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डिरेलमेंट के आठ दिन बाद तीन सिग्नल चालू
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Wed, 28 Sep 2016 12:19 AM IST
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फैजाबाद में दुर्घटनास्थल पर सिग्नल की मरम्मत करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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आठ दिन पहले जीआईसी के निकट दून एक्सप्रेस के डिरेलमेंट में टूटे छह सिग्नलों के सेट को दो हिस्सों में बांटकर तीन लाइनों के सिग्नल को मंगलवार को चालू कर दिया गया। दोपहर बाद 13:04 बजे के करीब सिग्नल लोअर होते हुए भी अप किसान एक्सप्रेस दुर्घटना स्थल से कॉशन और मैनुअल मेमो पर गुजारी गयी।
इसकी वजह आचार्य नरेंद्रदेव नगर रेलवे स्टेशन से चालक को सिग्नल पर ट्रेन चलाने का प्रपत्र न मिलना कहा गया। फिलहाल अप साइड से गुजरने वाली सभी ट्रेनें पूरी तरह से समय की पटरी पर नहीं आ सकी हैं। बुधवार से संचालन में और सुधार की उम्मीद है।
मालूम हो कि दून एक्सप्रेस की दुर्घटना में जीआईसी के निकट लगा छह सिग्नलों वाला लोहे का बोल्डर कोच की ठोकर से टूट गया था। दुर्घटना के करीब 12 घंटे बाद ट्रैक बहाल हुआ, लेकिन कॉशन व मैनुअली मेमो पर ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ।
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बहुत पुराना सिग्नल कहीं नहीं मिलने पर एनईआर से निकालकर बहराइच में रखे तीन-तीन सेटों वाले दो सिग्नल फैजाबाद लाये गये। पिछले तीन दिनों से इन्हें लगाने में कर्मी जूझते रहे। टूटे सिग्नल से उत्तर की तरफ तीन सेटों वाला सिग्नल दोपहर बाद चालू हो गया।
दूसरा तीन सेटों वाला सिग्नल उसी स्थान पर लगाया जा रहा था। बुधवार की सुबह तक इसके भी काम करने की उम्मीदें हैं। चालू सिग्नल से एक नंबर प्लेटफार्म के लिए अप किसान एक्सप्रेस को दिन में 13:04 बजे गुजारा गया।
उधर अप साइड की ट्रेनों को मंगलवार को भी स्टेशन पर रोकने के बाद कॉशन व मैनुअली मेमो पर गुजारा जाता रहा। होम सिग्नल से पहले सभी ट्रेनें रुकतीं और केबिन से कॉशन व मैनुअन मेमो पाने के बाद ट्रेनें आगे गुजरती रहीं। मौके पर सिग्नल लगवा रहे अधिकारी ने बताया कि बुधवार से सभी सिग्नल काम करने लगेंगे और ट्रेनों की विलंबता में भी सुधार होगा।
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इसकी वजह आचार्य नरेंद्रदेव नगर रेलवे स्टेशन से चालक को सिग्नल पर ट्रेन चलाने का प्रपत्र न मिलना कहा गया। फिलहाल अप साइड से गुजरने वाली सभी ट्रेनें पूरी तरह से समय की पटरी पर नहीं आ सकी हैं। बुधवार से संचालन में और सुधार की उम्मीद है।
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मालूम हो कि दून एक्सप्रेस की दुर्घटना में जीआईसी के निकट लगा छह सिग्नलों वाला लोहे का बोल्डर कोच की ठोकर से टूट गया था। दुर्घटना के करीब 12 घंटे बाद ट्रैक बहाल हुआ, लेकिन कॉशन व मैनुअली मेमो पर ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ।
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बहुत पुराना सिग्नल कहीं नहीं मिलने पर एनईआर से निकालकर बहराइच में रखे तीन-तीन सेटों वाले दो सिग्नल फैजाबाद लाये गये। पिछले तीन दिनों से इन्हें लगाने में कर्मी जूझते रहे। टूटे सिग्नल से उत्तर की तरफ तीन सेटों वाला सिग्नल दोपहर बाद चालू हो गया।
दूसरा तीन सेटों वाला सिग्नल उसी स्थान पर लगाया जा रहा था। बुधवार की सुबह तक इसके भी काम करने की उम्मीदें हैं। चालू सिग्नल से एक नंबर प्लेटफार्म के लिए अप किसान एक्सप्रेस को दिन में 13:04 बजे गुजारा गया।
उधर अप साइड की ट्रेनों को मंगलवार को भी स्टेशन पर रोकने के बाद कॉशन व मैनुअली मेमो पर गुजारा जाता रहा। होम सिग्नल से पहले सभी ट्रेनें रुकतीं और केबिन से कॉशन व मैनुअन मेमो पाने के बाद ट्रेनें आगे गुजरती रहीं। मौके पर सिग्नल लगवा रहे अधिकारी ने बताया कि बुधवार से सभी सिग्नल काम करने लगेंगे और ट्रेनों की विलंबता में भी सुधार होगा।