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अब तक छह मीटर हो चुकी है श्रीराम मंदिर के नींव की खोदाई
Sun, 31 Jan 2021 02:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
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Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2021 02:34 AM IST
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अयोध्या-राममंदिर का मॉडल
- फोटो : FAIZABAD
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राममंदिर की नींव के लिए खोदाई का काम तेजी से चल रहा है। बुनियाद का काम शुरू होने से पहले करीब 15 मीटर गहराई तक जमे मलबे को हटाने के लिए खोदाई की जा रही है। अब तक 6 मीटर गहराई तक नींव खोदाई का काम पूरा कर लिया गया है। नींव खोदाई के लिए एलएंडटी ने 60 से 70 दिन का समय मांगा है। इस बीच राममंदिर की फाइनल डिजाइन तैयार करने में विशेषज्ञों की टीम जुटी है, 15 फरवरी तक नींव की फाइनल डिजाइन आ जाएगी।
विगत 21 जनवरी को राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र व ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा राममंदिर के गर्भगृह स्थल पर पूजन के बाद नींव खोदाई का काम प्रारंभ किया गया था। इसके लिए छह मशीनें लगाई गई हैं। दस दिनों के भीतर करीब छह मीटर गहराई तक नींव खोदी जा चुकी है। उधर कई संस्थाओं के तकनीकी इंजीनियर राममंदिर के नींव की फाइनल डिजाइन तैयार करने में जुटे हैं। विगत 21 व 22 जनवरी को अयोध्या में हुुई राममंदिर निर्माण समिति की बैठक में इंजीनियरों ने जो ड्राइंग व डिजाइन प्रस्तुत की थी। उसमें राममंदिर की ड्राइंग तो फाइनल हो गई लेकिन नींव की डिजाइन पर सहमति नहीं बन पाई थी।
टाटा व एलएंडटी के इंजीनियरों ने इसके लिए 15 दिन का समय मांगा था। श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि राममंदिर की नींव खोदाई का काम तेजी से चल रहा है। अब तक लगभग 6 मीटर गहराई तक नींव की खोदाई की जा चुकी है। चूंकि नींव में गहराई तक मलबा जमा है इसलिए बुनियाद का काम शुरू करने से पहले मलबा हटाना जरूरी है।
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खोदाई कार्य पूरी होने के बाद एक बार फिर एनजीआरआई हैदराबाद के विशेषज्ञों की टीम मिट्टी की जांच करेगी और नेचुरल मिट्टी मिलते ही नींव का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दूसरी तरफ रामजन्मभूमि परिसर के जर्जर भवनों व मंदिरों को ढहाने का काम भी लगभग समाप्त हो गया है। जो भवन ढहाए गए हैं उनका मलबा हटाया जा रहा है।
अयोध्या। राममंदिर निर्माण के लिए मकर संक्रांति से चल रहे निधि समर्पण अभियान में पूरे देश से अब तक 250 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। हर वर्ग के लोग राममंदिर निर्माण के लिए अपना योगदान दे रहे हैं। निधि समर्पण अभियान को लेकर पूरे देश में उत्साह है। इसी का नतीजा है कि विगत 15 दिनों के भीतर 250 करोड़ की निधि सहयोग के रूप में प्राप्त हो चुकी है।
राममंदिर निर्माण के लिए चलाए जा रहे निधि समर्पण अभियान के पहले चरण में विशिष्ट जनों से सहयोग लिया जा रहा है। 29 जनवरी तक निधि समर्पण से एकत्र 250 करोड़ रुपये स्टेट बैंक में जमा कराए जा चुके हैं। श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि समाज के सभी क्षेत्रों से मंदिर निर्माण के लिए स्वैच्छिक योगदान हो रहा है। पहले चरण में अभी 31 जनवरी तक समाज के विशिष्ट लोगों से सहयोग लिया जा रहा है। निधि समर्पण अभियान के बाद भी भक्त ऑनलाइन या सीधे ट्रस्ट कार्यालय को अपना सहयोग भेज सकेंगे।
