{"_id":"4c3402e041699c0b1fdb847c5542cc64","slug":"bareilly-was-jailed-mafia-khan-mubarak-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरेली जेल भेजा गया माफिया खान मुबारक","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बरेली जेल भेजा गया माफिया खान मुबारक
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2015 10:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जेल से ही सोशल साइट्स पर माफिया के दो वीडियो वायरल होने के बाद शासन ने खान को बरेली जेल भेजने का आदेश दिया था। लेकिन मामले में अंबेडकरनगर कोर्ट में सुनवाई की वजह से ट्रांसफर की कवायद लटक गई थी।
माफिया खान मुबारक के फैजाबाद जेल में निरुद्ध रहने के दौरान जुलाई में उसके दो वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल हुए थे। पहले वीडियो में उसे टांडा के एक व्यापारी पर कोड़े बरसाते और सिर पर बोतल रख गोली मारते दिखाया गया था।
दूसरे वीडियो में उसने फैजाबाद के एक बाहुबली विधायक व जेल प्रशासन से अपनी जान को खतरा जताया था। माफिया ने पेशी के दौरान हमले की भी आशंका जताई थी और घटना होने पर खाकी व खादी को अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी।
विज्ञापन
इसी के बाद उसके जेल ट्रांसफर की तैयारी शुरू हो गई थी। जेल प्रशासन को 22 जुलाई को शासन से स्थानांतरण का आदेश आ गया था। इसके बाद प्रभारी वरिष्ठ जेल अधीक्षक कैलाशपति त्रिपाठी ने ट्रांसफर के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी।
सोमवार को अंबेडकरनगर के एडीजे चतुर्थ अनिल कुमार ने खान मुबारक को बरेली जेल भेजने की अनुमति दे दी थी। लेकिन जेल प्रशासन लगातार तीन दिन से आदेश की प्रति न मिलने का दावा करता रहा। गुरुवार सुबह उसे गुपचुप तरीके से बरेली के लिए रवाना कर दिया।
अंबेडकरनगर के माफिया खान मुबारक को लेकर मंडलीय जेल प्रशासन की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध रही है। दो वीडियो आने और उसमें जेल की दीवारों की पहचान सामने आने के बाद शासन से जांच चल रही है कि आखिरकार जेल में वीडियो कैसे बना?
इस बीच बरेली जेल स्थानांतरण के बाद खान मुबारक आदेश को रद्द कराने में जुटा रहा। जेल प्रशासन ने शासन के आदेश के बाद कोर्ट से अनुमति मांगने में ही एक सप्ताह लगा दिया।
कोर्ट ने सोमवार को जब आदेश पर मुहर लगा दी, तब भी जेल अधीक्षक आरके मिश्रा कहते रहे कि अभी आदेश की प्रति नहीं मिली है। जबकि अंदर खाने खान मुबारक को हाईकोर्ट से राहत मिलने का इंतजार किया जा रहा था।
लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के लिए एक वर्ष समयावधि तय की, मगर जेल ट्रांसफर पर कोई राहत नहीं दी। यह आदेश बुधवार को आने के बाद आनन-फानन गुरुवार को बरेली जेल भेजने की रणनीति बनी। इसे मीडिया से छिपाने के लिए जेल अधिकारी झूठ पर झूठ बोलते रहे।
मंडलीय कारागार, फैजाबाद के जेल अधीक्षक आरके मिश्रा का कहना है कि खान मुबारक को अंबेडकरनगर कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को सुबह साढ़े सात बजे बरेली जेल स्थानांतरण की कार्रवाई शुरू की गई।
पौने आठ बजे वाहन से गेट से बाहर निकाला गया। मीडिया से यह बात इसलिए छिपाई गई कि ऐसे अपराधी को हाइप मिलती है, और बाद में चुनाव लड़कर एमएलए बन जाते हैं।
विज्ञापन
माफिया खान मुबारक के फैजाबाद जेल में निरुद्ध रहने के दौरान जुलाई में उसके दो वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल हुए थे। पहले वीडियो में उसे टांडा के एक व्यापारी पर कोड़े बरसाते और सिर पर बोतल रख गोली मारते दिखाया गया था।
विज्ञापन
दूसरे वीडियो में उसने फैजाबाद के एक बाहुबली विधायक व जेल प्रशासन से अपनी जान को खतरा जताया था। माफिया ने पेशी के दौरान हमले की भी आशंका जताई थी और घटना होने पर खाकी व खादी को अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी।
विज्ञापन
इसी के बाद उसके जेल ट्रांसफर की तैयारी शुरू हो गई थी। जेल प्रशासन को 22 जुलाई को शासन से स्थानांतरण का आदेश आ गया था। इसके बाद प्रभारी वरिष्ठ जेल अधीक्षक कैलाशपति त्रिपाठी ने ट्रांसफर के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी।
सोमवार को अंबेडकरनगर के एडीजे चतुर्थ अनिल कुमार ने खान मुबारक को बरेली जेल भेजने की अनुमति दे दी थी। लेकिन जेल प्रशासन लगातार तीन दिन से आदेश की प्रति न मिलने का दावा करता रहा। गुरुवार सुबह उसे गुपचुप तरीके से बरेली के लिए रवाना कर दिया।
अंबेडकरनगर के माफिया खान मुबारक को लेकर मंडलीय जेल प्रशासन की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध रही है। दो वीडियो आने और उसमें जेल की दीवारों की पहचान सामने आने के बाद शासन से जांच चल रही है कि आखिरकार जेल में वीडियो कैसे बना?
इस बीच बरेली जेल स्थानांतरण के बाद खान मुबारक आदेश को रद्द कराने में जुटा रहा। जेल प्रशासन ने शासन के आदेश के बाद कोर्ट से अनुमति मांगने में ही एक सप्ताह लगा दिया।
कोर्ट ने सोमवार को जब आदेश पर मुहर लगा दी, तब भी जेल अधीक्षक आरके मिश्रा कहते रहे कि अभी आदेश की प्रति नहीं मिली है। जबकि अंदर खाने खान मुबारक को हाईकोर्ट से राहत मिलने का इंतजार किया जा रहा था।
लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के लिए एक वर्ष समयावधि तय की, मगर जेल ट्रांसफर पर कोई राहत नहीं दी। यह आदेश बुधवार को आने के बाद आनन-फानन गुरुवार को बरेली जेल भेजने की रणनीति बनी। इसे मीडिया से छिपाने के लिए जेल अधिकारी झूठ पर झूठ बोलते रहे।
मंडलीय कारागार, फैजाबाद के जेल अधीक्षक आरके मिश्रा का कहना है कि खान मुबारक को अंबेडकरनगर कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को सुबह साढ़े सात बजे बरेली जेल स्थानांतरण की कार्रवाई शुरू की गई।
पौने आठ बजे वाहन से गेट से बाहर निकाला गया। मीडिया से यह बात इसलिए छिपाई गई कि ऐसे अपराधी को हाइप मिलती है, और बाद में चुनाव लड़कर एमएलए बन जाते हैं।