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सुनहरी शकरकंद से होती विटामिन ए की कमी दूर
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अयोध्या। सुनहरी शकरकंद से विटीमल ए की कमी को दूर किया जा सकता है। इसलिए नाबार्ड ने इसके उत्पादन को बढ़ाने का प्रयास शुरू किया है। इससे बनने वाले खाद्य उत्पादों को लेकर जीजीआईसी सलोनियां में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिले के सोहावल विकासखंड में नाबार्ड से प्रायोजित सुनहरी शकरकंद की कृषि परियोजना चलाई जा रही है। सुनहरी शकरकंद, शकरकंद की अफ्रीकी प्रजाति है जिसमें विटामिन ए की प्रचुर मात्रा होती है। इसके सेवन से आंखों से संबंधित रोगों से बचा जा सकता है। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक परमेश्वर लाल पोद्दार ने बताया कि सुनहरी शकरकंद की खेती के लिए स्थानीय किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस खेती को कांटे और पिनावा गॉंव के पचास किसानों द्वारा किया जा रहा है।
सुनहरी शकरकंद से बनने वाले खाद्य उत्पादों के लिए स्थानीय राजकीय बालिका इंटर कालेज सलोनिया में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें गृह विज्ञान विषय की बालिकाओं के बीच सुनहरी शकरकंद से बनने वाले सभी उत्पादों के बारे में जानकारी दी गई। परियोजना को नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से पार्टिसीपेटरी रुरल डेवलपमेंट फाउंडेशन के डा. आरसी चौधरी द्वारा चलाया जा रहा है।
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जिले के सोहावल विकासखंड में नाबार्ड से प्रायोजित सुनहरी शकरकंद की कृषि परियोजना चलाई जा रही है। सुनहरी शकरकंद, शकरकंद की अफ्रीकी प्रजाति है जिसमें विटामिन ए की प्रचुर मात्रा होती है। इसके सेवन से आंखों से संबंधित रोगों से बचा जा सकता है। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक परमेश्वर लाल पोद्दार ने बताया कि सुनहरी शकरकंद की खेती के लिए स्थानीय किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस खेती को कांटे और पिनावा गॉंव के पचास किसानों द्वारा किया जा रहा है।
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सुनहरी शकरकंद से बनने वाले खाद्य उत्पादों के लिए स्थानीय राजकीय बालिका इंटर कालेज सलोनिया में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें गृह विज्ञान विषय की बालिकाओं के बीच सुनहरी शकरकंद से बनने वाले सभी उत्पादों के बारे में जानकारी दी गई। परियोजना को नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से पार्टिसीपेटरी रुरल डेवलपमेंट फाउंडेशन के डा. आरसी चौधरी द्वारा चलाया जा रहा है।
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