फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Ayodhya land purchase Order for investigation of land purchase Special Secretary Revenue will give report in five days

अयोध्या जमीन खरीद: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए जांच के आदेश, विशेष सचिव राजस्व पांच दिन में देंगे रिपोर्ट

Thu, 23 Dec 2021 08:34 AM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो. लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो. लखनऊ Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 23 Dec 2021 08:34 AM IST
सार

अपर मुख्य सचिव राजस्व मनोज कुमार सिंह ने बताया कि विशेष सचिव राधेश्याम मिश्रा को इस मामले की जांच सौंपी गई है और पांच दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
Ayodhya land purchase Order for investigation of land purchase Special Secretary Revenue will give report in five days
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

विस्तार

योगी सरकार ने राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद अयोध्या में अफसरों, नेताओं और उनके रिश्तेदारों द्वारा बड़े पैमाने खरीदी गई जमीन की जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विशेष सचिव राजस्व राधेश्याम मिश्रा को जांच सौंपी गई है। मिश्रा को पांच दिन में जांच पूरी करके रिपोर्ट देने को कहा गया है।

विज्ञापन


राम जन्मभूमि मंदिर पर शीर्ष अदालत का फैसला आने के बाद अयोध्या में अधिकारियों-नेताओं व उनके रिश्तेदारों ने बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदी हैं। करोड़ों की ये जमीनें औने-पौने दाम पर खरीदी गई हैं। इसका खुलासा होने के बाद योगी सरकार ने इसकी जांच कराने का फैसला किया है।
विज्ञापन


अफसरों-नेताओं के रिश्तेदारों ने कौड़ियों में खरीदी करोड़ों की जमीन
राममंदिर पर सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के तुरंत बाद अयोध्या की जमीन भी सोना उगलने लगी। जिस जमीन को कोई पूछने वाला नहीं था उसे अयोध्या में तैनात रहे अधिकारियों और स्थानीय नेताओं ने औने-पौने खरीद लिया। अब इसी जमीन पर नव्य अयोध्या विकसित की जानी है। स्पष्ट है कि जब यह नगरी वैश्विक पर्यटन का केंद्र बनेगी तो कौड़ियों के भाव खरीद गई यही जमीन मुंह मांगी कीमत दिलाएगी। यह वही अयोध्या है जहां फैसला आने के पहले कोई अफसर जाना भी पसंद नहीं करता था। इस बीच कहा जा रहा है अभी कई अफसर और जमीन का सौदा करने के लिए लाइन में हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट से नौ नवंबर 2019 को राममंदिर के हक में फैसला आया। इस आदेश के बाद व राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही अयोध्या की जमीनों के दाम आसमान छूने लगे। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी करीब 70 एकड़ जमीन रामजन्मभूमि परिसर के विस्तार के क्रम में खरीदी है। जमीन खरीदने को लेकर ट्रस्ट विवाद में भी घिरा था। इसके बाद तो जैसे जमीन खरीद के लिए होड़ सी लग गई। जमीन खरीद में अयोध्या में तैनात अफसरों व नेताओं की प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से संलिप्तता भी सामने आने लगी है।

अयोध्या में पिछले दो वर्षों में तैनात रहे भारतीय व प्रांतीय सेवा के अफसरों और नेताओं ने अपने रिश्तेदारों, परिजनों के नाम पर जमीन खरीदी है। अपने रिश्तेदारों व परिजनों के लिए जमीन खरीदने वालों में कमिश्नर से लेकर डीआईजी व डीएम तक शामिल रहे तो कई नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। सीओ, राजस्व विभाग के अधिकारियों सहित विधायक व महापौर का नाम भी जमीन खरीदने में आया है।

 

राजस्व मामलों के जानकार वरिष्ठ अधिवक्ता गणेश दत्त पांडेय कहते हैं कि यदि राजस्व के नियमों का उल्लंघन करते हुए या गैर कानूनी ढंग से जमीन खरीदी गई है तो इस पर अपराध बनता है, लेकिन यदि कानूनी रूप से नियमों का पालन करते हुए जमीन खरीदी गई है तो कोई अपराध नहीं बनता है। अफसर, नेता के जमीन खरीदने पर कहीं कोई रोक तो है नहीं, इसलिए इसको मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।