ट्रस्ट कार्यालय प्रभारी ने बताया कि निधि समर्पण अभियान के दूूसरे चरण में एक फरवरी से डोर-टू-डोर सहयोग लिया जाएगा। संघ व विहिप के कार्यकर्ता घर-घर जाकर 10,100 व 1000 के कूपन के जरिए रामभक्तों का सहयोग लेंगे। जो एक हजार से अधिक का सहयोग देगा उन्हें अलग से रसीद दी जाएगी। घर-घर संपर्क के लिए करीब चार सौ टोलियां बनाई गई हैं।
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विगत 21 जनवरी को राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र व ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा राममंदिर के गर्भगृह स्थल पर पूजन के बाद नींव खोदाई का काम प्रारंभ किया गया था। इसके लिए छह मशीनें लगाई गई हैं। दस दिनों के भीतर करीब छह मीटर गहराई तक नींव खोदी जा चुकी है। उधर कई संस्थाओं के तकनीकी इंजीनियर राममंदिर के नींव की फाइनल डिजाइन तैयार करने में जुटे हैं। विगत 21 व 22 जनवरी को अयोध्या में हुुई राममंदिर निर्माण समिति की बैठक में इंजीनियरों ने जो ड्राइंग व डिजाइन प्रस्तुत की थी। उसमें राममंदिर की ड्राइंग तो फाइनल हो गई लेकिन नींव की डिजाइन पर सहमति नहीं बन पाई थी।
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टाटा व एलएंडटी के इंजीनियरों ने इसके लिए 15 दिन का समय मांगा था। श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि राममंदिर की नींव खोदाई का काम तेजी से चल रहा है। अब तक लगभग 6 मीटर गहराई तक नींव की खोदाई की जा चुकी है। चूंकि नींव में गहराई तक मलबा जमा है इसलिए बुनियाद का काम शुरू करने से पहले मलबा हटाना जरूरी है।
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खोदाई कार्य पूरी होने के बाद एक बार फिर एनजीआरआई हैदराबाद के विशेषज्ञों की टीम मिट्टी की जांच करेगी और नेचुरल मिट्टी मिलते ही नींव का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दूसरी तरफ रामजन्मभूमि परिसर के जर्जर भवनों व मंदिरों को ढहाने का काम भी लगभग समाप्त हो गया है। जो भवन ढहाए गए हैं उनका मलबा हटाया जा रहा है।
अयोध्या। राममंदिर निर्माण के लिए मकर संक्रांति से चल रहे निधि समर्पण अभियान में पूरे देश से अब तक 250 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। हर वर्ग के लोग राममंदिर निर्माण के लिए अपना योगदान दे रहे हैं। निधि समर्पण अभियान को लेकर पूरे देश में उत्साह है। इसी का नतीजा है कि विगत 15 दिनों के भीतर 250 करोड़ की निधि सहयोग के रूप में प्राप्त हो चुकी है।
राममंदिर निर्माण के लिए चलाए जा रहे निधि समर्पण अभियान के पहले चरण में विशिष्ट जनों से सहयोग लिया जा रहा है। 29 जनवरी तक निधि समर्पण से एकत्र 250 करोड़ रुपये स्टेट बैंक में जमा कराए जा चुके हैं। श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि समाज के सभी क्षेत्रों से मंदिर निर्माण के लिए स्वैच्छिक योगदान हो रहा है। पहले चरण में अभी 31 जनवरी तक समाज के विशिष्ट लोगों से सहयोग लिया जा रहा है। निधि समर्पण अभियान के बाद भी भक्त ऑनलाइन या सीधे ट्रस्ट कार्यालय को अपना सहयोग भेज सकेंगे।
ट्रस्ट कार्यालय प्रभारी ने बताया कि निधि समर्पण अभियान के दूूसरे चरण में एक फरवरी से डोर-टू-डोर सहयोग लिया जाएगा। संघ व विहिप के कार्यकर्ता घर-घर जाकर 10,100 व 1000 के कूपन के जरिए रामभक्तों का सहयोग लेंगे। जो एक हजार से अधिक का सहयोग देगा उन्हें अलग से रसीद दी जाएगी। घर-घर संपर्क के लिए करीब चार सौ टोलियां बनाई गई हैं।