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Ayodhya News : एक रंग में रंगे जाएंगे भवन, इमारतों की ऊंचाई भी होगी समान, कॉमन बिल्डिंग कोड के लिए बनेंगे मानक
Wed, 30 Nov 2022 12:30 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 30 Nov 2022 12:30 AM IST
सार
माडल शहर के रूप में विकसित की जा रही अयोध्या का मास्टर प्लान 133 वर्ग किमी का है। यह जीआईएस आधारित है। इसे एनआरएससी हैदराबाद ने तैयार किया है। यह अनुमोदन के लिए शासन को भेजा गया है।
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अयोध्या में रामलला के दर्शन करते मुख्यमंत्री योगी
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
अयोध्या अब नये रंग में रंगने जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि परिसर के आसपास सभी भवन एक रंग के होंगे, इतना ही नहीं इमारतों की ऊंचाई और सड़कों की चौड़ाई भी एक समान होगी। यही एकरूपता लाने के लिए कॉमन बिल्डिंग कोड लागू किए जाने की तैयारी है। इसके लिए मास्टर प्लान-2031 के अनुमोदन के बाद जोनल प्लान तैयार किया जाएगा। अयोध्या की प्रस्तावित महायोजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के दिए निर्देश पर यहां मंथन शुरू हो गया है। प्राधिकरण इस पर भी विचार कर रहा है कि इस परिधि को किस तरह से भव्य रूप दिया जाए।
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अयोध्या विजन डाक्यूमेंट-2047 की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अयोध्या को मॉडल शहर के रूप में विकसित किए जाने का निर्देश दिया था। इसके बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण से तैयार किए गए मास्टर प्लान की लखनऊ में समीक्षा के दौरान भी सीएम ने रूपरेखा तय की थी। अब एडीए सहित अन्य संबंधित विभागों के अंदरखाने में इसको लेकर मंथन शुरू हो गया है। सबसे अहम काम श्रीराम जन्मभूमि परिसर के आसपास को लेकर है। विभाग के जानकारों का कहना है कि कॉमन बिल्डिंग कोड लागू किए जाने के लिए पहले इसके मानक तय किए जाएंगे। परिसर से चारों ओर परिधि तय होगी। प्राधिकरण इस पर भी विचार कर रहा है कि कि कैसे रामनगरी को सुंदरता के साथ भव्य भी बनाया जाए।
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मास्टर प्लान फाइनल होने पर बनेगा जोनल प्लान
एडीए से बनाया गया अयोध्या का मास्टर प्लान-2031 एडीए बोर्ड की बैठक में पास होने के बाद अनुमोदन के लिए शासन में गया है। मुख्यमंत्री ने इसकी ही समीक्षा के बाद निर्देश दिए हैं। विभाग से जुड़े लोगों के मुताबिक जोनल प्लान, मास्टर प्लान का ही एक हिस्सा है। मास्टर प्लान अनुमोदित होने के बाद पूरे शहर को जोन में बांटकर विकास का खाका खींचा जाता है। इसे विकसित किए जाने के लिए प्लान बनाया जाता है। इसे जोनल प्लान कहते हैं। मास्टर प्लान में फेरबदल होने की संभावना के मद्देनजर पहले इसे नहीं तैयार किया जाता है।
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मास्टर प्लान में धार्मिक भू-उपयोग का जिक्र
अयोध्या के मास्टर प्लान में श्रीराम जन्मभूमि परिसर के आसपास के कुछ क्षेत्र को मास्टर प्लान में धार्मिक भू-उपयोग के रूप में रेखांकित किया गया है। ऐसा सूत्रों का कहना है। बताते हैं कि जरूरत के मुताबिक कॉमन बिल्डिंग कोड लागू होने के बाद इसकी परिधि को घटाया-बढ़ाया जा सकता है।
पहले हो चुका भवनों को एक रंग में रंगने का प्रयोग
अयोध्या के भवनों को एक रंग में रंगने का प्रयोग छोटे स्तर पर पहले हो चुका है लेकिन यह केवल अयोध्या जाने वाले मुख्य मार्ग पर किया गया था। पांच अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री के अयोध्या कार्यक्रम के दौरान साकेत डिग्री कालेज से नया घाट तक मुख्य मार्ग के दोनों ओर के भवनों को पीले रंग में रंगा गया था।
133 वर्ग किमी का है अयोध्या का मास्टर प्लान
माडल शहर के रूप में विकसित की जा रही अयोध्या का मास्टर प्लान 133 वर्ग किमी का है। यह जीआईएस आधारित है। इसे एनआरएससी हैदराबाद ने तैयार किया है। यह अनुमोदन के लिए शासन को भेजा गया है।
स्थापित किया जा रहा सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट
शहर का कूड़ा निस्तारण के लिए सालिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट सोहावल तहसील क्षेत्र के पिरखौली गावं के पास बनाया जा रहा है। शहर में सफाई व्यवस्था के मद्देनजर इसे साल 2023 तक पूरा कराए जाने का लक्ष्य है।
शहर के 32 चौराहों में से तय होंगे नाम
अयोध्या के चौराहों पर त्रेतायुगीन ऋषि, मुनियों, विदुषी नारियों के साथ अन्य महान चरित्रों के नाम पर किए जाने का प्रस्ताव है। शहर में अब तक कुल 32 चौराहे बताए गए हैं। इनमें से चौराहों को चिंह्ति करके नामकरण किया जा सकता है।