भारतीय किसान यूनियन के नेता शिव प्रसाद पांडेय कहते हैं कि यदि बड़े-बड़े लोग नेता, अफसर, बिजनेसमैन आदि अयोध्या आकर जमीन खरीद रहे हैं तो इसमें क्या बुराई है। यह तो विकास व तरक्की का ही संकेत है। इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। किसानों की जो जमीन कौड़ियों के भाव बिकती थी, आज वही जमीन लाखों में बिक रही है। किसान का तो लाभ ही हो रहा है।

 

एमपी अग्रवाल अयोध्या के मंडलायुक्त हैं। इनके ससुर केशव प्रसाद अग्रवाल ने 10 दिसंबर, 2020 को बरहटा मांझा में महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट से 31 लाख रुपये में 2530 वर्गमीटर जमीन खरीदी। उनके बहनोई आनंद वर्धन ने उसी दिन उसी गांव में 15.50 लाख में 1260 वर्ग मीटर जमीन खरीदी।

अयोध्या के डीआईजी रहे दीपक कुमार जो अब अलीगढ़ के डीआईजी हैं। इनकी पत्नी की बहन महिमा ठाकुर ने एक सितंबर 2021 को बरहटा मांझा में 1020 वर्गमीटर जमीन 19.75 लाख में खरीदी है।

गोसाईगंज के विधायक इंद्रप्रताप तिवारी ने 18 नवंबर 2019 को बरहटा मांझा में 2593 वर्गमीटर जमीन 30 लाख में खरीदी। उनके बहनोई राजेश मिश्रा ने राघवाचार्य के साथ मिलकर 16 मार्च 2021 को बरहटा मांझा में ही 6320 वर्गमीटर जमीन 47.40 लाख रुपये में खरीदी है।

अयोध्या के मुख्य राजस्व अधिकारी रहे पुरूषोत्तम दास गुप्ता जो अब गोरखपुर में एडीएम हैं। उनके साले अतुल गुप्ता की पत्नी तृप्ति गुप्ता ने अमरजीत यादव नाम के एक व्यक्ति के साथ साझेदारी में 12 अक्तूबर 2021 को बरहटा मांझा में 1130 वर्ग मीटर जमीन 21.88 लाख में खरीदी।

अयोध्या विधायक वेदप्रकाश गुप्ता के भतीजे तरूण मित्तल ने 21 नवंबर 2019 को बरहटा मांझा में 5174 वर्ग मीटर जमीन 1.15 करोड़ रुपये में खरीदा है।

पूर्व आईएएस अधिकारी उमाधर द्विवेदी जो कि सेवानिवृत्त हो चुके हैं उन्होंने बरहटा मांझा में 23 अक्तूबर 2021 को 39.04 लाख रुपये में 1680 वर्ग मीटर जमीन खरीदी।

अयोध्या नगर निगम के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने अयोध्या फैसले से दो महीने पहले 18 सितंबर 2019 को हरीश कुमार से 30 लाख रुपये में 1480 वर्गमीटर जमीन खरीदी।

अयोध्या के पूर्व एसडीएम आयुष चौधरी की चचेरी बहन शोभिता रानी ने अयोध्या के बिरौली में 5350 वर्ग मीटर जमीन को 17.66 लाख रुपये में 28 मई 2020 को खरीदी।

पूर्व जिलाधिकारी अयोध्या अनुज कुमार झा के खास रिश्तेदार भागलपुर निवासी संगम झा द्वारा 0.379 हेक्टेयर भूमि मांझा बरहटा में 11 नवंबर 2020 को खरीदी गई।

मुरादाबाद के मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह के पिता महेंद्र सिंह द्वारा राजेपुर मांझा में 0.537 हेक्टेयर भूमि 28 जनवरी 2021 को खरीदी गई है।
वर्जन

इसको लेकर कोई जानकारी नहीं है, कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। यदि गैरकानूनी रूप से जमीन खरीदने की शिकायत आती है तो जांच की जाएगी, ऐसी कोई शिकायत अभी नहीं आई है। -नितीश कुमार, जिलाधिकारी, अयोध्या

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed