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दो डिप्टी एसपी को पेश करें डीजीपी
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2015 10:26 PM IST
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पुलिस भर्ती बोर्ड लखनऊ व बरेली में तैनात दो क्षेत्राधिकारियों (डिप्टी एसपी) को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आदेश पुलिस महानिदेशक को दिया गया है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) मोहम्मद अली की अदालत से दहेज हत्या के एक मामले में गवाही के लिए उपस्थित न होने पर गैर जमानती वारंट का आदेश करते हुए दिया गया है।
अदालत ने अगले आदेश तक दोनों क्षेत्राधिकारियों का वेतन भी रोकने का आदेश करते हुए संबंधित जिले के जिलाधिकारियों व मुख्य कोषाधिकारियों को पत्र भी भेजा है। शिव कुमार उपाध्याय निवासी हल्ले द्वारिकापुर थाना इनायतनगर ने अपनी पुत्री सरस्वती की शादी पूराकलंदर थाने के उसरू अमौना निवासी अजय उपाध्याय के साथ वर्ष 2009 में की थी। आरोप है कि दहेज की खातिर सरस्वती की जलाकर हत्या कर दी गई। इसकी रिपोर्ट पति, ससुर सहदेव, देवर अमन व ननद प्रतिमा के खिलाफ दहेज की धारा में लिखाई गई थी।
यह मुकदमा इसी अदालत में विचाराधीन है। मुकदमे की विवेचना क्षेत्राधिकारी महेश मिश्रा (पुलिस भर्ती बोर्ड लखनऊ में क्षेत्राधिकारी के पद पर तैनात) व बरेली में क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार पांडेय ने की थी। इन्हें मामले में गवाही के लिए अदालत से समन भेजा गया। उसका इन पर तामीला भी हुआ, लेकिन दोनों अधिकारी कोर्ट में गवाही के लिए उपस्थित नहीं हुए। मंगलवार को इसमें पेशी थी।
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कोर्ट में उपस्थित न होने पर दोनों के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी करने का आदेश हुआ है। वारंट का तामीला कराने का आदेश प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को दिया गया है। मामले में अगली पेशी 20 जुलाई नियत की गई है। महेश मिश्र के वेतन रोकने का आदेश करते हुए इसे रोकने के लिए लखनऊ के जिलाधिकारी व मुख्य कोषाधिकारी को पत्र लिखा गया है, जबकि मनोज के वेतन रोकने का पत्र बरेली के डीएम व मुख्य कोषाधिकारी को भेजा गया है।
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अदालत ने अगले आदेश तक दोनों क्षेत्राधिकारियों का वेतन भी रोकने का आदेश करते हुए संबंधित जिले के जिलाधिकारियों व मुख्य कोषाधिकारियों को पत्र भी भेजा है। शिव कुमार उपाध्याय निवासी हल्ले द्वारिकापुर थाना इनायतनगर ने अपनी पुत्री सरस्वती की शादी पूराकलंदर थाने के उसरू अमौना निवासी अजय उपाध्याय के साथ वर्ष 2009 में की थी। आरोप है कि दहेज की खातिर सरस्वती की जलाकर हत्या कर दी गई। इसकी रिपोर्ट पति, ससुर सहदेव, देवर अमन व ननद प्रतिमा के खिलाफ दहेज की धारा में लिखाई गई थी।
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यह मुकदमा इसी अदालत में विचाराधीन है। मुकदमे की विवेचना क्षेत्राधिकारी महेश मिश्रा (पुलिस भर्ती बोर्ड लखनऊ में क्षेत्राधिकारी के पद पर तैनात) व बरेली में क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार पांडेय ने की थी। इन्हें मामले में गवाही के लिए अदालत से समन भेजा गया। उसका इन पर तामीला भी हुआ, लेकिन दोनों अधिकारी कोर्ट में गवाही के लिए उपस्थित नहीं हुए। मंगलवार को इसमें पेशी थी।
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कोर्ट में उपस्थित न होने पर दोनों के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी करने का आदेश हुआ है। वारंट का तामीला कराने का आदेश प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को दिया गया है। मामले में अगली पेशी 20 जुलाई नियत की गई है। महेश मिश्र के वेतन रोकने का आदेश करते हुए इसे रोकने के लिए लखनऊ के जिलाधिकारी व मुख्य कोषाधिकारी को पत्र लिखा गया है, जबकि मनोज के वेतन रोकने का पत्र बरेली के डीएम व मुख्य कोषाधिकारी को भेजा गया है।