी। ऐसे में भक्त अयोध्या आएं तो कम से कम तीन चार दिन रुकें इसको लेकर ट्रस्ट प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर योजना बना रहा है।
इसके तहत सुविधायुक्त धर्मशाला, होटल, एयरपोर्ट आदि योजनाओं पर काम चल रहा है। राममंदिर दर्शनार्थियों के लिए स्वचालित सीढ़ी व लिफ्ट की सुविधा रहेगी। भक्त 32 सीढ़ियां चढ़कर रामलला के दर्शन कर पाएंगे।
रामलला के दर्शनार्थियों में बड़ी संख्या में वृद्ध, महिला व बच्चे भी होंगे। ऐसे भक्त जो राममंदिर की सीढ़ी चढ़ने में असमर्थ होंगे। उनके लिए स्वचालित सीढ़ी व लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी।
साथ ही भक्तों के लिए वृहद स्तर पर अमानती घर भी बनाया जाएगा। जहां भक्त अपना सामान सुरक्षित रूप से जमा कर सकेंगे। इसके अलावा भी दर्शन मार्ग पर प्रसाधन सहित पेयजल, प्रकाश आदि की सुविधा उच्च स्तर की होगी। आगामी 50 वर्ष की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई गई हैं।
2023 तक भव्य मंदिर में भक्तों को रामलला का दर्शन मिले ऐसी योजना है। मंदिर के साथ-साथ भक्तों के लिए ऐसी सुविधाएं विकसित हों ताकि उन्हें अयोध्या प्रवेश करते ही त्रेतायुग का अहसास हो। इसके अलावा उनकी अयोध्या यात्रा सिर्फ धार्मिक न रहकर पर्यटन के रूप में भी तब्दील हो, ऐसी कई योजनाएं प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बनाई गई हैं। कुछ पर काम शुरू भी हो गया है। रामलला के भक्तों के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्रतिबद्धता है।- डॉ.अनिल मिश्र, ट्रस्टी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट