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जुलाई तक कागजों में उतार लेंगे भव्य अयोध्या
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अयोध्या-रामनगरी का विहंगम दृश्य
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। रामनगरी को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित करने का प्लान जुलाई माह में तैयार हो जाएगा। इसकी तैयारियां अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से की जा रही हैं। अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फरवरी के दूसरे सप्ताह में संस्था का चयन कर लिया जाएगा। इसके बाद चयनित संस्था के सहयोग से अयोध्या के 84 कोस को विश्वस्तरीय पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।
अयोध्या के 84 कोस को विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला पर्यटन केंद्र बनाने के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण ने ड्रडिंग मैप तैयार किया है। इसमें प्राधिकरण विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम के सहयोग से प्लान तैयार कराएगा। इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण ने शासन से मंजूरी ले ली है। मौजूदा समय में विश्वस्तरीय कसंलटेंट टीम के चयन की प्रक्रिया चल रही है। शासन की मंजूरी के बाद अब विश्वस्तरीय कसंलटेंट टीम की चयन प्रक्रिया रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के माध्यम से ली जानी है। इसमें प्री विड मीटिंग संपन्न हो चुकी है। इसमें देश- विदेश की एक दर्जन के लगभग संस्थाओं ने अयोध्या का प्लान बनाने की इच्छा जताई है। 13 जनवरी को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल की प्रकाशन तिथि है।
इसके तकनीक प्रस्ताव खुलने की अंतिम तिथि पांच फरवरी है। इन तमाम प्रक्रियाओं के बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण फरवरी के दूसरे सप्ताह तक विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम का चयन कर लेगा। इसके बाद 84 कोस का विश्वस्तरीय प्लान बनाने की प्रक्रिया शुरू करेगी। जैसा कि नियत है कि पहले चरण में अयोध्या विकास प्राधिकरण के पुराने क्षेत्रफल 133 किमी. का प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा। इसकी नियत तिथि दो माह है। इसके बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण नए विकास क्षेत्र व अयोध्या के 84 कोस का विश्वस्तरीय प्लान तैयार कराएगा। इस पूरे प्लान को बनने में छह माह का समय लगेगा। इसके बाद शासन की अनुमति व बजट आवंटन के बाद नई अयोध्या को विश्वस्तरीय मानक पर विकसित किया जा सकेगा।
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अयोध्या को विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला शहर बनाने के लिए पहले ईओआई के माध्यम से संस्था के चयन की प्रक्रिया होनी थी। बाद में अयोध्या विकास प्राधिकरण ने इस प्रक्रिया को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के माध्यम से कराने की ठानी। इसके लिए विकास प्राधिकरण ने परिचालन के माध्यम से बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित कराकर शासन को भेजा। शासन की ओर से इस प्रस्ताव पर मंजूरी मिल चुकी है। इस प्रस्ताव के पास हो जाने से अब अयोध्या के 84 कोस का प्लान बनाने में कम से कम दो माह का समय बचेगा। इससे उम्मीद है यह प्लान छह माह में अब बनकर तैयार हो जाएगा।
अयोध्या में अमृत योजना के तहत बन रहे मास्टर प्लान 2031 का संयुक्त डेटा अब तक नहीं आ सका है। जीआईएस बेस पर बन रहे मास्टर प्लान में एक निजी कंपनी ने शहर का सर्वे कर 1600 शीटों में डेटा को कलेक्ट किया है। इनको सम्मिलित कर एक डेटा शीट तैयार करने के लिए हैदराबाद एनआईसी को भेजा गया है। एक माह का समय बीत जाने के बाद भी अब तक यह शीट बनकर वापस नहीं आ सकी है। इससे मास्टर प्लान 2031 बनाने का कार्य रुका हुआ है। टाउन प्लानिंग विभाग का कहना है कि डेटा शीट आने के बाद मास्टर प्लान बनाने का कार्य शुरू होगा।
अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्लान बनाने की प्रक्रिया चल रही है। विश्वस्तरीय कसंलटेंट टीम का चयन किया जाना है। उम्मीद है फरवरी माह के दूसरे सप्ताह तक चयन कर लिया जाएगा। इसके बाद प्लान तैयार किया जाएगा। छह माह में प्लान बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
- विशाल सिंह, वीसी, अयोध्या विकास प्राधिकरण
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अयोध्या के 84 कोस को विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला पर्यटन केंद्र बनाने के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण ने ड्रडिंग मैप तैयार किया है। इसमें प्राधिकरण विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम के सहयोग से प्लान तैयार कराएगा। इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण ने शासन से मंजूरी ले ली है। मौजूदा समय में विश्वस्तरीय कसंलटेंट टीम के चयन की प्रक्रिया चल रही है। शासन की मंजूरी के बाद अब विश्वस्तरीय कसंलटेंट टीम की चयन प्रक्रिया रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के माध्यम से ली जानी है। इसमें प्री विड मीटिंग संपन्न हो चुकी है। इसमें देश- विदेश की एक दर्जन के लगभग संस्थाओं ने अयोध्या का प्लान बनाने की इच्छा जताई है। 13 जनवरी को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल की प्रकाशन तिथि है।
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इसके तकनीक प्रस्ताव खुलने की अंतिम तिथि पांच फरवरी है। इन तमाम प्रक्रियाओं के बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण फरवरी के दूसरे सप्ताह तक विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम का चयन कर लेगा। इसके बाद 84 कोस का विश्वस्तरीय प्लान बनाने की प्रक्रिया शुरू करेगी। जैसा कि नियत है कि पहले चरण में अयोध्या विकास प्राधिकरण के पुराने क्षेत्रफल 133 किमी. का प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा। इसकी नियत तिथि दो माह है। इसके बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण नए विकास क्षेत्र व अयोध्या के 84 कोस का विश्वस्तरीय प्लान तैयार कराएगा। इस पूरे प्लान को बनने में छह माह का समय लगेगा। इसके बाद शासन की अनुमति व बजट आवंटन के बाद नई अयोध्या को विश्वस्तरीय मानक पर विकसित किया जा सकेगा।
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अयोध्या को विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला शहर बनाने के लिए पहले ईओआई के माध्यम से संस्था के चयन की प्रक्रिया होनी थी। बाद में अयोध्या विकास प्राधिकरण ने इस प्रक्रिया को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के माध्यम से कराने की ठानी। इसके लिए विकास प्राधिकरण ने परिचालन के माध्यम से बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित कराकर शासन को भेजा। शासन की ओर से इस प्रस्ताव पर मंजूरी मिल चुकी है। इस प्रस्ताव के पास हो जाने से अब अयोध्या के 84 कोस का प्लान बनाने में कम से कम दो माह का समय बचेगा। इससे उम्मीद है यह प्लान छह माह में अब बनकर तैयार हो जाएगा।
अयोध्या में अमृत योजना के तहत बन रहे मास्टर प्लान 2031 का संयुक्त डेटा अब तक नहीं आ सका है। जीआईएस बेस पर बन रहे मास्टर प्लान में एक निजी कंपनी ने शहर का सर्वे कर 1600 शीटों में डेटा को कलेक्ट किया है। इनको सम्मिलित कर एक डेटा शीट तैयार करने के लिए हैदराबाद एनआईसी को भेजा गया है। एक माह का समय बीत जाने के बाद भी अब तक यह शीट बनकर वापस नहीं आ सकी है। इससे मास्टर प्लान 2031 बनाने का कार्य रुका हुआ है। टाउन प्लानिंग विभाग का कहना है कि डेटा शीट आने के बाद मास्टर प्लान बनाने का कार्य शुरू होगा।
अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्लान बनाने की प्रक्रिया चल रही है। विश्वस्तरीय कसंलटेंट टीम का चयन किया जाना है। उम्मीद है फरवरी माह के दूसरे सप्ताह तक चयन कर लिया जाएगा। इसके बाद प्लान तैयार किया जाएगा। छह माह में प्लान बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
- विशाल सिंह, वीसी, अयोध्या विकास प्राधिकरण