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बदलने लगा गांवों का मिजाज, चढ़ने लगा चुनाव का रंग
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भेलसर। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की अधिसूचना जारी कर दी है। गांव की सरकार चुनने की तैयारी का बिगुल बज गया है। हालांकि कोरोना काल की वजह से अभी चुनाव की तारीखें घोषित नहीं हुईं हैं।
यह तय माना जा रहा है कि 2021 में पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। पहली अक्तूबर से शुरू होने वाले मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में ग्राम पंचायतों के रहने वाले 18 वर्ष आयु पूरी कर चुके युवा वोटर बन सकेंगे।
त्रिस्तरीय पंचायत के प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य पदों का कार्यकाल 25 दिसंबर में खत्म हो रहा है। वैसे तो पंचायतों में नए पंचवर्षीय गठन के लिए सभी पदों के लिए चुनाव अक्तूबर में होने थे। लेकिन कोरोना महामारी की वजह से अभी तक पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू नहीं हो सकी हैं।
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ऐसे में पंचायतों में प्रधान, बीडीसी, डीडीसी पदों का कार्यकाल छह माह के लिए बढ़ सकता है। उधर, राज्य निर्वाचन आयोग ने भी पंचायतों में चुनाव कराने को तैयारियां शुरू कर दी। चुनावी कार्यक्रम की अधिसूचना जारी होने से पहले ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियों का अपडेशन किया जाना है। इसके लिए आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की अधिसूचना जारी कर दी है।
आयोग के मुताबिक एक अक्तूबर से 12 नवंबर तक गांव के रहने वाले 18 वर्ष आयु पूरी कर चुके युवाओं के नाम वोटर लिस्ट में बढ़ाए जाएंगे। साथ ही मृतक एवं स्थानांतरित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। यह कार्यक्रम जारी होते ही गांवों का मिजाज बदलने लगा है।
गांव की सरकार चुनने को खेत-खलिहान से लेकर होटलों, पान की गुमटियों एवं चौपालों तक चुनावी चर्चे आम हो चले हैं। संभावित उम्मीदवार भी मैदान में उतरकर ताल ठोंकने लगे हैं। मतदाताओं को रिझाने के लिए तरह-तरह के नुस्खे आजमाए जा रहे हैं।
पूर्व व वर्तमान ग्राम प्रधानों ने मतदाताओं को आने-जाने के लिए अपने चौपहिया वाहन देने की फ्री सेवा शुरू कर दी। खेतों की जोताई को ट्रैक्टर-ट्रॉली भी वोटरों की सेवा में लगा दी है। पांच वर्ष के कार्यकाल की समीक्षा के साथ वर्तमान प्रधान की कमियां व अच्छाइयां गिनाई जा रही हैं। हर ओर लोग चुनाव के रंग में रंगे नजर आने लगे हैं।
रुदौली ब्लॉक में 97 ग्राम पंचायतें हैं। सभी पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को पूरा हो रहा है। पर कोरोना संक्रमण के चलते गांवों में नई सरकार चुनने के लिए चुनाव करा पाना संभव नहीं है। ऐसे में ग्राम पंचायतों में इन पदों का कार्यकाल करीब छह माह के लिए बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में गांवों में कामकाज के बेहतर संचालन के लिए इन पदों पर प्रशासक बैठाए जा सकते हैं।
जनसंख्या नियंत्रण के लिए योगी सरकार पंचायत चुुनाव में प्रधानी पद के उम्मीदवारी पर भी प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। मसलन, दो बच्चे से अधिक होने पर संबंधित व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होगा, हालांकि इसे लागू करने के लिए शासन को एक्ट में संशोधन लाना होगा, तभी पंचायत चुनाव में इसे अमल में लाया जा सकेगा।
इस मसले पर सरकार में मंथन चल रहा है, लेकिन अभी तक इस पर सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है कि इसे लागू किया जाएगा, या फिर नहीं।
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यह तय माना जा रहा है कि 2021 में पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। पहली अक्तूबर से शुरू होने वाले मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में ग्राम पंचायतों के रहने वाले 18 वर्ष आयु पूरी कर चुके युवा वोटर बन सकेंगे।
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त्रिस्तरीय पंचायत के प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य पदों का कार्यकाल 25 दिसंबर में खत्म हो रहा है। वैसे तो पंचायतों में नए पंचवर्षीय गठन के लिए सभी पदों के लिए चुनाव अक्तूबर में होने थे। लेकिन कोरोना महामारी की वजह से अभी तक पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू नहीं हो सकी हैं।
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ऐसे में पंचायतों में प्रधान, बीडीसी, डीडीसी पदों का कार्यकाल छह माह के लिए बढ़ सकता है। उधर, राज्य निर्वाचन आयोग ने भी पंचायतों में चुनाव कराने को तैयारियां शुरू कर दी। चुनावी कार्यक्रम की अधिसूचना जारी होने से पहले ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियों का अपडेशन किया जाना है। इसके लिए आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की अधिसूचना जारी कर दी है।
आयोग के मुताबिक एक अक्तूबर से 12 नवंबर तक गांव के रहने वाले 18 वर्ष आयु पूरी कर चुके युवाओं के नाम वोटर लिस्ट में बढ़ाए जाएंगे। साथ ही मृतक एवं स्थानांतरित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। यह कार्यक्रम जारी होते ही गांवों का मिजाज बदलने लगा है।
गांव की सरकार चुनने को खेत-खलिहान से लेकर होटलों, पान की गुमटियों एवं चौपालों तक चुनावी चर्चे आम हो चले हैं। संभावित उम्मीदवार भी मैदान में उतरकर ताल ठोंकने लगे हैं। मतदाताओं को रिझाने के लिए तरह-तरह के नुस्खे आजमाए जा रहे हैं।
पूर्व व वर्तमान ग्राम प्रधानों ने मतदाताओं को आने-जाने के लिए अपने चौपहिया वाहन देने की फ्री सेवा शुरू कर दी। खेतों की जोताई को ट्रैक्टर-ट्रॉली भी वोटरों की सेवा में लगा दी है। पांच वर्ष के कार्यकाल की समीक्षा के साथ वर्तमान प्रधान की कमियां व अच्छाइयां गिनाई जा रही हैं। हर ओर लोग चुनाव के रंग में रंगे नजर आने लगे हैं।
रुदौली ब्लॉक में 97 ग्राम पंचायतें हैं। सभी पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को पूरा हो रहा है। पर कोरोना संक्रमण के चलते गांवों में नई सरकार चुनने के लिए चुनाव करा पाना संभव नहीं है। ऐसे में ग्राम पंचायतों में इन पदों का कार्यकाल करीब छह माह के लिए बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में गांवों में कामकाज के बेहतर संचालन के लिए इन पदों पर प्रशासक बैठाए जा सकते हैं।
जनसंख्या नियंत्रण के लिए योगी सरकार पंचायत चुुनाव में प्रधानी पद के उम्मीदवारी पर भी प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। मसलन, दो बच्चे से अधिक होने पर संबंधित व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होगा, हालांकि इसे लागू करने के लिए शासन को एक्ट में संशोधन लाना होगा, तभी पंचायत चुनाव में इसे अमल में लाया जा सकेगा।
इस मसले पर सरकार में मंथन चल रहा है, लेकिन अभी तक इस पर सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है कि इसे लागू किया जाएगा, या फिर नहीं।