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आदिपुरुष फिल्म पर लगे बैन, संतों ने उठाई मांग
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अयोध्या। फिल्म आदिपुरुष के टीजर को लेकर उठे विवाद के बीच श्रीरामलला के मुख्य पुजारी समेत अयोध्या के संतों ने फिल्म पर बैन लगाने की मांग उठाई है। टीजर में भगवान राम, हनुमान व रावण के कथित गलत चित्रण को लेकर संतों में रोष है।
संतों ने कहा हे कि सनातन धर्म संस्कृति के साथ छेड़छाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिल्म का टीजर दो अक्तूबर को अयोध्या में लांच हुआ था।
रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि फिल्म बनाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन सुर्खियों में लाने के लिए जानबूझकर विवाद पैदा करने के लिए फिल्म नहीं बनानी चाहिए।
कहा कि सनातन धर्म संस्कृति से छेड़छाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महंत रामभूषण दास कृपालु ने कहा कि हिंदू धर्म पर फिल्म बनाने वालों को पहले संस्कृति का ज्ञान लेना चाहिए।
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सनातन धर्म के देवी-देवताओं का लगातार अपमान किया जा रहा है, इस पर जल्द रोक न लगी तो संत समाज को आंदोलित होना पड़ेगा। जगद्गुरु रत्नेश प्रपन्नाचार्य ने कहा कि न स्वर्ण मुकुट, न कान में कुंडल आदिपुरुष का रावण शिव भक्त नहीं चंगेज खां, बाबर का भक्त लग रहा है। भारतीय आस्था और शास्त्रीय अवधारणाओं को मटियामेट करने का प्रयास आदिपुरुष है। इस पर तत्काल बैन लगना चाहिए।
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संतों ने कहा हे कि सनातन धर्म संस्कृति के साथ छेड़छाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिल्म का टीजर दो अक्तूबर को अयोध्या में लांच हुआ था।
रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि फिल्म बनाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन सुर्खियों में लाने के लिए जानबूझकर विवाद पैदा करने के लिए फिल्म नहीं बनानी चाहिए।
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कहा कि सनातन धर्म संस्कृति से छेड़छाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महंत रामभूषण दास कृपालु ने कहा कि हिंदू धर्म पर फिल्म बनाने वालों को पहले संस्कृति का ज्ञान लेना चाहिए।
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सनातन धर्म के देवी-देवताओं का लगातार अपमान किया जा रहा है, इस पर जल्द रोक न लगी तो संत समाज को आंदोलित होना पड़ेगा। जगद्गुरु रत्नेश प्रपन्नाचार्य ने कहा कि न स्वर्ण मुकुट, न कान में कुंडल आदिपुरुष का रावण शिव भक्त नहीं चंगेज खां, बाबर का भक्त लग रहा है। भारतीय आस्था और शास्त्रीय अवधारणाओं को मटियामेट करने का प्रयास आदिपुरुष है। इस पर तत्काल बैन लगना चाहिए।