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बड़ी मुश्किल से पैदा किया धान, अब बेचने में किसानों के छूट रहे पसीने

Mon, 21 Dec 2020 10:44 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Dec 2020 10:44 PM IST
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धान क्रय केंद्र पूराबाजार में लगी कतार। - फोटो : FAIZABAD
राजेपुर धान क्रय केंद्र
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पूरा बाजार स्थित राजेपुर धान क्रय केंद्र पर लंबी लाइन थी। ठंड में किसान क्रय केंद्र के अंदर अपनी ट्रॉली छोड़कर घर चले गए थे। केंद्र प्रभारी जितेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि ठंड के कारण मजदूर कम मिलने से तौल की गति कुछ धीमी हो रही है लेकिन हमारा प्रयास है कि तौल और तेजी से की जाए।
किसान सेवा सहकारी समिति बीकापुर
बीकापुर में किसान सेवा सहकारी समिति के पीसीएफ धान क्रय केंद्र पर किसानों ने बताया कि करीब एक माह पूर्व रजिस्ट्रेशन कराया गया। केंद्र पर बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद अभी तक उनका धान नहीं खरीदा गया। कई बार की दौड़भाग के बाद अब केंद्र पर धान बेचने में मुनाफा निकालना मुश्किल है।
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साधन सहकारी समिति लिमिटेड घुरेहटा मिल्कीपुर
मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के साधन सहकारी समिति लिमिटेड घुरेहटा धान क्रय केंद्र पर किसान लल्लन शुक्ला निवासी बांसगांव ने बताया कि अक्तूबर में ऑनलाइन आवेदन किया था, अभी तक नंबर नहीं आया।
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अयोध्या। जिले में धान क्रय केंद्रों का हाल खराब है। आंकड़ों के हिसाब से किसानों का धान केंद्रों पर खरीदा जा रहा है। वहीं किसानों का आरोप है कि उनके धान की जगह राइस मिलों व व्यापारियों का धान खरीद कर आंकड़ों को दुरुस्त किया जा रहा है। दूसरी ओर किसान धान से लदी ट्रॉलियां व अन्य वाहन लेकर क्रय केंद्र पर लाइन में लगे हुए हैं। भीषण ठंड में उनकी रात धान खरीद केंद्रों के सामने गुजर रहीं हैं।
धान की बिक्री को लेकर क्षेत्र के किसान इन दिनों परेशान हैं। वह कहते हैं कि बड़ी मुश्किल से धान पैदा किया, अब बेचने में पसीने छूट रहे हैं। कुछ किसानों ने तो रोज-रोज की दौड़भाग से परेशान होकर औने-पौने दामों पर स्थानीय व्यापारी के हाथों अपना धान बेच लिया है। वहीं ज्यादातर एमएसपी पर धान बेचने के लिए धान क्रय केंद्रों पर चक्कर लगा रहे हैं। धान क्रय केंद्रों पर ट्रॉलियों की लाइन लगी हैं।
कड़ाके की ठंड में किसान क्रय केंद्रों के बाहर पिछले 15 दिनों से बोरी-बिस्तर लेकर अपना डेरा जमाए हैं। उन्हें डर है कि कहीं उनका धान चोरी न हो जाए। तौल कराने आए किसानों का कहना है कि तौल के लिए उनका नंबर आठ से दस दिन बाद आ रहा है। वहीं किराए के ट्रैक्टर पर धान लादकर आए किसानों ने बताया कि 600 रुपये के हिसाब से ट्रॉली का किराया चुका रहे हैं। 6 दिनों में 3600 रुपये किराया दे चुके हैं। अब अगर क्रय केंद्र पर धान बिक भी जाता है तो मुनाफा नहीं होगा।

बिना नंबर के हो रही तौल, किसानों का टूट रहा सब्र
सोहावल। खुले विपणन शाखा के एक मात्र धान क्रय केंद्र से जुड़े टोकन ले चुके किसानों का सब्र टूट रहा है। बिना नंबर पहुंच रहे किसानों के चलते केंद्र पर तौल प्रभावित हो रही है और दुर्व्यवस्था के आलम में केंद्र प्रभारी सहित कर्मचारियों का दम घुट रहा है। नोकझोंक की नौबत के बीच सुरक्षा को लेकर गुहार की जा रही है। केंद्र प्रभारी महेश आनंद पांडेय ने बताया पंजीकृत 450 किसानों के सापेक्ष अब तक 250 किसानों से लक्ष्य 11 हजार 334 क्विंटल के विपरीत 28 हजार क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है।
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