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नहीं भाए प्रत्याशी, 8287 ने दबाया नोटा
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अयोध्या। अपने पसंद का उम्मीदवार न मिलने पर जिले में 8287 मतदाताओं ने किसी भी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के बजाय नोटा का बटन दबाना बेहतर समझा। अलग-अलग विधानसभाओं में 25 उम्मीदवार ऐसे रहे जो नोटा से अधिक वोट नहीं प्राप्त कर सके। मिल्कीपुर व रुदौली विधानसभा क्षेत्र में नोटा दबाने वालों की संख्या सर्वाधिक रही।
वोटिंग मशीन में प्रत्याशियों के साथ-साथ एक बटन ऐसा भी होता है, जिसका प्रयोग मतदाता इस आशय से करते हैं कि उन्हें चुनाव लड़ रहा कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं आया। इस बार के चुनाव में सभी प्रमुख दलों के अलावा छोटे दलों के उम्मीदवार भी मैदान में थे। जागरूकता व प्रचार-प्रसार का असर रहा कि सभी सीटों पर मतदाताओं में काफी उत्साह देखने को मिला और सभी सीटों पर खूब वोटिंग हुई।
इस भीड़ में नोटा दबाने वालों की भी कमी नहीं रही। जिले की सभी पांच सीटों पर 8287 ऐसे मतदाता रहे, जिन्हें कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं आया और उन्होंने इसे जाहिर करने के लिए नोटा की बदन दबाना ही उपयुक्त समझा। नोटा दबाने वालों की सर्वाधिक तादाद मिल्कीपुर व रुदौली में देखने को मिली। यहां क्रमश: 1960 व 1958 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।
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वहीं, गोसाईगंज में 1747, बीकापुर में 1382 व अयोध्या में 1240 मत नोटा पर पड़े हैं। खास बात यह है कि इन विधान सभा क्षेत्रों में ऐसे 25 प्रत्याशी हैं, जिन्हें नोटा से भी कम मत मिले हैं। गोसाईगंज विधानसभा में चार छोटे दलों के प्रत्याशियों के अलावा कांग्रेस प्रत्याशी रहीं शारदा देवी को भी नोटा से कम वोट मिले।
इस विधानसभा में नोटा पर 1747 वोट मिला, जबकि कांग्रेस की शारदा देवी को महज 1319 वोट ही हासिल हुए। इसी तरह अयोध्या में छह, रुदौली में पांच, मिल्कीपुर में तीन व बीकापुर में छह उम्मीदवारों को नोटा से कम मत हासिल हुआ।
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वोटिंग मशीन में प्रत्याशियों के साथ-साथ एक बटन ऐसा भी होता है, जिसका प्रयोग मतदाता इस आशय से करते हैं कि उन्हें चुनाव लड़ रहा कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं आया। इस बार के चुनाव में सभी प्रमुख दलों के अलावा छोटे दलों के उम्मीदवार भी मैदान में थे। जागरूकता व प्रचार-प्रसार का असर रहा कि सभी सीटों पर मतदाताओं में काफी उत्साह देखने को मिला और सभी सीटों पर खूब वोटिंग हुई।
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इस भीड़ में नोटा दबाने वालों की भी कमी नहीं रही। जिले की सभी पांच सीटों पर 8287 ऐसे मतदाता रहे, जिन्हें कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं आया और उन्होंने इसे जाहिर करने के लिए नोटा की बदन दबाना ही उपयुक्त समझा। नोटा दबाने वालों की सर्वाधिक तादाद मिल्कीपुर व रुदौली में देखने को मिली। यहां क्रमश: 1960 व 1958 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।
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वहीं, गोसाईगंज में 1747, बीकापुर में 1382 व अयोध्या में 1240 मत नोटा पर पड़े हैं। खास बात यह है कि इन विधान सभा क्षेत्रों में ऐसे 25 प्रत्याशी हैं, जिन्हें नोटा से भी कम मत मिले हैं। गोसाईगंज विधानसभा में चार छोटे दलों के प्रत्याशियों के अलावा कांग्रेस प्रत्याशी रहीं शारदा देवी को भी नोटा से कम वोट मिले।
इस विधानसभा में नोटा पर 1747 वोट मिला, जबकि कांग्रेस की शारदा देवी को महज 1319 वोट ही हासिल हुए। इसी तरह अयोध्या में छह, रुदौली में पांच, मिल्कीपुर में तीन व बीकापुर में छह उम्मीदवारों को नोटा से कम मत हासिल हुआ।