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बिना कोच के तैराकी सीख रहे दो सौ बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sun, 14 Jun 2015 11:25 PM IST
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जिले में एक करोड़ रुपये लागत से 20 साल पहले स्पोर्ट्स स्टेडियम में तरणताल का निर्माण हुआ था, मगर खेल विभाग तैराकों को एक अदद प्रशिक्षक नहीं उपलब्ध करा पाया है। जबकि करीब दो सौ तैराकों से स्वीमिंग सीखने की फीस वसूली जा रही है।
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स्पोर्ट्स स्टेडियम में एक दर्जन से अधिक खेलों के प्रशिक्षण की योजना के तहत करोड़ों की लागत से तरणताल और बहुउद्देश्यीय हॉल का निर्माण हुआ पर बैडमिंटन को छोड़कर किसी अन्य खेल को स्थायी प्रशिक्षक नहीं मिल पाया।
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तरणताल के निर्माण के बावजूद जिले में तैराकी प्रशिक्षक नियुक्त नहीं हुआ है। ये अलग बात है कि करीब दो सौ नन्हें तैराकों से प्रशिक्षण के नाम खेल विभाग बाकायदा दो-दो सौ रुपये शुल्क प्राप्त कर रहा है।
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हाल ये है कि फैजाबाद में अंतर्राष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल के नाम पर 79 करोड़ रुपये की योजना तो शुरू कराई गई लेकिन खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षक की स्थायी तैनाती की विभाग के आला अफसरों को सुध नहीं आई। खेल विभाग में राजकुमार यादव जीवनरक्षक पद पर तैनात हैं।
मगर इस जिम्मेदारी के साथ-साथ वह अभिभावकों के अनुरोध पर बच्चों को तैराकी का प्रशिक्षण भी देते हैं। कई अभिभावकों को मलाल है कि उनके बच्चों को प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है। मगर खेल विभाग जिले से बेहतर तैराक तैयार होने का दावा कर रहा है।
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अभय सिंह ने कहा कि जिले में तैराकी प्रशिक्षक नियुक्त नहीं है, विभागीय निर्देश के क्रम में तैराकों से प्रशिक्षण शुल्क प्राप्त किया जा रहा है। अभय का कहना है कि तैराकों को प्रशिक्षित करने के लिए हम अपने जीवनरक्षक से सहयोग प्राप्त कर रहे हैं।