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दिन में दो घंटे की आपूर्ति, ठंड में कैसे हो गेहूं की सिंचाई
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अयोध्या। ग्रामीण क्षेत्र में दिन में दो घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। किसान परेशान हैं, ठंड के मौसम में इस बिजली आपूर्ति में गेहूं सहित अन्य फसलों की सिंचाई कैसे की जाए। ठंड आने के बाद बिजली की आपूर्ति का शेड्यूल नहीं बदला।
शुक्रवार को सोहावल क्षेत्र में दिन में 11 से एक बजे तक बिजली आपूर्ति की गई। रात्रि कालीन बिजली आपूर्ति के बाद सुबह आठ बजे आपूर्ति बंद कर दी जाती है। दूसरी बेला फिर शाम को आपूर्ति शुरू की जाती है। आकस्मिक कटौती हुई तो दिन में आपूर्ति नाममात्र की रह जाती है। दिसंबर में तापमान दिन प्रतिदिन गिर रहा है। रात और सुबह शाम ठंड अधिक होती है। ऐसे में खुले आसमान के नीचे खेतों में सिंचाई नहीं हो सकती है। किसान कहते हैं कि गेंहू, सरसों, आलू के साथ दूसरी फसलों की सिंचाई का समय है लेकिन ठंड और बिजली के चलते सिंचाई नहीं हो पा रही है।
किसान ओम प्रकाश सिंह, हरिश्चंद्र, आरएन पांडेय बताते हैं कि यह हाल रोज का है। दिन में कभी दो घंटे तो कभी तीन घंटे की आपूर्ति मिल रही है। सिंचाई कर पाना संभव नहीं है। बिजली आपूर्ति में किसान खेत की सिंचाई करे भी कैसे, कहते हैं कि इस ओर न तो विभाग का ध्यान है और न ही प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का। किसानों ने दिन में लगातार छह घंटे आपूर्ति की मांग उठाई। उनका कहना है कि शाम पांच से सुबह नौ में बदलाव करके दिन में कम से कम छह घंटे बिजली दी जाए।
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मुख्य अभियंता इं. एके सिंह ने बताया कि शाम को पांच से सुबह नौ बजे और दिन में दो घंटे का शेड्यूल है। इसमें कटौती नहीं होनी चाहिए। जनता की मांग पर बदलाव के लिए प्रस्ताव लखनऊ भेजा जा सकता है।
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शुक्रवार को सोहावल क्षेत्र में दिन में 11 से एक बजे तक बिजली आपूर्ति की गई। रात्रि कालीन बिजली आपूर्ति के बाद सुबह आठ बजे आपूर्ति बंद कर दी जाती है। दूसरी बेला फिर शाम को आपूर्ति शुरू की जाती है। आकस्मिक कटौती हुई तो दिन में आपूर्ति नाममात्र की रह जाती है। दिसंबर में तापमान दिन प्रतिदिन गिर रहा है। रात और सुबह शाम ठंड अधिक होती है। ऐसे में खुले आसमान के नीचे खेतों में सिंचाई नहीं हो सकती है। किसान कहते हैं कि गेंहू, सरसों, आलू के साथ दूसरी फसलों की सिंचाई का समय है लेकिन ठंड और बिजली के चलते सिंचाई नहीं हो पा रही है।
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किसान ओम प्रकाश सिंह, हरिश्चंद्र, आरएन पांडेय बताते हैं कि यह हाल रोज का है। दिन में कभी दो घंटे तो कभी तीन घंटे की आपूर्ति मिल रही है। सिंचाई कर पाना संभव नहीं है। बिजली आपूर्ति में किसान खेत की सिंचाई करे भी कैसे, कहते हैं कि इस ओर न तो विभाग का ध्यान है और न ही प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का। किसानों ने दिन में लगातार छह घंटे आपूर्ति की मांग उठाई। उनका कहना है कि शाम पांच से सुबह नौ में बदलाव करके दिन में कम से कम छह घंटे बिजली दी जाए।
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मुख्य अभियंता इं. एके सिंह ने बताया कि शाम को पांच से सुबह नौ बजे और दिन में दो घंटे का शेड्यूल है। इसमें कटौती नहीं होनी चाहिए। जनता की मांग पर बदलाव के लिए प्रस्ताव लखनऊ भेजा जा सकता है।