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जीर्णोद्धार के लिए पौराणिक त्रिलोदकी गंगा की खोज शुरू
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सोहावल। पवित्र नदियों को जोड़ने के लिए सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए विलुप्त प्राय त्रिलोदकी गंगा (तिलैया) की खोज शुरू हो गई है। इसके लिए राजस्व विभाग की टीम बनाकर आधा दर्जन से ज्यादा ग्राम पंचायतों में राजस्व कर्मी पैमाइश में लगा दिए गए हैं।
जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के निर्देश पर तहसील के राजस्व विभाग में हलचल है। सोहावल के जिन ग्राम पंचायतों को छूकर निकल रही इस त्रिलोदकी नदी से जुड़ी ग्राम पंचायतों को खंगाला जा रहा है। इसके अस्तित्व को पुनर्जीवित करने के लिए राजस्व विभाग के क्षेत्रीय लेखपाल लगा दिए गए हैं जो अभिलेखों में दर्ज नंबरों के मुताबिक सीमांकन के लिए पड़ताल में लगे हैं।
वर्षों से तिलैया नाले के रूप में ग्रामीणों के बीच पहचान रखने वाली इस पौराणिक त्रिलोदकी गंगा की खोज के दौरान सोहावल के गौरा बभनान से निकली नदी का संपर्क अरथर, पंडितपुर, मोइयाकपूरपुर, कोला की समदा झील भिखारीपुर, जलालाबाद होते हुए बनबीरपुर की सीमा तक खोजी जा रही है। तहसीलदार प्रमेश कुमार ने बताया कि अभिलेखों में दर्ज जिन ग्राम पंचायतों से होकर त्रिलोदकी गंगा का उल्लेख दिखायी पड़ रहा है, वहां राजस्व की टीम भेजकर चिन्हांकन कराने की तैयारी चल रही है।
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बताया गया कि यह नदी सोहावल तहसील क्षेत्र से निकलकर सदर तहसील के कई क्षेत्रों से होते हुए अतीत में अयोध्या के यज्ञवेदी के पास निकलकर सरयू से संगम करती थी। अब इस पर कई स्थानों पर अतिक्रमण कर की चर्चा है। सदर तहसील क्षेत्र में भी इसकी खोज शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी के सीधे हस्तक्षेप के चलते कार्रवाई शुरू हुई है। यह कई स्थानों पर नाला और बाहा के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर दी गई है। जिलाधिकारी ने जिला विकास एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में इसके जीर्णोद्धार करने के लिए प्लान बनाने का निर्देश दिया था। प्लान बनाने की जिम्मेदारी परियोजना निदेशक कमलेश कुमार सोनी को सौंपी गई है।
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जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के निर्देश पर तहसील के राजस्व विभाग में हलचल है। सोहावल के जिन ग्राम पंचायतों को छूकर निकल रही इस त्रिलोदकी नदी से जुड़ी ग्राम पंचायतों को खंगाला जा रहा है। इसके अस्तित्व को पुनर्जीवित करने के लिए राजस्व विभाग के क्षेत्रीय लेखपाल लगा दिए गए हैं जो अभिलेखों में दर्ज नंबरों के मुताबिक सीमांकन के लिए पड़ताल में लगे हैं।
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वर्षों से तिलैया नाले के रूप में ग्रामीणों के बीच पहचान रखने वाली इस पौराणिक त्रिलोदकी गंगा की खोज के दौरान सोहावल के गौरा बभनान से निकली नदी का संपर्क अरथर, पंडितपुर, मोइयाकपूरपुर, कोला की समदा झील भिखारीपुर, जलालाबाद होते हुए बनबीरपुर की सीमा तक खोजी जा रही है। तहसीलदार प्रमेश कुमार ने बताया कि अभिलेखों में दर्ज जिन ग्राम पंचायतों से होकर त्रिलोदकी गंगा का उल्लेख दिखायी पड़ रहा है, वहां राजस्व की टीम भेजकर चिन्हांकन कराने की तैयारी चल रही है।
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बताया गया कि यह नदी सोहावल तहसील क्षेत्र से निकलकर सदर तहसील के कई क्षेत्रों से होते हुए अतीत में अयोध्या के यज्ञवेदी के पास निकलकर सरयू से संगम करती थी। अब इस पर कई स्थानों पर अतिक्रमण कर की चर्चा है। सदर तहसील क्षेत्र में भी इसकी खोज शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी के सीधे हस्तक्षेप के चलते कार्रवाई शुरू हुई है। यह कई स्थानों पर नाला और बाहा के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर दी गई है। जिलाधिकारी ने जिला विकास एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में इसके जीर्णोद्धार करने के लिए प्लान बनाने का निर्देश दिया था। प्लान बनाने की जिम्मेदारी परियोजना निदेशक कमलेश कुमार सोनी को सौंपी गई है।